Ephesians · chapter 1 · verse 16
Ephesians 1:16 in Hindi
तुम्हारे लिये धन्यवाद करना नहीं छोड़ता, और अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण किया करता हूं।
Tumhaare liye dhanyavaad karanaa naheem chhodataa, aur apanee praarthanaaom mem tumhem smaran kiyaa karataa hoon.
Ephesians 1:16 in English
- King James Version (KJV)
- Cease not to give thanks for you, making mention of you in my prayers;
- World English Bible (WEB)
- don’t cease to give thanks for you, making mention of you in my prayers,
- American Standard Version (ASV)
- cease not to give thanks for you, making mention [of you] in my prayers;
- Bible in Basic English (BBE)
- Give praise without end for you, keeping you in mind in my prayers;
- Darby Translation (DBY)
- do not cease giving thanks for you, making mention [of you] at my prayers,
- Webster's Bible (WBS)
- Cease not to give thanks for you, making mention of you in my prayers;
- Young's Literal Translation (YLT)
- do not cease giving thanks for you, making mention of you in my prayers,
Read in context
- 14वह उसके मोल लिए हुओं के छुटकारे के लिये हमारी मीरास का बयाना है, कि उस की महिमा की स्तुति हो।।
- 15इस कारण, मैं भी उस विश्वास का समाचार सुनकर जो तुम लोगों में प्रभु यीशु पर है और सब पवित्रा लोगों पर प्रगट है।
- 16तुम्हारे लिये धन्यवाद करना नहीं छोड़ता, और अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण किया करता हूं।
- 17कि हमारे प्रभु यीशु मसीह का परमेश्वर जो महिमा का पिता है, तुम्हें अपनी पहचान में, ज्ञान और प्रकाश का आत्मा दे।
- 18और तुम्हारे मन की आंखें ज्योतिर्मय हों कि तुम जान लो कि उसके बुलाने से कैसी आशा होती है, और पवित्रा लोगों में उस की मीरास की महिमा का धन कैसा है।
Cross references
- Romans 1:8–9 रोमियों 1:8–9पहिले मैं तुम सब के लिये यीशु मसीह के द्वारा अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं, कि तुम्हारे विश्वास की चर्चा सारे जगत में हो रही है। परमेश्वर जिस की सेवा मैं अपनी आत्मा से उसके पुत्रा के सुसमाचार के विषय में करता हूं, वही मेरा गवाह है; कि मैं तुम्हें किस प्रकार लगातार स्मरण करता रहता हूं।
- Colossians 1:9 कुलुस्सियों 1:9इसी लिये जिस दिन से यह सुना है, हम भी तुम्हारे लिये यह प्रार्थना करने और बिनती करने से नहीं चूकते कि तुम सारे आत्मिक ज्ञान और समझ सहित परमेश्वर की इच्छा की पहिचान में परिपूर्ण हो जाओ।
- Colossians 1:3 कुलुस्सियों 1:3हम तुम्हारे लिये नित प्रार्थना करके अपने प्रभु यीशु मसीह के पिता अर्थात् परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं।
- 2 Thessalonians 1:3 2 थिस्सलुनीकियों 1:3हे भाइयो, तुम्हारे विषय में हमें हर समय परमेश्वर का धन्यवाद करना चाहिए, और यह उचित भी है इसलिये कि तुम्हारा विश्वास बहुत बढ़ता जाता है, और तुम सब को प्रेम आपस में बहुत ही होता जाता है।
- 1 Samuel 12:23 1 शमूएल 12:23फिर यह मुझ से दूर हो कि मैं तुम्हारे लिये प्रार्थना करना छोड़कर यहोवा के विरूद्ध पापी ठहरूं; मैं तो तुम्हें अच्छा और सीधा मार्ग दिखाता रहूंगा।
- Philippians 1:3–4 फिलिप्पियों 1:3–4मैं जब जब तुम्हें स्मरण करता हूं, तब तब अपने परमेश्वर का धन्यवाद करता हूं। और जब कभी तुम सब के लिये बिनती करता हूं, तो सदा आनन्द के साथ बिनती करता हूं।
- Isaiah 62:6 यशायाह 62:6हे यरूशलेम, मैं ने तेरी शहरपनाह पर पहरूए बैठाए हैं; वे दिन- रात कभी चुप न रहेंगे। हे यहोवा को स्मरण करनेवालो, चुप न रहो,
- 1 Thessalonians 5:17 1 थिस्सलुनीकियों 5:17निरन्तर प्रार्थना मे लगे रहो।
- 1 Samuel 7:8 1 शमूएल 7:8और इस्राएलियों ने शमूएल से कहा, हमारे लिये हमारे परमेश्वर यहोवा की दोहाई देना न छोड़, जिस से वह हम को पलिश्तियों के हाथ से बचाए।
- 1 Thessalonians 1:2 1 थिस्सलुनीकियों 1:2हम अपनी प्रार्थनाओं में तुम्हें स्मरण करते और सदा तुम सब के विषय में परमेश्वर का धन्यवाद करते हैं।
- Genesis 40:14 उत्पत्ति 40:14सो जब तेरा भला हो जाए तब मुझे स्मरण करना, और मुझ पर कृपा करके, फिरौन से मेरी चर्चा चलाना, और इस घर से मुझे छुड़वा देना।