Romans · chapter 10 · verse 6
Romans 10:6 in Hindi
परन्तु जो धार्मिकता विश्वास से है, वह यों कहती है, कि तू अपने मन में यह न कहना कि स्वर्ग पर कौन चढ़ेगा? (अर्थात् मसीह को उतार लाने के लिये!)
Parantu jo dhaarmikataa vishvaas se hai, vah yom kahatee hai, ki too apane man mem yah na kahanaa ki svarg par kaun chadhegaa? (arthaat maseeh ko utaar laane ke liye!)
Romans 10:6 in English
- King James Version (KJV)
- But the righteousness which is of faith speaketh on this wise, Say not in thine heart, Who shall ascend into heaven? (that is, to bring Christ down [from above]:)
- World English Bible (WEB)
- But the righteousness which is of faith says this, “Don’t say in your heart, ‘Who will ascend into heaven?’ (that is, to bring Christ down);
- American Standard Version (ASV)
- But the righteousness which is of faith saith thus, Say not in thy heart, Who shall ascend into heaven? (that is, to bring Christ down:)
- Bible in Basic English (BBE)
- But the righteousness which is of faith says these words, Say not in your heart, Who will go up to heaven? (that is, to make Christ come down:)
- Darby Translation (DBY)
- But the righteousness of faith speaks thus: Do not say in thine heart, Who shall ascend to the heavens? that is, to bring Christ down;
- Webster's Bible (WBS)
- But the righteousness which is by faith speaketh on this wise, Say not in thy heart, Who shall ascend into heaven? (that is, to bring Christ down.)
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the righteousness of faith doth thus speak: 'Thou mayest not say in thine heart, Who shall go up to the heaven,' that is, Christ to bring down?
Read in context
- 4क्योंकि हर एक विश्वास करनेवाले के लिये धार्मिकता के निमित्त मसीह व्यवस्था का अन्त है।
- 5क्योंकि मूसा ने यह लिखा है, कि जो मनुष्य उस धार्मिकता पर जो व्यवस्था से है, चलता है, वह इसी कारण जीवित रहेगा।
- 6परन्तु जो धार्मिकता विश्वास से है, वह यों कहती है, कि तू अपने मन में यह न कहना कि स्वर्ग पर कौन चढ़ेगा? (अर्थात् मसीह को उतार लाने के लिये!)
- 7या गहिराव में कौन उतरेगा? (अर्थात् मसीह को मरे हुओं में से जिलाकर ऊपर लाने के लिये!)
- 8परन्तु क्या कहती है? यह, कि वचन तेरे निकट है, तेरे मुंह में और तेरे मन में है; यह वही विश्वास का वचन है, जो हम प्रचार करते हैं।
Cross references
- Deuteronomy 30:11–14 व्यवस्थाविवरण 30:11–14देखो, यह जो आज्ञा मैं आज तुझे सुनाता हूं, वह न तो तेरे लिये अनोखी, और न दूर है। और न तो यह आकाश में है, कि तू कहे, कि कौन हमारे लिये आकाश में चढ़कर उसे हमारे पास ले आए, और हम को सुनाए कि हम उसे मानें? और न यह समुद्र पार है, कि तू कहे, कौन हमारे लिये समुद्र पार जाए, और उसे हमारे पास ले आए, और हम को सुनाए कि हम उसे मानें? परन्तु यह वचन तेरे बहुत निकट, वरन तेरे मुंह और मन ही में है ताकि तू इस पर चले।।
- Proverbs 30:4 नीतिवचन 30:4कौन स्वर्ग में चढ़कर फिर उतर अया? किस ने वायु को अपनी मुट्ठी में बटोर रखा है? किस ने महासागर को अपने वस्त्रा में बान्ध लिया है? किस ने पृथ्वी के सिवनों को ठहराया है? उसका नाम क्या है? और उसके पुत्रा का नाम क्या है? यदि तू जानता हो तो बता!
- Ephesians 4:8–10 इफिसियों 4:8–10इसलिये वह कहता है, कि वह ऊंचे पर चढ़ा, और बन्धुवाई को बान्ध ले गया, और मनुष्यों को दान दिए। (उसके चढ़ने से, और क्या पाया जाता है केवल यह, कि वह पृथ्वी की निचली जगहों में उतरा भी था। और जो उतर गया यह वही है जो सारे आकाश के ऊपर चढ़ भी गया, कि सब कुछ परिपूर्ण करे)।
- John 3:12–13 यूहन्ना 3:12–13जब मैं ने तुम से पृथ्वी की बातें कहीं, और तुम प्रतीति नहीं करते, तो यदि मैं तुम से स्वर्ग की बातें कहूं, तो फिर क्योंकर प्रतीति करोगे? और कोई स्वर्ग पर नहीं चढ़ा, केवल वहीं जो स्वर्ग से उतरा, अर्थात् मनुष्य का पुत्रा जो स्वर्ग में है।
- John 6:58 यूहन्ना 6:58जो रोटी स्वर्ग से उतरी यही है, बापदादों के समान नहीं कि खाया, और मर गए: जो कोई यह रोटी खाएगा, वह सर्वदा जीवित रहेगा।
- Romans 9:30–31 रोमियों 9:30–31सो हम क्या कहें? यह कि अन्यजातियों ने जो धार्मिकता की खोज नहीं करते थे, धार्मिकता प्राप्त की अर्थात् उस धार्मिकता को जो विश्वास से है। परन्तु इस्त्राएली; जो धर्म की व्यवस्था की खोज करते हुए उस व्यवस्था तक नहीं पहुंचे।
- Romans 3:22 रोमियों 3:22अर्थात् परमेश्वर की वह धार्मिकता, जो यीशु मसीह पर विश्वास करने से सब विश्वास करनेवालों के लिये है; क्योंकि कुछ भेद नहीं।
- Romans 4:13 रोमियों 4:13क्योंकि यह प्रतिज्ञा कि वह जगत का वारिस होगा, न इब्राहीम को, न उसके वंश को व्यवस्था के द्वारा दी गई थी, परन्तु विश्वास की धार्मिकता के द्वारा मिली।
- Philippians 3:9 फिलिप्पियों 3:9और उस में पाया जाऊं; न कि अपनी उस धार्मिकता के साथ, जो व्यवस्था से है, बरन उस धार्मिकता के साथ जो मसीह पर विश्वास करने के कारण है, और परमेश्वर की ओर से विश्वास करने पर मिलती है।
- John 6:33 यूहन्ना 6:33क्योकि परमेश्वर की रोटी वही है, जो स्वर्ग से उतरकर जगत को जीवन देती है।
- Hebrews 11:7 इब्रानियों 11:7विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चितौनी पाकर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया, और उसके द्वारा उस ने संसार को दोषी ठहराया; और उस धर्म का वारिस हुआ, जो विश्वास से होता है।
- John 6:38 यूहन्ना 6:38क्योंकि मैं अपनी इच्छा नहीं, बरन अपने भेजनेवाले की इच्छा पूरी करने के लिये स्वर्ग से उतरा हूं।
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- righteousness · G1343δικαιοσύνη dikaiosýnē
- of · G1537ἐκ ek
- faith · G4102πίστις pístis
- speaketh · G3004λέγω légō
- wise · G3779οὕτω hoútō
- Say · G2036ἔπω épō
- not · G3361μή mḗ
- in · G1722ἐν en
- thine · G4675σοῦ soû
- heart · G2588καρδία kardía
- Who · G5101τίς tís
- ascend · G305ἀναβαίνω anabaínō
- into · G1519εἰς eis
- heaven · G3772οὐρανός ouranós
- that · G5124τοῦτο toûto
- is · G2076ἐστί estí
- bring · G2609κατάγω katágō
- Christ · G5547Χριστός Christós
- down · G2609κατάγω katágō