Romans · chapter 11 · verse 29
Romans 11:29 in Hindi
क्योंकि परमेश्वर अपने बरदानों से, और बुलाहट से कभी पीछे नहीं हटता।
Kyonki parameshvar apane baradaanom se, aur bulaahat se kabhee peechhe naheem hatataa.
Romans 11:29 in English
- King James Version (KJV)
- For the gifts and calling of God [are] without repentance.
- World English Bible (WEB)
- For the gifts and the calling of God are irrevocable.
- American Standard Version (ASV)
- For the gifts and the calling of God are not repented of.
- Bible in Basic English (BBE)
- Because God's selection and his mercies may not be changed.
- Darby Translation (DBY)
- For the gifts and the calling of God [are] not subject to repentance.
- Webster's Bible (WBS)
- For the gifts and calling of God [are] without repentance.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for unrepented of [are] the gifts and the calling of God;
Read in context
- 27और उन के साथ मेरी यही वाचा होगी, जब कि मैं उन के पापों को दूर कर दूंगा।
- 28वे सुसमाचार के भाव से तो तुम्हारे बैरी हैं, परन्तु चुन लिये जाने के भाव से बापदादों के प्यारे हैं।
- 29क्योंकि परमेश्वर अपने बरदानों से, और बुलाहट से कभी पीछे नहीं हटता।
- 30क्योंकि जैसे तुम ने पहिले परमेश्वर की आज्ञा न मानी परन्तु अभी उन के आज्ञा न मानने से तुम पर दया हुई।
- 31वैसे ही उन्हों ने भी अब आज्ञा न मानी कि तुम पर जो दया होती है इस से उन पर भी दया हो।
Cross references
- Numbers 23:19 गिनती 23:19ईश्वर मनुष्य नहीं, कि झूठ बोले, और न वह आदमी है, कि अपनी इच्छा बदले। क्या जो कुछ उस ने कहा उसे न करे? क्या वह वचन देकर उस पूरा न करे?
- Hebrews 7:21 इब्रानियों 7:21(क्योंकि वे तो बिना शपथ याजक ठहराए गए पर यह शपथ के साथ उस की ओर से नियुक्त किया गया जिस ने उसके विषय में कहा, कि प्रभु ने शपथ खाई, और वह उस से फिर ने पछताएगा, कि तू युगानुयुग याजक है)।
- Malachi 3:6 मलाकी 3:6क्योंकि मैं यहोवा बदलता नहीं; इसी कारण, हे याकूब की सन्तान तुम नाश नहीं हुए।
- Romans 8:28 रोमियों 8:28और हम जानते हैं, कि जो लोग परमेश्वर से प्रेम रखते हैं, उन के लिये सब बातें मिलकर भलाई ही को उत्पन्न करती है; अर्थात् उन्हीं के लिये जो उस की इच्छा के अनुसार बुलाए हुए हैं।
- Hosea 13:14 होशे 13:14मैं उसको अधोलोक के वश से छुड़ा लूंगा और मृत्यु से उसको छुटकारा दूंगा। हे मृत्यु, तेरी मारने की शक्ति कहां रही? हे अधोलोक, तेरी नाश करने की शक्ति कहां रहीं? मैं फिर कभी नहीं पछताऊंगा।।