Romans · chapter 15 · verse 2
Romans 15:2 in Hindi
हम में से हर एक अपने पड़ोसी को उस की भलाई के लिये सुधारने के निमित्त प्रसन्न करे।
Ham mem se har ek apane padosee ko us kee bhalaaee ke liye sudhaarane ke nimitt prasann kare.
Romans 15:2 in English
- King James Version (KJV)
- Let every one of us please [his] neighbour for [his] good to edification.
- World English Bible (WEB)
- Let each one of us please his neighbor for that which is good, to be building him up.
- American Standard Version (ASV)
- Let each one of us please his neighbor for that which is good, unto edifying.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let every one of us give pleasure to his neighbour for his good, to make him strong.
- Darby Translation (DBY)
- Let each one of us please his neighbour with a view to what is good, to edification.
- Webster's Bible (WBS)
- Let every one of us please [his] neighbor for [his] good to edification.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for let each one of us please the neighbour for good, unto edification,
Read in context
- 1निदान हम बलवानों को चाहिए, कि निर्बलों की निर्बलताओं को सहें; न कि अपने आप को प्रसन्न करें।
- 2हम में से हर एक अपने पड़ोसी को उस की भलाई के लिये सुधारने के निमित्त प्रसन्न करे।
- 3क्योंकि मसीह ने अपने आप को प्रसन्न नहीं किया, पर जैसा लिखा है, कि तेरे निन्दकों की निन्दा मुझ पर आ पड़ी।
- 4जितनी बातें पहिले से लिखी गईं, वे हमारी ही शिक्षा के लिये लिखी गईं हैं कि हम धीरज और पवित्रा शास्त्रा की शान्ति के द्वारा आशा रखें।
Cross references
- Romans 14:19 रोमियों 14:19इसलिये हम उन बातों का प्रयत्न करें जिनसे मेल मिलाप और एक दूसरे का सुधार हो।
- 1 Corinthians 10:24 1 कुरिन्थियों 10:24कोई अपनी ही भलाई को न ढूंढे, बरन औरों की।
- Philippians 2:4–5 फिलिप्पियों 2:4–5हर एक अपनी ही हित की नहीं, वरन दूसरों की हित की भी चिन्ता करे। जैसा मसीह यीशु का स्वभाव था वैसा ही तुम्हारा भी स्वभाव हो।
- 1 Corinthians 9:19–22 1 कुरिन्थियों 9:19–22क्योंकि सब से स्वतंत्रा होने पर भी मैं ने अपने आप को सब का दास बना दिया है; कि अधिक लोगों को खींच लाऊं। मैं यहूदियों के लिये यहूदी बना कि यहूदियों को खींच लाऊं, जो लोग व्यवस्था के आधीन हैं उन के लिये मैं व्यवस्था के आधीन न होने पर भी व्यवस्था के आधीन बना, कि उन्हें जो व्यवस्था के आधीन हैं, खींच लाऊं। व्यवस्थाहीनों के लिये मैं (जो परमेश्वर की व्यवस्था से हीन नहीं, परन्तु मसीह की व्यवस्था के आधीन हूं) व्यवस्थाहीन सा बना, कि व्यवस्थाहीनों को खींच लाऊं। मैं निर्बलों के लिये निर्बल सा बना, कि निर्बलों को खींच लाऊं, मैं सब मनुष्यों के लिये सब कुछ बना हूं, कि किसी न किसी रीति से कई एक का उद्धार कराऊं।
- 1 Corinthians 13:5 1 कुरिन्थियों 13:5वह अनरीति नहीं चलता, वह अपनी भलाई नहीं चाहता, झुंझलाता नहीं, बुरा नहीं मानता।
- Titus 2:9–10 तीतुस 2:9–10दासों को समझा, कि अपने अपने स्वामी के आधीन रहें, और सब बातों में उन्हें प्रसन्न रखें, और उलटकर जवाब न दें। चोरी चालाकी न करें; पर सब प्रकार से पूरे विश्वासी निकलें, कि वे सब बातों में हमारे उद्धारकर्ता परमेश्वर के उपदेश की शोभा दें।