Romans · chapter 15 · verse 20
Romans 15:20 in Hindi
पर मेरे मन की उमंग यह है, कि जहां जहां मसीह का नाम नहीं लिया गया, वहीं सुसमाचार सुनाऊं; ऐसा न हो, कि जिन्हें उसका सुसमाचार नहीं पहुंचा, वे ही देखेंगे और जिन्हों ने नहीं सुना वे ही समझेंगे।।
Par mere man kee umang yah hai, ki jahaam jahaam maseeh kaa naam naheem liyaa gayaa, vaheem susamaachaar sunaaoom; aisaa na ho, ki jinhem usakaa susamaachaar naheem pahunchaa, ve hee dekhenge aur jinhom ne naheem sunaa ve hee samajhenge..
Romans 15:20 in English
- King James Version (KJV)
- Yea, so have I strived to preach the gospel, not where Christ was named, lest I should build upon another man’s foundation:
- World English Bible (WEB)
- yes, making it my aim to preach the Good News, not where Christ was already named, that I might not build on another’s foundation.
- American Standard Version (ASV)
- yea, making it my aim so to preach the gospel, not where Christ was [already] named, that I might not build upon another man’s foundation;
- Bible in Basic English (BBE)
- Making it my purpose not to take the good news where Christ was named, so that my work might not be resting on that of others;
- Darby Translation (DBY)
- and so aiming to announce the glad tidings, not where Christ has been named, that I might not build upon another's foundation;
- Webster's Bible (WBS)
- And so have I strived to preach the gospel, not where Christ was named, lest I should build upon another man's foundation:
- Young's Literal Translation (YLT)
- and so counting it honour to proclaim good news, not where Christ was named — that upon another's foundation I might not build —
Read in context
- 18क्योंकि उन बातों को छोड़ मुझे और किसी बात के विषय में कहने का हियाव नहीं, जो मसीह ने अन्यजातियों की अधीनता के लिये वचन, और कर्म।
- 19और चिन्हों और अदभुत् कामों की सामर्थ से, और पवित्रा आत्मा की सामर्थ से मेरे ही द्वारा किए: यहां तक कि मैं ने यरूशलेम से लेकर चारों ओर इल्लुरिकुस तक मसीह के सुसमाचार का पूरा पूरा प्रचार किया।
- 20पर मेरे मन की उमंग यह है, कि जहां जहां मसीह का नाम नहीं लिया गया, वहीं सुसमाचार सुनाऊं; ऐसा न हो, कि जिन्हें उसका सुसमाचार नहीं पहुंचा, वे ही देखेंगे और जिन्हों ने नहीं सुना वे ही समझेंगे।।
- 21परन्तु जैसा लिखा है, वैसा ही हो, कि जिन्हें उसका सुसमाचार नहीं पहुंचा, वे ही देखेंगे और जिन्हों ने नहीं सुना वे ही समझेंगे।।
- 22इसी लिये मैं तुम्हारे पास आने से बार बार रूका रहा।
Cross references
- 2 Corinthians 10:13–16 2 कुरिन्थियों 10:13–16हम तो सीमा से बाहर घमण्ड कदापि न करेंगे, परन्तु उसी सीमा तक जो परमेश्वर ने हमारे लिये ठहरा दी है, और उस में तुम भी आ गए हो और उसी के अनुसार घमण्ड भी करेंगे। क्योंकि हम अपनी सीमा से बाहर अपने आप को बढ़ाना नहीं चाहते, जैसे कि तुम तक न पहुंचने की दशा में होता, बरन मसीह का सुसमाचार सुनाते हुए तुम तक पहुंच चुके हैं। और हम सीमा से बाहर औरों के परिश्रम पर घमण्उ नहीं करते; परन्तु हमें आशा है, कि ज्यों ज्यों तुम्हारा विश्वास बढ़ता जाएगा त्यों त्यों हम अपनी सीमा के अनुसार तुम्हारे कारण और भी बढ़ते जाएंगे। कि हम तुम्हारे सिवानों से आगे बढ़कर सुसमाचार सुनाएं, और यह नहीं, कि हम औरों की सीमा के भीतर बने बनाए कामों पर घमण्ड करें।
- 1 Corinthians 3:9–15 1 कुरिन्थियों 3:9–15क्योंकि हम परमेश्वर के सहकर्मी हैं; तुम परमेश्वर की खेती और परमेश्वर की रचना हो। परमेश्वर के उस अनुग्रह के अनुसार, जो मुझै दिया गया, मैं ने बुद्धिमान राजमिद्दी की नाईं नेव डाली, और दूसरा उस पर रस्रा रखता है; परन्तु हर एक मनुष्य चौकस रहे, कि वह उस पर कैसा रस्रा रखता है। क्योंकि उस नेव को छोड़ जो पड़ी है, और वह यीशु मसीह है कोई दूसरी नेव नहीं डाल सकता। और यदि कोई इस नेव पर सोना या चान्दी या बहुमोल पत्थर या काठ या घास या फूस का रस्रा रखता है। तो हर एक का काम प्रगट हो जाएगा; क्योंकि वह दिन उसे बताएगा; इसलिये कि आग के साथ प्रगट होगा: और वह आग हर एक का काम परखेगी कि कैसा है? जिस का काम उस पर बना हुआ स्थिर रहेगा, वह मजदूरी पाएगा। और यदि किसी का काम जल जाएगा, तो हानि उठाएगा; पर वह आप बच जाएगा परन्तु जलते जलते।।
- Ephesians 2:20–22 इफिसियों 2:20–22और प्रेरितों और भविष्यद्वक्ताओं की नेव पर जिस के कोने का पत्थर मसीह यीशु आप ही है, बनाए गए हो। जिस में सारी रचना एक साथ मिलकर प्रभु में एक पवित्रा मन्दिर बनती जाती है। जिस में तुम भी आत्मा के द्वारा परमेश्वर का निवासस्थान होने के लिये एक साथ बनाए जाते हो।।
Original words (Greek)
- Yea · G1161δέ dé
- so · G3779οὕτω hoútō
- strived · G5389φιλοτιμέομαι philotiméomai
- gospel · G2097εὐαγγελίζω euangelízō
- not · G3756οὐ ou
- where · G3699ὅπου hópou
- Christ · G5547Χριστός Christós
- named · G3687ὀνομάζω onomázō
- lest · G3361μή mḗ
- build · G3618οἰκοδομέω oikodoméō
- upon · G1909ἐπί epí
- man’s · G245ἀλλότριος allótrios
- foundation · G2310θεμέλιος themélios