2 Corinthians · chapter 10 · verse 13
2 Corinthians 10:13 in Hindi
हम तो सीमा से बाहर घमण्ड कदापि न करेंगे, परन्तु उसी सीमा तक जो परमेश्वर ने हमारे लिये ठहरा दी है, और उस में तुम भी आ गए हो और उसी के अनुसार घमण्ड भी करेंगे।
Ham to seemaa se baahar ghamand kadaapi na karenge, parantu usee seemaa tak jo parameshvar ne hamaare liye thaharaa dee hai, aur us mem tum bhee aa gae ho aur usee ke anusaar ghamand bhee karenge.
2 Corinthians 10:13 in English
- King James Version (KJV)
- But we will not boast of things without [our] measure, but according to the measure of the rule which God hath distributed to us, a measure to reach even unto you.
- World English Bible (WEB)
- But we will not boast beyond proper limits, but within the boundaries with which God appointed to us, which reach even to you.
- American Standard Version (ASV)
- But we will not glory beyond [our] measure, but according to the measure of the province which God apportioned to us as a measure, to reach even unto you.
- Bible in Basic English (BBE)
- We will not give glory to ourselves in over-great measure, but after the measure of the rule which God has given us, a measure which comes even to you.
- Darby Translation (DBY)
- Now we will not boast out of measure, but according to the measure of the rule which the God of measure has apportioned to us, to reach to you also.
- Webster's Bible (WBS)
- But we will not boast of things without [our] measure, but according to the measure of the rule which God hath distributed to us, a measure to reach even to you.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and we in regard to the unmeasured things will not boast ourselves, but after the measure of the line that the God of measure did appoint to us — to reach even unto you;
Read in context
- 11सो जो ऐसा कहता है, कि समझ रखे, कि जैसे पीठ पीछे पत्रियों में हमारे वचन हैं, वैसे ही तुम्हारे साम्हने हमारे काम भी होंगे।
- 12क्योंकि हमें यह हियाव नहीं कि हम अपने आप को उन में से ऐसे कितनों के साथ गिनें, या उन से अपने को मिलाएं, जो अपनी प्रशंसा करते हैं, और अपने आप को आपस में नाप तौलकर एक दूसरे से मिलान करके मूर्ख ठहरते हैं।
- 13हम तो सीमा से बाहर घमण्ड कदापि न करेंगे, परन्तु उसी सीमा तक जो परमेश्वर ने हमारे लिये ठहरा दी है, और उस में तुम भी आ गए हो और उसी के अनुसार घमण्ड भी करेंगे।
- 14क्योंकि हम अपनी सीमा से बाहर अपने आप को बढ़ाना नहीं चाहते, जैसे कि तुम तक न पहुंचने की दशा में होता, बरन मसीह का सुसमाचार सुनाते हुए तुम तक पहुंच चुके हैं।
- 15और हम सीमा से बाहर औरों के परिश्रम पर घमण्उ नहीं करते; परन्तु हमें आशा है, कि ज्यों ज्यों तुम्हारा विश्वास बढ़ता जाएगा त्यों त्यों हम अपनी सीमा के अनुसार तुम्हारे कारण और भी बढ़ते जाएंगे।
Cross references
- Romans 12:6 रोमियों 12:6और जब कि उस अनुग्रह के अनुसार जो हमें दिया गया है, हमें भिन्न भिन्न बरदान मिले हैं, तो जिस को भविष्यद्वाणी का दान मिला हो, वह विश्वास के परिमाण के अनुसार भविष्यद्वाणी करे।
- 1 Peter 4:10 1 पतरस 4:10जिस को जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्डारियों की नाई एक दूसरे की सेवा में लगाए।
- Ephesians 4:7 इफिसियों 4:7पर हम में से हर एक को मसीह के दान के परिमाण से अनुग्रह मिला है।
- 2 Corinthians 10:14–15 2 कुरिन्थियों 10:14–15क्योंकि हम अपनी सीमा से बाहर अपने आप को बढ़ाना नहीं चाहते, जैसे कि तुम तक न पहुंचने की दशा में होता, बरन मसीह का सुसमाचार सुनाते हुए तुम तक पहुंच चुके हैं। और हम सीमा से बाहर औरों के परिश्रम पर घमण्उ नहीं करते; परन्तु हमें आशा है, कि ज्यों ज्यों तुम्हारा विश्वास बढ़ता जाएगा त्यों त्यों हम अपनी सीमा के अनुसार तुम्हारे कारण और भी बढ़ते जाएंगे।
- Romans 12:3 रोमियों 12:3क्योंकि मैं उस अनुग्रह के कारण जो मुझ को मिला है, तुम में से हर एक से कहता हूं, कि जैसा समझना चाहिए, उस से बढ़कर कोई भी अपने आप को न समझे पर जैसा परमेश्वर ने हर एक को परिमाण के अनुसार बांट दिया है, वैसा ही सुबुद्धि के साथ अपने को समझे।
- Romans 15:20 रोमियों 15:20पर मेरे मन की उमंग यह है, कि जहां जहां मसीह का नाम नहीं लिया गया, वहीं सुसमाचार सुनाऊं; ऐसा न हो, कि जिन्हें उसका सुसमाचार नहीं पहुंचा, वे ही देखेंगे और जिन्हों ने नहीं सुना वे ही समझेंगे।।
- 1 Corinthians 12:11 1 कुरिन्थियों 12:11परन्तु ये सब प्रभावशाली कारर्य वही एक आत्मा करवाता है, और जिसे जो चाहता है वह बांट देता है।।
- Proverbs 25:14 नीतिवचन 25:14जैसे बादल और पवन बिना दृष्टि निर्लाभ होते हैं, वैसे ही झूठ- मूठ दान देनेवाले का बड़ाई मारना होता है।।
- Romans 10:18 रोमियों 10:18परन्तु मैं कहता हूं, क्या उन्हों ने नहीं सुना? सुना तो सही क्योंकि लिखा है कि उन के स्वर सारी पृथ्वी पर, और उन के वचन जगत की छोर तक पहुंच गए हैं।
- Matthew 25:15 मत्ती 25:15उस ने एक को पांच तोड़, दूसरे को दो, और तीसरे को एक; अर्थात् हर एक को उस की सामर्थ के अनुसार दिया, और तब परदेश चला गया।
- Isaiah 28:17 यशायाह 28:17और मैं न्याय की डोरी और धर्म को साहुल ठहराऊंगा; और तुम्हारा झूठ का शरणस्थान ओलों से बह जाएगा, और तुम्हारे छिपने का स्थान जल से डूब जाएगा।
- Psalm 19:4 भजन संहिता 19:4उनका स्वर सारी पृथ्वी पर गूंज गया है, और उनके वचन जगत की छोर तक पहुंच गए हैं। उन में उस ने सूरर्य के लिये एक मण्डप खड़ा किया है,
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- we · G2249ἡμεῖς hēmeîs
- will · G2744καυχάομαι kaucháomai
- not · G3780οὐχί ouchí
- boast · G2744καυχάομαι kaucháomai
- of · G1519εἰς eis
- things · G3588ὁ ho
- without · G280ἄμετρος ámetros
- measure · G280ἄμετρος ámetros
- but · G235ἀλλά allá
- to · G2596κατά katá
- measure · G3358μέτρον métron
- rule · G2583κανών kanṓn
- which · G3739ὅς hós
- God · G2316θεός theós
- distributed · G3307μερίζω merízō
- us · G2254ἡμῖν hēmîn
- measure · G3358μέτρον métron
- reach · G2185ἐφικνέομαι ephiknéomai
- even · G2532καί kaí
- unto · G891ἄχρι áchri
- you · G5216ὑμῶν hymōn