Romans · chapter 5 · verse 19
Romans 5:19 in Hindi
क्योंकि जैसा एक मनुष्य के आज्ञा न मानने से बहुत लोग पापी ठहरे, वैसे ही एक मनुष्य के आज्ञा मानने से बहुत लोग धर्मी ठहरेंगे।
Kyonki jaisaa ek manushy ke aajnyaa na maanane se bahut log paapee thahare, vaise hee ek manushy ke aajnyaa maanane se bahut log dharmee thaharenge.
Romans 5:19 in English
- King James Version (KJV)
- For as by one man’s disobedience many were made sinners, so by the obedience of one shall many be made righteous.
- World English Bible (WEB)
- For as through the one man’s disobedience many were made sinners, even so through the obedience of the one, many will be made righteous.
- American Standard Version (ASV)
- For as through the one man’s disobedience the many were made sinners, even so through the obedience of the one shall the many be made righteous.
- Bible in Basic English (BBE)
- Because, as numbers of men became sinners through the wrongdoing of one man, even so will great numbers get righteousness through the keeping of the word of God by one man.
- Darby Translation (DBY)
- For as indeed by the disobedience of the one man the many have been constituted sinners, so also by the obedience of the one the many will be constituted righteous.
- Webster's Bible (WBS)
- For as by one man's disobedience many were made sinners, so by the obedience of one shall many be made righteous.
- Young's Literal Translation (YLT)
- for as through the disobedience of the one man, the many were constituted sinners: so also through the obedience of the one, shall the many be constituted righteous.
Read in context
- 17क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध के कराण मृत्यु ने उस एक ही के द्वारा राज्य किया, तो जो लोग अनुग्रह और धर्मरूमी बरदान बहुतायत से पाते हैं वे एक मनुष्य के, अर्थात् यीशु मसीह के द्वारा अवश्य ही अनन्त जीवन में राज्य करेंगे।
- 18इसलिये जैसा एक अपराध सब मनुष्यों के लिये दण्ड की आज्ञा का कारण हुआ, वेसा ही एक धर्म का काम भी सब मनुष्यों के लिये जीवन के निमित्त धर्मी ठहराए जाने का कारण हुआ।
- 19क्योंकि जैसा एक मनुष्य के आज्ञा न मानने से बहुत लोग पापी ठहरे, वैसे ही एक मनुष्य के आज्ञा मानने से बहुत लोग धर्मी ठहरेंगे।
- 20और व्यवस्था बीच में आ गई, कि अपराध बहुत हो, परन्तु जहां पाप बहुत हुआ, वहां अनुग्रह उस से भी कहीं अधिक हुआ।
- 21कि जैसा पाप ने मृत्यु फैलाते हुए राज्य किया, वैसा ही हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा अनुग्रह भी अनन्त जीवन के लिये धर्मी ठहराते हुए राज्य करे।।
Cross references
- Romans 5:18 रोमियों 5:18इसलिये जैसा एक अपराध सब मनुष्यों के लिये दण्ड की आज्ञा का कारण हुआ, वेसा ही एक धर्म का काम भी सब मनुष्यों के लिये जीवन के निमित्त धर्मी ठहराए जाने का कारण हुआ।
- 2 Corinthians 5:21 2 कुरिन्थियों 5:21जो पाप से अज्ञात था, उसी को उस ने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में होकर परमेश्वर की धार्मिकता बन जाएं।।
- Philippians 2:8 फिलिप्पियों 2:8और मनुष्य के रूप में प्रगट होकर अपने आप को दीन किया, और यहां तक आज्ञाकारी रहा, कि मृत्यु, हां, क्रूस की मृत्यु भी सह ली।
- Romans 5:12 रोमियों 5:12इसलिये जैसा एक मनुष्य के द्वारा पाप जगत में आया, और पाप के द्वारा मृत्यु आई, और इस रीति से मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, इसलिये कि सब ने पाप किया।
- Ephesians 1:6 इफिसियों 1:6कि उसके उस अनुग्रह की महिमा की स्तुति हो, जिसे उस ने हमें उस प्यारे में सेंत मेंत दिया।
- Romans 5:15 रोमियों 5:15पर जैसा अपराध की दशा है, वैसी अनुग्रह के बरदान की नहीं, क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध से बहुत लोग मरे, तो परमेश्वर का अनुग्रह और उसका जो दान एक मनुष्य के, अर्थात् यीशु मसीह के अनुग्रह से हुआ बहुतेरे लागों पर अवश्य ही अधिकाई से हुआ।
- Isaiah 53:10–12 यशायाह 53:10–12तौभी यहोवा को यही भया कि उसे कुचले; उसी ने उसको रोगी कर दिया; जब तू उसका प्राण दोषबलि करे, तब वह अपना वंश देखने पाएगा, वह बहुत दिन जीवित रहेगा; उसके हाथ से यहोवा की इच्छा पूरी हो जाएगी। वह अपने प्राणों का दु:ख उठाकर उसे देखेगा और तृप्त होगा; अपने ज्ञान के द्वारा मेरा धर्मी दास बहुतेरों को धर्मी ठहराएगा; और उनके अधर्म के कामों का बोझ आप उठा लेगा। इस कारण मैं उसे महान लोगों के संग भाग दूंगा, और, वह सामर्थियों के संग लूट बांट लेगा; क्योंकि उसने अपना प्राण मृत्यु के लिये उण्डेल दिया, वह अपराधियों के संग गिना गया; तौभी उस ने बहुतों के पाप का बोझ उठ लिया, और, अपराधियों के लिये बिनती करता है।।
- Daniel 9:24 दानिय्येल 9:24तेरे लोगों और तेरे पवित्रा नगर के लिये सत्तर सप्ताह ठहराए गए हैं कि उनके अन्त तक अपराध का होना बन्द हो, और पापों को अन्त और अधर्म का प्रायश्चित्त किया जाए, और युगयुग की धार्मिकता प्रगट होए; और दर्शन की बात पर और भविष्यवाणी पर छाप दी जाए, और परमपवित्रा का अभिषेक किया जाए।
Original words (Greek)
- For · G1063γάρ gár
- as · G5618ὥσπερ hṓsper
- by · G1223διά diá
- one · G1520εἷς heîs
- man’s · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- disobedience · G3876παρακοή parakoḗ
- many · G4183πολύς polýs
- made · G2525καθίστημι kathístēmi
- sinners · G268ἁμαρτωλός hamartōlós
- so · G3779οὕτω hoútō
- by · G1223διά diá
- obedience · G5218ὑπακοή hypakoḗ
- one · G1520εἷς heîs
- shall · G2525καθίστημι kathístēmi
- many · G4183πολύς polýs
- made · G2525καθίστημι kathístēmi
- righteous · G1342δίκαιος díkaios