Romans · chapter 5 · verse 18
Romans 5:18 in Hindi
इसलिये जैसा एक अपराध सब मनुष्यों के लिये दण्ड की आज्ञा का कारण हुआ, वेसा ही एक धर्म का काम भी सब मनुष्यों के लिये जीवन के निमित्त धर्मी ठहराए जाने का कारण हुआ।
Isaliye jaisaa ek aparaadh sab manushyom ke liye dand kee aajnyaa kaa kaaran huaa, vesaa hee ek dharm kaa kaam bhee sab manushyom ke liye jeevan ke nimitt dharmee thaharaae jaane kaa kaaran huaa.
Romans 5:18 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore as by the offence of one [judgment came] upon all men to condemnation; even so by the righteousness of one [the free gift came] upon all men unto justification of life.
- World English Bible (WEB)
- So then as through one trespass, all men were condemned; even so through one act of righteousness, all men were justified to life.
- American Standard Version (ASV)
- So then as through one trespass [the judgment came] unto all men to condemnation; even so through one act of righteousness [the free gift came] unto all men to justification of life.
- Bible in Basic English (BBE)
- So then, as the effect of one act of wrongdoing was that punishment came on all men, even so the effect of one act of righteousness was righteousness of life for all men.
- Darby Translation (DBY)
- so then as [it was] by one offence towards all men to condemnation, so by one righteousness towards all men for justification of life.
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore, as by the offense of one, [judgment came] upon all men to condemnation, even so by the righteousness of one [the free gift came] upon all men to justification of life.
- Young's Literal Translation (YLT)
- So, then, as through one offence to all men [it is] to condemnation, so also through one declaration of 'Righteous' [it is] to all men to justification of life;
Read in context
- 16और जैसा एक मनुष्य के पाप करने का फल हुआ, वैसा ही दान की दशा नहीं, क्योंकि एक ही के कारण दण्ड की आज्ञा का फैसला हुअ, परन्तु बहुतेरे अपराधों से ऐसा बरदान उत्पन्न हुआ, कि लोग धर्मी ठहरे।
- 17क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध के कराण मृत्यु ने उस एक ही के द्वारा राज्य किया, तो जो लोग अनुग्रह और धर्मरूमी बरदान बहुतायत से पाते हैं वे एक मनुष्य के, अर्थात् यीशु मसीह के द्वारा अवश्य ही अनन्त जीवन में राज्य करेंगे।
- 18इसलिये जैसा एक अपराध सब मनुष्यों के लिये दण्ड की आज्ञा का कारण हुआ, वेसा ही एक धर्म का काम भी सब मनुष्यों के लिये जीवन के निमित्त धर्मी ठहराए जाने का कारण हुआ।
- 19क्योंकि जैसा एक मनुष्य के आज्ञा न मानने से बहुत लोग पापी ठहरे, वैसे ही एक मनुष्य के आज्ञा मानने से बहुत लोग धर्मी ठहरेंगे।
- 20और व्यवस्था बीच में आ गई, कि अपराध बहुत हो, परन्तु जहां पाप बहुत हुआ, वहां अनुग्रह उस से भी कहीं अधिक हुआ।
Cross references
- 1 Corinthians 15:22 1 कुरिन्थियों 15:22और जैसे आदम में सब मरते हैं, वैसा ही मसीह में सब जिलाए जाएंगे।
- Romans 5:12 रोमियों 5:12इसलिये जैसा एक मनुष्य के द्वारा पाप जगत में आया, और पाप के द्वारा मृत्यु आई, और इस रीति से मृत्यु सब मनुष्यों में फैल गई, इसलिये कि सब ने पाप किया।
- Romans 5:15 रोमियों 5:15पर जैसा अपराध की दशा है, वैसी अनुग्रह के बरदान की नहीं, क्योंकि जब एक मनुष्य के अपराध से बहुत लोग मरे, तो परमेश्वर का अनुग्रह और उसका जो दान एक मनुष्य के, अर्थात् यीशु मसीह के अनुग्रह से हुआ बहुतेरे लागों पर अवश्य ही अधिकाई से हुआ।
- Romans 5:19 रोमियों 5:19क्योंकि जैसा एक मनुष्य के आज्ञा न मानने से बहुत लोग पापी ठहरे, वैसे ही एक मनुष्य के आज्ञा मानने से बहुत लोग धर्मी ठहरेंगे।
- Acts 13:39 प्रेरितों के काम 13:39और जिन बातों से तुम मूसा की व्यवस्था के द्वारा निर्दोष नहीं ठहर सकते थे, उन्हीं सब से हर एक विश्वास करनेवाला उसके द्वारा निर्दोष ठहरता है।
- Romans 4:25 रोमियों 4:25वह हमारे अपराधों के लिये पकड़वाया गया, और हमारे धर्मी ठहरने के लिये जिलाया भी गया।।
- Hebrews 2:9 इब्रानियों 2:9पर हम यीशु को जो स्वर्गदूतों से कुछ ही कम किया गया था, मृत्यु का दुख उठाने के कारण महिमा और आदर का मुकुट पहिने हुए देखते हैं; ताकि परमेश्वर के अनुग्रह से हर एक मनुष्य के लिये मृत्यु का स्वाद चखे।
- 1 Timothy 2:4–6 1 तीमुथियुस 2:4–6वह यह चाहता है, कि सब मनुष्यों का उद्धार हो; और वे सत्य को भली भांति पहिचान लें। क्योंकि परमेश्वर एक ही है: और परमेश्वर और मनुष्यों के बीच में भी एक ही बिचवई है, अर्थात् मसीह यीशु जो मनुष्य है। जिस ने अपने आप को सब के छुटकारे के दाम में दे दिया; ताकि उस की गवाही ठीक समयों पर दी जाए।
- Romans 3:19–22 रोमियों 3:19–22हम जानते हैं, कि व्यवस्था जो कुछ कहती है उन्हीं से कहती है, जो व्यवस्था के आधीन हैं: इसलिये कि हर एक मुंह बन्द किया जाए, और सारा संसार परमेश्वर के दण्ड के योग्य ठहरे। क्योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है। पर अब बिना व्यवस्था परमेश्वर की धार्मिकता प्रगट हुई है, जिस की गवाही व्यवस्था और भविष्यद्वक्ता देते हैं। अर्थात् परमेश्वर की वह धार्मिकता, जो यीशु मसीह पर विश्वास करने से सब विश्वास करनेवालों के लिये है; क्योंकि कुछ भेद नहीं।
- John 1:7 यूहन्ना 1:7यह गवाही देने आया, कि ज्योति की गवाही दे, ताकि सब उसके द्वारा विश्वास लाएं।
- John 12:32 यूहन्ना 12:32और मैं यदि पृथ्वी पर से ऊंचे पर चढ़ाया जाऊंगा, तो सब को अपने पास खीचंूगा।
- 2 Peter 1:1 2 पतरस 1:1शमौन पतरस की और से जो यीशु मसीह का दास और प्रेरित है, उन लोगों के नाम जिन्हों ने हमारे परमेश्वर और उद्धारकर्ता यीशु मसीह की धार्मिकता से हमारा सा बहुमूल्य विश्वास प्राप्त किया है।
Original words (Greek)
- Therefore · G686ἄρα ára
- as · G5613ὡς hōs
- by · G1223διά diá
- offence · G3900παράπτωμα paráptōma
- one · G1520εἷς heîs
- upon · G1519εἰς eis
- all · G3956πᾶς pâs
- men · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- to · G1519εἰς eis
- condemnation · G2631κατάκριμα katákrima
- even · G2532καί kaí
- so · G3779οὕτω hoútō
- by · G1223διά diá
- righteousness · G1345δικαίωμα dikaíōma
- one · G1520εἷς heîs
- upon · G1519εἰς eis
- all · G3956πᾶς pâs
- men · G444ἄνθρωπος ánthrōpos
- unto · G1519εἰς eis
- justification · G1347δικαίωσις dikaíōsis
- life · G2222ζωή zōḗ