Romans · chapter 5 · verse 8
Romans 5:8 in Hindi
परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।
Parantu parameshvar ham par apane prem kee bhalaaee is reeti se pragat karataa hai, ki jab ham paapee hee the tabhee maseeh hamaare liye maraa.
Romans 5:8 in English
- King James Version (KJV)
- But God commendeth his love toward us, in that, while we were yet sinners, Christ died for us.
- World English Bible (WEB)
- But God commends his own love toward us, in that while we were yet sinners, Christ died for us.
- American Standard Version (ASV)
- But God commendeth his own love toward us, in that, while we were yet sinners, Christ died for us.
- Bible in Basic English (BBE)
- But God has made clear his love to us, in that, when we were still sinners, Christ gave his life for us.
- Darby Translation (DBY)
- but God commends his love to us, in that, we being still sinners, Christ has died for us.
- Webster's Bible (WBS)
- But God commendeth his love towards us, in that while we were yet sinners, Christ died for us.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and God doth commend His own love to us, that, in our being still sinners, Christ did die for us;
Read in context
- 6क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा।
- 7किसी धर्मी जन के लिये कोई मरे, यह तो दुर्लभ है, परन्तु क्या जाने किसी भले मनुष्य के लिये कोई मरने का भी हियाव करे।
- 8परन्तु परमेश्वर हम पर अपने प्रेम की भलाई इस रीति से प्रगट करता है, कि जब हम पापी ही थे तभी मसीह हमारे लिये मरा।
- 9सो जब कि हम, अब उसके लोहूं के कारण धर्मी ठहरे, तो उसके द्वारा क्रोध से क्यों न बचेंगे?
- 10क्योंकि बैरी होने की दशा में तो उसके पुत्रा की मृत्यु के द्वारा हमारा मेल परमेश्वर के साथ हुआ फिर मेल हो जाने पर उसके जीवन के कारण हम उद्धार क्यों न पाएंगे?
Cross references
- John 15:13 यूहन्ना 15:13इस से बड़ा प्रेम किसी का नहीं, कि कोई अपने मित्रों के लिये अपना प्राण दे।
- John 3:16 यूहन्ना 3:16क्योंकि परमेश्वर ने जगत से ऐसा प्रेम रखा कि उस ने अपना एकलौता पुत्रा दे दिया, ताकि जो कोई उस पर विश्वास करे, वह नाश न हो, परन्तु अनन्त जीवन पाए।
- Romans 5:6 रोमियों 5:6क्योंकि जब हम निर्बल ही थे, तो मसीह ठीक समय पर भक्तिहीनों के लिये मरा।
- 1 Peter 3:18 1 पतरस 3:18इसलिये कि मसीह ने भी, अर्थात् अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुख उठाया, ताकि हमें परमेश्वर के पास पहुंचाए: वह शरीर के भाव से तो घात किया गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।
- 1 John 4:9–10 1 यूहन्ना 4:9–10जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, वह इस से प्रगट हुआ, कि परमेश्वर ने अपने एकलौते पुत्रा को जगत में भेजा है, कि हम उसे द्वारा जीवन पाएं। प्रेम इस में नहीं कि हम ने परमेश्वर ने प्रेम किया; पर इस में है, कि उस ने हम से प्रेम किया; और हमारे पापों के प्रायश्चित्त के लिये अपने पुत्रा को भेजा।
- 1 John 3:16 1 यूहन्ना 3:16हम ने प्रेम इसी से जाना, कि उस ने हमारे अपने प्राण दे दिए; और हमें भी भाइयों के लिये प्राण देना चाहिए।
- Isaiah 53:6 यशायाह 53:6हम तो सब के सब भेड़ों की नाईं भटक गए थे; हम में से हर एक ने अपना अपना मार्ग लिया; और यहोवा ने हम सभों के अधर्म का बोझ उसी पर लाद दिया।।
- Ephesians 2:7 इफिसियों 2:7कि वह अपनी उस कृपा से जो मसीह यीशु में हम पर है, आनेवाले समयों में अपने अनुग्रह का असीम धन दिखाए।
- Romans 4:25 रोमियों 4:25वह हमारे अपराधों के लिये पकड़वाया गया, और हमारे धर्मी ठहरने के लिये जिलाया भी गया।।
- Ephesians 1:6–8 इफिसियों 1:6–8कि उसके उस अनुग्रह की महिमा की स्तुति हो, जिसे उस ने हमें उस प्यारे में सेंत मेंत दिया। हम को उस में उसके लोहू के द्वारा छुटकारा, अर्थात् अपराधों की क्षमा, उसके उस अनुग्रह के धन के अनुसार मिला है। जिसे उस ने सारे ज्ञान और समझ सहित हम पर बहुतायत से किया।
- Romans 5:20 रोमियों 5:20और व्यवस्था बीच में आ गई, कि अपराध बहुत हो, परन्तु जहां पाप बहुत हुआ, वहां अनुग्रह उस से भी कहीं अधिक हुआ।
- 1 Timothy 1:16 1 तीमुथियुस 1:16पर मुझपर इसलिये दया हुई, कि मुझ सब से बड़े पापी में यीशु मसीह अपनी पूरी सहनशीलता दिखाए, कि जो लोग उस पर अनन्त जीवन के लिये विश्वास करेंगे, उन के लिये मैं एक आदर्श बनूं।
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- God · G2316θεός theós
- commendeth · G4921συνιστάω synistáō
- his · G1438ἑαυτοῦ heautoû
- love · G26ἀγάπη agápē
- toward · G1519εἰς eis
- us · G2248ἡμᾶς hēmâs
- that · G3754ὅτι hóti
- while · G5607ὤν ṓn
- we · G2257ἡμῶν hēmōn
- were · G5607ὤν ṓn
- yet · G2089ἔτι éti
- sinners · G268ἁμαρτωλός hamartōlós
- Christ · G5547Χριστός Christós
- died · G599ἀποθνήσκω apothnḗskō
- for · G5228ὑπέρ hypér
- us · G2257ἡμῶν hēmōn