Romans · chapter 7 · verse 11
Romans 7:11 in Hindi
क्योंकि पाप ने अवसर पाकर आज्ञा के द्वारा मुझै बहकाया, और उसी के द्वारा मुझे मार भी डाला।
Kyonki paap ne avasar paakar aajnyaa ke dvaaraa mujhai bahakaayaa, aur usee ke dvaaraa mujhe maar bhee daalaa.
Romans 7:11 in English
- King James Version (KJV)
- For sin, taking occasion by the commandment, deceived me, and by it slew [me].
- World English Bible (WEB)
- for sin, finding occasion through the commandment, deceived me, and through it killed me.
- American Standard Version (ASV)
- for sin, finding occasion, through the commandment beguiled me, and through it slew me.
- Bible in Basic English (BBE)
- For I was tricked and put to death by sin, which took its chance through the law.
- Darby Translation (DBY)
- for sin, getting a point of attack by the commandment, deceived me, and by it slew [me].
- Webster's Bible (WBS)
- For sin, taking occasion by the commandment, deceived me, and by it slew [me] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- for the sin, having received an opportunity, through the command, did deceive me, and through it did slay [me];
Read in context
- 9मैं तो व्यवस्था बिना पहिले जीवित था, परन्तु जब आज्ञा आई, तो पाप जी गया, और मैं मर गया।
- 10और वही आज्ञा जो जीवन के लिये थी; मेरे लिये मृत्यु का कारण ठहरी।
- 11क्योंकि पाप ने अवसर पाकर आज्ञा के द्वारा मुझै बहकाया, और उसी के द्वारा मुझे मार भी डाला।
- 12इसलिये व्यवस्था पवित्रा है, और आज्ञा भी ठीक और अच्छी है।
- 13तो क्या वह जो अच्छी थी, मेरे लिये मृत्यु ठहरी? कदापि नहीं! परन्तु पाप उस अच्छी वस्तु के द्वारा मेरे लिये मृत्यु का उत्पन्न करनेवाला हुआ कि उसका पाप होना प्रगट हो, और आज्ञा के द्वारा पाप बहुत ही पापमय ठहरे।
Cross references
- Genesis 3:13 उत्पत्ति 3:13तब यहोवा परमेश्वर ने स्त्री से कहा, तू ने यह क्या किया है? स्त्री ने कहा, सर्प ने मुझे बहका दिया तब मै ने खाया।
- Romans 7:8 रोमियों 7:8परन्तु पाप ने अवसर पाकर आज्ञा के द्वारा मुझ में सब प्रकार का लालच उत्पन्न किया, क्योंकि बिना व्यवस्था के पाप मुर्दा है।
- Hebrews 3:13 इब्रानियों 3:13बरन जिस दिन तक आज का दिन कहा जाता है, हर दिन एक दूसरे को समझाते रहो, ऐसा न हो, कि तुम में से कोई जन पाप के छल में आकर कठोर हो जाए।
- Jeremiah 17:9 यिर्मयाह 17:9मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोख देनेवाला होता है, उस में असाध्य रोग लगा है; उसका भेद कौन समझ सकता है?
- Isaiah 44:20 यशायाह 44:20वह राख खाता है; भरमाई हुई बुद्धि के कारण वह भटकाया गया है और वह न अपने को बचा सकता और न यह कह सकता है, क्या मेरे दहिने हाथ में मिथ्या नहीं?
- James 1:22 याकूब 1:22परन्तु वचन पर चलनेवाले बनो, और केवल सुननेवाले ही नहीं जो अपने आप को धोखा देते हैं।
- Romans 7:13 रोमियों 7:13तो क्या वह जो अच्छी थी, मेरे लिये मृत्यु ठहरी? कदापि नहीं! परन्तु पाप उस अच्छी वस्तु के द्वारा मेरे लिये मृत्यु का उत्पन्न करनेवाला हुआ कि उसका पाप होना प्रगट हो, और आज्ञा के द्वारा पाप बहुत ही पापमय ठहरे।
- Jeremiah 49:16 यिर्मयाह 49:16हे चट्टान की दरारों में बसे हुए, हे पहाड़ी की चोटी पर किला बनानेवाले! तेरे भयानक रूप और मन के अभिमान ने तुझे धोखा दिया है। चाहे तू उकाब की नाई। अपना बसेरा ऊंचे स्थान पर बनाए, तौभी मैं वहां से तुझे उतार लाऊंगा, यहोवा की यही वाणी है।
- James 1:26 याकूब 1:26यदि कोई अपने आप को भक्त समझे, और अपनी जीभ पर लगाम न दे, पर अपने हृदय को धोखा दे, तो उस की भक्ति व्यर्थ है।