Romans · chapter 9 · verse 2
Romans 9:2 in Hindi
कि मुझे बड़ा शोक है, और मेरा मन सदा दुखता रहता है।
Ki mujhe badaa shok hai, aur meraa man sadaa dukhataa rahataa hai.
Romans 9:2 in English
- King James Version (KJV)
- That I have great heaviness and continual sorrow in my heart.
- World English Bible (WEB)
- that I have great sorrow and unceasing pain in my heart.
- American Standard Version (ASV)
- that I have great sorrow and unceasing pain in my heart.
- Bible in Basic English (BBE)
- That I am full of sorrow and pain without end.
- Darby Translation (DBY)
- that I have great grief and uninterrupted pain in my heart,
- Webster's Bible (WBS)
- That I have great heaviness and continual sorrow in my heart.
- Young's Literal Translation (YLT)
- that I have great grief and unceasing pain in my heart —
Read in context
- 1मैं मसीह में सच कहता हूं, झूठ नहीं बोलता और मेरा विवेक भी पवित्रा आत्मा में गवाही देता है।
- 2कि मुझे बड़ा शोक है, और मेरा मन सदा दुखता रहता है।
- 3क्योंकि मैं यहां तक चाहता था, कि अपने भाईयों, के लिये जो शरीर के भाव से मेरे कुटुम्बी हैं, आप ही मसीह से शापित हो जाता।
- 4वे इस्त्राएली हैं; और लेपालकपन का हक्क और महिमा और वाचाएं और व्यवस्था और उपासना और प्रतिज्ञाएं उन्हीं की हैं।
Cross references
- Philippians 3:18 फिलिप्पियों 3:18क्योंकि बहुतेरे ऐसी चाल चलते हैं, जिन की चर्चा मैं ने तुम से बार बार किया है और अब भी रो रोकर कहता हूं, कि वे अपनी चालचलन से मसीह के क्रूस के बैरी हैं।
- Romans 10:1 रोमियों 10:1हे भाइयो, मेरे मन की अभिलाषा और उन के लिये परमेश्वर से मेरी प्रार्थना है, कि वे उद्धार पाएं।
- Lamentations 3:51 विलापगीत 3:51अपनी नगरी की सब स्त्रियों का हाल देखने पर मेरा दु:ख बढ़ता है।
- Jeremiah 13:17 यिर्मयाह 13:17और यदि तुम इसे न सुनो, तो मैं अकेले में तुम्हारे गर्व के कारण रोऊंगा, और मेरी आंखों से आंसुओं की धारा बहती रहेगी, क्योंकि यहोवा की भेड़ें बंधुआ कर ली गई हैं।
- Psalm 119:136 भजन संहिता 119:136मेरी आंखों से जल की धारा बहती रहती है, क्योंकि लोग तेरी व्यवस्था को नहीं मानते।।
- Luke 19:41–44 लूका 19:41–44जब वह निकट आया तो नगर को देखकर उस पर रोया। और कहा, क्या ही भला होता, कि तू; हां, तू ही, इसी दिन में कुशल की बातें जानता, परन्तु अब वे तेरी आंखों से छिप गई हैं। क्योंकि वे दिन तुझ पर आएंगे कि तेरे बैरी मोर्चा बान्धकर तुझे घेर लेंगे, और चारों ओर से तुझे दबाएंगे। और तुझे और तेरे बालकों को जो तुझ में हैं, मिट्टी में मिलाएंगे, और तुझ में पत्थर पर पत्थर भी न छोड़ेंगे; क्योंकि तू ने वह अवसर जब तुझ पर कृपा दृष्टि की गई न पहिचाना।।
- Ezekiel 9:4 यहेजकेल 9:4और यहोवा ने उस से कहा, इस यरूशलेम नगर के भीतर इधर उधर जाकर जितने मनुष्य उन सब घृणित कामों के कारण जो उस में किए जाते हैं, सांसें भरते और दु:ख के मारे चिल्लाते हैं, उनके माथों पर चिन्ह कर दे।
- Lamentations 3:48–49 विलापगीत 3:48–49मेरी आंखों से मेरी प्रजा की पुत्री के विनाश के कारण जल की धाराएं बह रही है। मेरी आंख से लगातार आंसू बहते रहेंगे,
- Jeremiah 9:1 यिर्मयाह 9:1भला होता, कि मेरा सिर जल ही जल, और मेरी आंखें आँसुओं का सोता होतीं, कि मैं रात दिन अपने मारे हुए लोगों के लिये रोता रहता।
- Lamentations 1:12 विलापगीत 1:12हे सब बटोहियो, क्या तुम्हें इस बात की कुछ भी चिन्ता नहीं? दृष्टि कर के देखो, क्या मेरे दु:ख से बढ़ कर कोई और पीड़ा है जो यहोवा ने अपने क्रोध के दिन मुझ पर डाल दी है?
- 1 Samuel 15:35 1 शमूएल 15:35और शमूएल ने अपने जीवन भर शाऊल से फिर भेंट न की, क्योंकि शमूएल शाऊल के लिये विलाप करता रहा। और यहोवा शाऊल को इस्राएल का राजा बनाकर पछताता था।।
- Isaiah 66:10 यशायाह 66:10हे यरूशलेम से सब प्रेम रखने वालो, उसके साथ आनन्द करो और उसके कारण मगन हो; हे उसके विषय सब विलाप करने वालो उसके साथ हषिर्त हो!