Song of Solomon · chapter 2 · verse 12
Song of Solomon 2:12 in Hindi
पृथ्वी पर फूल दिखाई देते हैं, चिड़ियों के गाने का समय आ पहुंचा है, और हमारे देश में पिन्डुक का शब्द सुनाई देता है।
Pruthvee par phool dikhaaee dete haim, chidiyom ke gaane kaa samay aa pahunchaa hai, aur hamaare desh mem pinduk kaa shabd sunaaee detaa hai.
Song of Solomon 2:12 in English
- King James Version (KJV)
- The flowers appear on the earth; the time of the singing [of birds] is come, and the voice of the turtle is heard in our land;
- World English Bible (WEB)
- The flowers appear on the earth. The time of the singing has come, and the voice of the turtledove is heard in our land.
- American Standard Version (ASV)
- The flowers appear on the earth; The time of the singing [of birds] is come, And the voice of the turtle-dove is heard in our land;
- Bible in Basic English (BBE)
- The flowers are come on the earth; the time of cutting the vines is come, and the voice of the dove is sounding in our land;
- Darby Translation (DBY)
- The flowers appear on the earth; The time of singing is come, And the voice of the turtle-dove is heard in our land;
- Webster's Bible (WBS)
- The flowers appear on the earth; the time of the singing [of birds] is come, and the voice of the turtle is heard in our land;
- Young's Literal Translation (YLT)
- The flowers have appeared in the earth, The time of the singing hath come, And the voice of the turtle was heard in our land,
Read in context
- 10मेरा प्रेमी मुझ से कह रहा है, हे मेरी प्रिय, हे मेरी सुन्दरी, उठकर चली आ;
- 11क्योंकि देख, जाड़ा जाता रहा; वर्षा भी हो चुकी और जाती रही है।
- 12पृथ्वी पर फूल दिखाई देते हैं, चिड़ियों के गाने का समय आ पहुंचा है, और हमारे देश में पिन्डुक का शब्द सुनाई देता है।
- 13अंजीर पकने लगे हैं, और दाखलताएं फूल रही हैं; वे सुगन्ध दे रही हैं। हे मेरी प्रिय, हे मेरी सुन्दरी, उठकर चली आ।
- 14हे मेरी कबूतरी, पहाड़ की दरारों में और टीलों के कुज्ज में तेरा मुख मुझे देखने दे, तेरा बोल मुझे सुनने दे, क्योंकि तेरा बोल मीठा, और तेरा मुख अति सुन्दर है।
Cross references
- Isaiah 55:12 यशायाह 55:12क्योंकि तुम आनन्द के साथ निकलोगे, और शान्ति के साथ पहुंचाए जाओगे; तुम्हारे आगे आगे पहाड़ और पहाड़ियां गला खोलकर जयजयकार करेंगी, और मैदान के सब वृक्ष आनन्द के मारे ताली बजाएंगे।
- Psalm 148:7–13 भजन संहिता 148:7–13पृथ्वी में से यहोवा की स्तुति करो, हे मगरमच्छों और गहिरे सागर, हे अग्नि और ओलो, हे हिम और कुहरे, हे उसका वचन माननेवाली प्रचण्ड बयार! हे पहाड़ों और सब टीलो, हे फलदाई वृक्षों और सब देवदारों! हे वन- पशुओं और सब घरैलू पशुओं, हे रेंगनेवाले जन्तुओं और हे पक्षियों! हे पृथ्वी के राजाओं, और राज्य राज्य के सब लोगों, हे हाकिमों और पृथ्वी के सब न्यायियों! हे जवनों और कुमारियों, हे पुरनियों और बालकों! यहोवा के नाम की स्तुति करो, क्योंकि केवल उसकी का नाम महान है; उसका ऐश्वर्य पृथ्वी और आकाश के ऊपर है।
- Psalm 89:15 भजन संहिता 89:15क्या ही धन्य है वह समाज जो आनन्द के ललकार को पहिचानता है; हे हयोवा वे लोग मेरे मुख के प्रकाश में चलते हैं,
- Jeremiah 8:7 यिर्मयाह 8:7आकाश में लगलग भी अपने नियत समयों को जानता है, और पणडुकी, सूपाबेनी, और सारस भी अपने आने का समय रखते हैं; परन्तु मेरी प्रजा यहोवा का नियम नहीं जानती।
- Colossians 3:16 कुलुस्सियों 3:16मसीह के वचन को अपने हृदय में अधिकाई से बसने दो; और सिद्ध ज्ञान सहित एक दूसरे को सिखाओ, और चिताओ, और अपने अपने मन में अनुग्रह के साथ परमेश्वर के लिये भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाओ।
- Psalm 40:1–3 भजन संहिता 40:1–3मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उस ने मेरी ओर झुककर मेरी दोहाई सुनी। उस ने मुझे सत्यानाश के गड़हे और दलदल की कीच में से उबारा, और मुझ को चट्टान पर खड़ा करके मेरे पैरों को दृढ़ किया है। और उस ने मुझे एक नया गीत सिखाया जो हमारे परमेश्वर की स्तुति का है। बहुतेरे यह देखकर डरेंगे, और यहोवा पर भरोसा रखेंगे।।
- Romans 15:9–13 रोमियों 15:9–13और अन्यजाति भी दया के कारण परमेश्वर की बड़ाई करें, जैसा लिखा है, कि इसलिये मैं जाति जाति में तेरा धन्यवाद करूंगा, और तेरे नाम के भजन गाऊंगा। फिर कहा है, हे जाति जाति के सब लोगों, उस की प्रजा के साथ आनन्द करो। और फिर हे जाति जाति के सब लागो, प्रभु की स्तुति करो; और हे राज्य राज्य के सब लोगो; उसे सराहो। और फिर यशायाह कहता है, कि यिशै की एक जड़ प्रगट होगी, और अन्यजातियों का हाकिम होने के लिये एक उठेगा, उस पर अन्यजातियां आशा रखेंगी। सो परमेश्वर जो आशा का दाता है तुम्हें विश्वास करने में सब प्रकार के आनन्द और शान्ति से परिपूर्ण करे, कि पवित्राआत्मा की सामर्थ से तुम्हारी आशा बढ़ती जाए।।
- Ephesians 5:18–20 इफिसियों 5:18–20और दाखरस से मतवाले न बनो, क्योंकि इस से लुचपर होता है, पर आत्मा से परिपूर्ण होते जाओ। और आपस में भजन और स्तुतिगान और आत्मिक गीत गाया करो, और अपने अपने मन में प्रभु के साम्हने गाते और कीर्तन करते रहो। और सदा सब बातों के लिये हमारे प्रभु यीशु मसीह के नाम से परमेश्वर पिता का धन्यवाद करते रहो।
- Isaiah 42:10–12 यशायाह 42:10–12हे समुद्र पर चलनेवालो, हे समुद्र के सब रहनेवालो, हे द्वीपो, तुम सब अपने रहनेवालो समेत यहोवा के लिये नया गीत गाओ और पृथ्वी की छोर से उसकी स्तुति करो। जंगल और उस में की बस्तियां और केदार के बसे हुए गांव जयजयकार करें; सेला के रहनेवाले जयजयकार करें, वे पहाड़ों की चोटियों पर से ऊंचे शब्द से ललकारें। वे यहोवा की महिमा प्रगट करें और द्वीपों में उसका गुणानुवाद करें।
- Ephesians 1:13–14 इफिसियों 1:13–14और उसी में तुम पर भी जब तुम ने सत्य का वचन सुना, जो तुम्हारे उद्धार का सुसमाचार है, और जिस पर तुम ने विश्वास किया, प्रतिज्ञा किए हुए पवित्रा आत्मा की छाप लगी। वह उसके मोल लिए हुओं के छुटकारे के लिये हमारी मीरास का बयाना है, कि उस की महिमा की स्तुति हो।।
- Hosea 14:5–7 होशे 14:5–7मैं इस्राएल के लिये ओस के समान हूंगा; वह सोसन की नाई फूले- फलेगा, और लबानोन की नाईं जड़ फैलाएगा। उसकी जड़ से पौधे फूटकर निकलेंगे; उसकी शोभा जलपाई की सी, और उसकी सुगन्ध लबानोन की सी होगी। जो उसकी छाया में बैठेंगे, वे अन्न ही नाईं बढ़ेंगे, वे दाखलता की नाई फूले- फलेंगे; और उसकी कीर्त्ति लबानोन के दाखमधु की सी होगी।।
- Song of Solomon 6:11 श्रेष्ठगीत 6:11मैं अखरोट की बारी में उत्तर गई, कि तराई के फूल देखूं, और देखूं की दाखलता में कलियें लगीं, और अनारों के फूल खिले कि नहीं।