Song of Solomon · chapter 2 · verse 7
Song of Solomon 2:7 in Hindi
हे यरूशलेम की पुत्रियों, मैं तुम से चिकारियों और मैदान की हरिणियों की शपथ धराकर कहती हूं, कि जब तक प्रेम आप से न उठे, तब तक उसको न उसकाओ न जगाओ।।
He yarooshalem kee putriyom, maim tum se chikaariyom aur maidaan kee hariniyom kee shapath dharaakar kahatee hoom, ki jab tak prem aap se na uthe, tab tak usako na usakaao na jagaao..
Song of Solomon 2:7 in English
- King James Version (KJV)
- I charge you, O ye daughters of Jerusalem, by the roes, and by the hinds of the field, that ye stir not up, nor awake [my] love, till he please.
- World English Bible (WEB)
- I adjure you, daughters of Jerusalem, by the roes, or by the hinds of the field, that you not stir up, nor awaken love, until it so desires.
- American Standard Version (ASV)
- I adjure you, O daughters of Jerusalem, By the roes, or by the hinds of the field, That ye stir not up, nor awake [my] love, Until he please.
- Bible in Basic English (BBE)
- I say to you, O daughters of Jerusalem, by the roes of the field, do not let love be moved till it is ready.
- Darby Translation (DBY)
- I charge you, daughters of Jerusalem, By the gazelles, or by the hinds of the field, That ye stir not up, nor awake [my] love, till he please.
- Webster's Bible (WBS)
- I charge you, O ye daughters of Jerusalem, by the roes, and by the hinds of the field, that ye stir not, nor awake [my] love, till he please.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I have adjured you, daughters of Jerusalem, By the roes or by the hinds of the field, Stir not up nor wake the love till she please!
Read in context
- 5मुझे सूखी दाखों से संभालो, सेब खिलाकर बल दो: क्योंकि मैं प्रेम में रोगी हूूं।
- 6काश, उसका बायां हाथ मेरे सिर के नीचे होता, और अपने दहिने हाथ से वह मेरा आलिंगन करता!
- 7हे यरूशलेम की पुत्रियों, मैं तुम से चिकारियों और मैदान की हरिणियों की शपथ धराकर कहती हूं, कि जब तक प्रेम आप से न उठे, तब तक उसको न उसकाओ न जगाओ।।
- 8मेरे प्रेमी का शब्द सुन पड़ता है! देखो, वह पहाड़ों को फान्दता हुआ आता है।
- 9मेरा प्रेमी चिकारे वा जवान हरिण के समान है। देखो, वह हमारी भीत के पीछे खड़ा है, और खिड़कियों की ओर ताक रहा है, और झंझरी में से देख रहा है।
Cross references
- Song of Solomon 3:5 श्रेष्ठगीत 3:5हे यरूशलेम की पुत्रियों, मैं तुम से चिकारियों और मैदान की हरिणियों की शपथ धराकर कहती हूं, कि जब तक प्रेम आप से न उठे, तब तक उसको न उसकाओ और न जगाओ।।
- Song of Solomon 8:4 श्रेष्ठगीत 8:4हे यरूशलेम की पुत्रियों, मैं तुम को शपथ धराती हूं, कि तुम मेरे प्रेमी को न जगाना जब तक वह स्वयं न उठना चाहे॥
- Song of Solomon 1:5 श्रेष्ठगीत 1:5हे यरूशलेम की पुत्रियों, मैं काली तो हूं परन्तु सुन्दर हूं, केदार के तम्बुओं के और सुलैमान के पर्दों के तुल्य हूं।
- Song of Solomon 5:8–9 श्रेष्ठगीत 5:8–9हे यरूशलेम की पुत्रियों, मैं तुम को शपथ धराकर कहती हूं, यदि मेरा प्रेमी तुमको मिल जाए, तो उस से कह देना कि में प्रेम में रोगी हूं। हे स्त्रियों में परम सुन्दरी तेरा प्रेमी और प्रेमियों से किस बात में उत्तम है? तू क्यों हम को ऐसी शपथ धराती है?
- Proverbs 5:19 नीतिवचन 5:19प्रिय हरिणी वा सुन्दर सांभरनी के समान उसके स्तन सर्वदा तुझे संतुष्ट रखे, और उसी का प्रेम नित्य तुझे आकर्षित करता रहे।
- Song of Solomon 5:16 श्रेष्ठगीत 5:16उसकी वाणी अति मधुर है, हां वह परम सुन्दर है। हे यरूशलेम की पुत्रियो, यही मेरा प्रेमी और यही मेरा मित्रा है।।
- Song of Solomon 2:9 श्रेष्ठगीत 2:9मेरा प्रेमी चिकारे वा जवान हरिण के समान है। देखो, वह हमारी भीत के पीछे खड़ा है, और खिड़कियों की ओर ताक रहा है, और झंझरी में से देख रहा है।
- Ephesians 5:22–33 इफिसियों 5:22–33हे पत्नियों, अपने अपने पति के ऐसे अधीन रहो, जैसे प्रभु के। क्योंकि पति पत्नी का सिर है जैसे कि मसीह कलीसिया का सिर है; और आप ही देह का उद्धारकर्ता है। पर जैसे कलीसिया मसही के आधीन है, वैसे ही पत्नियां भी हर बात में अपने अपने पति के आधीन रहें। हे पतियों, अपनी अपनी पत्नी से प्रेम रखो, जैसा मसीह ने भी कलीसिया से प्रेम करके अपने आप को उसके लिये दे दिया। कि उस को वचन के द्वारा जल के स्नान से शुद्ध करके पवित्रा बनाए। और उसे एक ऐसी तेजस्वी कलीसिया बनाकर अपने मास खड़ी करे, जिस में न कलंक, न झुर्री, न कोई ऐसी वस्तु हो, बरन पवित्रा और निर्दोष हो। इसी प्रकार उचित है, कि पति अपनी अपनी पत्नी से प्रेम रखता है, वह अपने आप से प्रेम रखता है। क्योंकि किसी ने कभी अपने शरीर से बैर नहीं रखा बरन उसका पालन- पोषण करता है, जैसा मसीह भी कलीसिया के साथ करता है इसलिये कि हम उस की देह के अंग हैं। इस कारण मनुष्य माता पिता को छोड़कर अपनी पत्नी से मिला रहेगा, और वे दोनों एक तन होंगे। यह भेद तो बड़ा है; पर मैं मसीह और कलीसिया के विषय में कहता हूं। पर तुम में से हर एक अपनी पत्नी से अपने समान प्रेम रखे, और पत्नी भी अपने पति का भय माने।।