Song of Solomon · chapter 5 · verse 3
Song of Solomon 5:3 in Hindi
मैं अपना वस्त्रा उतार चुकी थी मैं उसे फिर कैसे पहिनूं? मैं तो अपने पांव धो चुकी थी अब उनको कैसे मैला करूं?
Maim apanaa vastraa utaar chukee thee maim use phir kaise pahinoom? Maim to apane paanv dho chukee thee ab unako kaise mailaa karoom?
Song of Solomon 5:3 in English
- King James Version (KJV)
- I have put off my coat; how shall I put it on? I have washed my feet; how shall I defile them?
- World English Bible (WEB)
- I have taken off my robe. Indeed, must I put it on? I have washed my feet. Indeed, must I soil them?
- American Standard Version (ASV)
- I have put off my garment; how shall I put it on? I have washed my feet; how shall I defile them?
- Bible in Basic English (BBE)
- I have put off my coat; how may I put it on? My feet are washed; how may I make them unclean?
- Darby Translation (DBY)
- — I have put off my tunic, how should I put it on? I have washed my feet, how should I pollute them? —
- Webster's Bible (WBS)
- I have put off my coat; how shall I put it on? I have washed my feet; how shall I defile them?
- Young's Literal Translation (YLT)
- I have put off my coat, how do I put it on? I have washed my feet, how do I defile them?
Read in context
- 1हे मेरी बहिन, हे मेरी दुल्हिन, मैं अपनी बारी में आया हूं, मैं ने अपना गन्धरस और बलसान चुन लिया; मैं ने मधु समेत छत्ता खा लिया, मैं ने दूध और दाखमधु भी लिया।। हे मित्रों, तुम भी खाओ, हे प्यारों, पियो, मनमाना पियो!
- 2मैं मोती थी, परन्तु मेरा मन जागता था। सुन! मेरा प्रेमी खटखटाता है, और कहता है, हे मेरी बहिन, हे मेरी प्रिय, हे मेरी कबूतरी, हे मेरी निर्मल, मेरे लिये द्वार खोल; क्योंकि मेरा सिर ओस से भरा है, और मेरी लटें रात में गिरी हुई बून्दों से भीगी हैं।
- 3मैं अपना वस्त्रा उतार चुकी थी मैं उसे फिर कैसे पहिनूं? मैं तो अपने पांव धो चुकी थी अब उनको कैसे मैला करूं?
- 4मेरे प्रेमी ने अपना हाथ किवाड़ के छेद से भीतर डाल दिया, तब मेरा हृदय उसके लिये उभर उठा।
- 5मैं अपने प्रेमी के लिये द्वार खोलने को उठी, और मेरे हाथों से गन्धरस टपका, और मेरी अंगुलियों पर से टपकता हुआ गन्धरस बेण्डे की मूठों पर पड़ा।
Cross references
- Luke 11:7 लूका 11:7और वह भीतर से उत्तर दे, कि मुझे दुख न दे; अब तो द्वार बन्द है, और मेरे बालक मेरे पास बिछौने पर हैं, इसलिये मैं उठकर तुझे दे नहीं सकता?
- Matthew 26:38–43 मत्ती 26:38–43तब उस ने उन से कहा; मेरा जी बहुत उदास है, यहां तक कि मेरे प्राण निकला चाहते: तुम यहीं ठहरो, और मेरे साथ जागते रहो। फिर वह थोड़ा और आगे बढ़कर मुंह के बल गिरा, और यह प्रार्थना करने लगा, कि हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मुझ से टल जाए; तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो। फिर चेलों के पास आकर उन्हें सोते पाया, और पतरस से कहा; क्या तुम मेरे साथ एक घड़ी भी न जाग सके? जागते रहो, और प्रार्थना करते रहो, कि तुम परीक्षा में न पड़ो: आत्मा तो तैयार है, परन्तु शरीर दुर्बल है। फिर उस ने दूसरी बार जाकर यह प्रार्थना की; कि हे मेरे पिता, यदि यह मेरे पीए बिना नहीं हट सकता तो तेरी इच्छा पूरी हो। तब उस ने आकर उन्हें फिर सोते पाया, क्योंकि उन की आंखें नींद से भरी थीं।
- Matthew 25:5 मत्ती 25:5जब दुल्हे के आने में देर हुई, तो वे सब ऊंघने लगीं, और सो गई।
- Proverbs 3:28 नीतिवचन 3:28यदि तेरे पास देने को कुछ हो, तो अपने पड़ोसी से न कहना कि जा कल फिर आना, कल मैं तुझे दूंगा।
- Romans 7:22–23 रोमियों 7:22–23क्योंकि मैं भीतरी मनुष्यत्व से तो परमेश्वर की व्यवस्था से बहुत प्रसन्न रहता हूं। परन्तु मुझे अपने अंगो में दूसरे प्रकार की व्यवस्था दिखाई पड़ती है, जो मेरी बुद्धि की व्यवस्था से लड़ती है, और मुझे पाप की व्यवस्था के बन्धन में डालती है जो मेरे अंगों में है।
- Proverbs 13:4 नीतिवचन 13:4आलसी का प्राण लालसा तो करता है, और उसको कुछ नहीं मिलता, परन्तु कामकाजी हृष्ट पुष्ट हो जाते हैं।
- Proverbs 22:13 नीतिवचन 22:13आलसी कहता है, बाहर तो सिंह होगा! मैं चौक के बीच घात किया जाऊंगा।