Matthew · chapter 26 · verse 38
Matthew 26:38 in Hindi
तब उस ने उन से कहा; मेरा जी बहुत उदास है, यहां तक कि मेरे प्राण निकला चाहते: तुम यहीं ठहरो, और मेरे साथ जागते रहो।
Tab us ne un se kahaa; meraa jee bahut udaas hai, yahaam tak ki mere praan nikalaa chaahate: tum yaheem thaharo, aur mere saath jaagate raho.
Matthew 26:38 in English
- King James Version (KJV)
- Then saith he unto them, My soul is exceeding sorrowful, even unto death: tarry ye here, and watch with me.
- World English Bible (WEB)
- Then Jesus said to them, “My soul is exceedingly sorrowful, even to death. Stay here and watch with me.”
- American Standard Version (ASV)
- Then saith he unto them, My soul is exceeding sorrowful, even unto death: abide ye here, and watch with me.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then says he to them, My soul is very sad, even to death: keep watch with me here.
- Darby Translation (DBY)
- Then he says to them, My soul is very sorrowful even unto death; remain here and watch with me.
- Webster's Bible (WBS)
- Then saith he to them, My soul is exceeding sorrowful, even to death: tarry ye here, and watch with me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- then saith he to them, 'Exceedingly sorrowful is my soul — unto death; abide ye here, and watch with me.'
Read in context
- 36तब यीशु ने अपने चेलों के साथ गतसमनी नाम एक स्थान में आया और अपने चेलों से कहने लगा कि यहीं बैठे रहना, जब तक कि मैं वहां जाकर प्रार्थना करूं।
- 37और वह पतरस और जब्दी के दोनों पुत्रों को साथ ले गया, और उदास और व्याकुल होने लगा।
- 38तब उस ने उन से कहा; मेरा जी बहुत उदास है, यहां तक कि मेरे प्राण निकला चाहते: तुम यहीं ठहरो, और मेरे साथ जागते रहो।
- 39फिर वह थोड़ा और आगे बढ़कर मुंह के बल गिरा, और यह प्रार्थना करने लगा, कि हे मेरे पिता, यदि हो सके, तो यह कटोरा मुझ से टल जाए; तौभी जैसा मैं चाहता हूं वैसा नहीं, परन्तु जैसा तू चाहता है वैसा ही हो।
- 40फिर चेलों के पास आकर उन्हें सोते पाया, और पतरस से कहा; क्या तुम मेरे साथ एक घड़ी भी न जाग सके?
Cross references
- John 12:27 यूहन्ना 12:27जब मेरा जी व्याकुल हो रहा है। इसलिये अब मैं क्या कहूं? हे पिता, मुझे इस घड़ी से बचा? परन्तु मैं इसी कारण इस घड़ी को पहुंचा हूं।
- 1 Peter 3:18 1 पतरस 3:18इसलिये कि मसीह ने भी, अर्थात् अधर्मियों के लिये धर्मी ने पापों के कारण एक बार दुख उठाया, ताकि हमें परमेश्वर के पास पहुंचाए: वह शरीर के भाव से तो घात किया गया, पर आत्मा के भाव से जिलाया गया।
- 1 Peter 2:24 1 पतरस 2:24वह आप ही हमारे पापों को अपनी देह पर लिए हुए क्रूस पर चढ़ गया जिस से हम पापों के लिये मर करके धार्मिकता के लिये जीवन बिताएं: उसी के मार खाने से तुम चंगे हुए।
- 1 Peter 4:7 1 पतरस 4:7सब बातों का अन्त तुरन्त होनेवाला है; इसलिये संयमी होकर प्रार्थना के लिये सचेत रहो।
- Matthew 26:40–41 मत्ती 26:40–41फिर चेलों के पास आकर उन्हें सोते पाया, और पतरस से कहा; क्या तुम मेरे साथ एक घड़ी भी न जाग सके? जागते रहो, और प्रार्थना करते रहो, कि तुम परीक्षा में न पड़ो: आत्मा तो तैयार है, परन्तु शरीर दुर्बल है।
- Galatians 3:13 गलातियों 3:13मसीह ने जो हमारे लिये स्त्रापित बना, हमें मोल लेकर व्यवस्था के स्त्राप से छुड़ाया क्योंकि लिखा है, जो कोई काठ पर लटकाया जाता है वह स्त्रापित है।
- Isaiah 53:10 यशायाह 53:10तौभी यहोवा को यही भया कि उसे कुचले; उसी ने उसको रोगी कर दिया; जब तू उसका प्राण दोषबलि करे, तब वह अपना वंश देखने पाएगा, वह बहुत दिन जीवित रहेगा; उसके हाथ से यहोवा की इच्छा पूरी हो जाएगी।
- Matthew 25:13 मत्ती 25:13इसलिये जागते रहो, क्योंकि तुम न उस दिन को जानते हो, न उस घड़ी को।।
- Isaiah 53:3 यशायाह 53:3वह तुच्छ जाना जाता और मनुष्यों का त्यागा हुआ था; वह दु:खी पुरूष था, रोग से उसकी जान पहिचान थी; और लोग उस से मुख फेर लेते थे। वह तुच्छ जाना गया, और, हम ने उसका मूल्य न जाना।।
- Psalm 88:14–16 भजन संहिता 88:14–16हे यहोवा, तू मुझ को क्यों छोड़ता है? तू अपना मुख मुझ से क्यों छिपाता रहता है? मैं बचपन ही से दु:खी वरन अधमुआ हूं, तुझ से भय खाते मैं अति व्याकुल हो गया हूं। तेरा क्रोध मुझ पर पड़ा है; उस भय से मैं मिट गया हूं।
- 2 Corinthians 5:21 2 कुरिन्थियों 5:21जो पाप से अज्ञात था, उसी को उस ने हमारे लिये पाप ठहराया, कि हम उस में होकर परमेश्वर की धार्मिकता बन जाएं।।
- Job 6:2–4 अय्यूब 6:2–4भला होता कि मेरा खेद तौला जाता, और मेरी सारी विपत्ति तुला में धरी जाती! क्योंकि वह समुद्र की बालू से भी भारी ठहरती; इसी कारण मेरी बातें उतावली से हूई हैं। क्योंकि सर्वशक्तिमान के तीर मेरे अन्दर चुभे हैं; और उनका विष मेरी आत्मा में वैठ गया है;ईश्वर की भयंकर बात मेरे विरूद्ध पांति बान्धे हैं।