Song of Solomon · chapter 5 · verse 6
Song of Solomon 5:6 in Hindi
मैं ने अपने प्रेमी के लिये द्वार तो खोला परन्तु मेरा प्रेमी मुड़कर चला गया था। जब वह बोल रहा था, तब मेरा प्राण घबरा गया था मैं ने उसको ढूंढ़ा, परन्तु न पाया; मैं ने उसको पुकारा, परन्तु उस ने कुछ उत्तर न दिया।
Maim ne apane premee ke liye dvaar to kholaa parantu meraa premee mudakar chalaa gayaa thaa. Jab vah bol rahaa thaa, tab meraa praan ghabaraa gayaa thaa maim ne usako dhoondhaa, parantu na paayaa; maim ne usako pukaaraa, parantu us ne kuchh uttar na diyaa.
Song of Solomon 5:6 in English
- King James Version (KJV)
- I opened to my beloved; but my beloved had withdrawn himself, [and] was gone: my soul failed when he spake: I sought him, but I could not find him; I called him, but he gave me no answer.
- World English Bible (WEB)
- I opened to my beloved; but my beloved left, and had gone away. My heart went out when he spoke. I looked for him, but I didn’t find him. I called him, but he didn’t answer.
- American Standard Version (ASV)
- I opened to my beloved; But my beloved had withdrawn himself, [and] was gone. My soul had failed me when he spake: I sought him, but I could not find him; I called him, but he gave me no answer.
- Bible in Basic English (BBE)
- I made the door open to my loved one; but my loved one had taken himself away, and was gone, my soul was feeble when his back was turned on me; I went after him, but I did not come near him; I said his name, but he gave me no answer.
- Darby Translation (DBY)
- I opened to my beloved; But my beloved had withdrawn himself; he was gone: My soul went forth when he spoke. I sought him, but I found him not; I called him, but he gave me no answer.
- Webster's Bible (WBS)
- I opened to my beloved; but my beloved had withdrawn himself, [and] was gone: my soul failed when he spoke: I sought him, but I could not find him; I called him, but he gave me no answer.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I opened to my beloved, But my beloved withdrew — he passed on, My soul went forth when he spake, I sought him, and found him not. I called him, and he answered me not.
Read in context
- 4मेरे प्रेमी ने अपना हाथ किवाड़ के छेद से भीतर डाल दिया, तब मेरा हृदय उसके लिये उभर उठा।
- 5मैं अपने प्रेमी के लिये द्वार खोलने को उठी, और मेरे हाथों से गन्धरस टपका, और मेरी अंगुलियों पर से टपकता हुआ गन्धरस बेण्डे की मूठों पर पड़ा।
- 6मैं ने अपने प्रेमी के लिये द्वार तो खोला परन्तु मेरा प्रेमी मुड़कर चला गया था। जब वह बोल रहा था, तब मेरा प्राण घबरा गया था मैं ने उसको ढूंढ़ा, परन्तु न पाया; मैं ने उसको पुकारा, परन्तु उस ने कुछ उत्तर न दिया।
- 7पहरेवाले जो नगर में घूमते थे, मुझे मिले, उन्हों ने मुझे मारा और घायल किया; शहरपनाह के पहरूओं ने मेरी च र मुझ से छीन ली।
- 8हे यरूशलेम की पुत्रियों, मैं तुम को शपथ धराकर कहती हूं, यदि मेरा प्रेमी तुमको मिल जाए, तो उस से कह देना कि में प्रेम में रोगी हूं।
Cross references
- Song of Solomon 5:2 श्रेष्ठगीत 5:2मैं मोती थी, परन्तु मेरा मन जागता था। सुन! मेरा प्रेमी खटखटाता है, और कहता है, हे मेरी बहिन, हे मेरी प्रिय, हे मेरी कबूतरी, हे मेरी निर्मल, मेरे लिये द्वार खोल; क्योंकि मेरा सिर ओस से भरा है, और मेरी लटें रात में गिरी हुई बून्दों से भीगी हैं।
- Hosea 5:15 होशे 5:15जब तक वे अपने को अपराधी मानकर मेरे दर्शन के खोजी न होंगे तब तक मैं अपने स्थान को लौटूंगा, और जब वे संकट में पड़ेंगे, तब जी लगाकर मुझे ढूंढ़ने लगेंगे।।
- Revelation 3:19 प्रकाशितवाक्य 3:19मैं जिन जिन से प्रीति रखता हूं, उन सब को उलाहना और ताड़ना देता हूं, इसलिये सरगर्म हो, और मन फिरा।
- Matthew 26:75 मत्ती 26:75तब पतरस को यीशु की कही हुई बात स्मरण आई की मुर्ग के बांग देने से पहिले तू तीन बार मेरा इन्कार करेगा और वह बाहर जाकर फूट फूट कर रोने लगा।।
- Psalm 88:9–14 भजन संहिता 88:9–14दु:ख भोगते भोगते मेरी आंखे धुन्धला गई। हे यहोवा मैं लगातार तुझे पुकारता और अपने हाथ तेरी ओर फैलाता आया हूं। क्या तू मुर्दों के लिये अदभुत् काम करेगा? क्या मरे लोग उठकर तेरा धन्यवाद करेंगे? क्या कबर में तेरी करूणा का, और विनाश की दशा में तेरी सच्चाई का वर्णन किया जाएगा? क्या तेरे अदभुत् काम अन्धकार में, वा तेरा धर्म विश्वासघात की दशा में जाना जाएगा? परन्तु हे यहोवा, मैं ने तेरी दोहाई दी है; और भोर को मेरी प्रार्थना तुझ तक पहुंचेगी। हे यहोवा, तू मुझ को क्यों छोड़ता है? तू अपना मुख मुझ से क्यों छिपाता रहता है?
- Matthew 15:22–28 मत्ती 15:22–28और देखो, उस देश से एक कनानी स्त्री निकली, और चिल्लाकर कहने लगी; हे प्रभु दाऊद के सन्तान, मुझ पर दया कर, मेरी बेटी को दुष्टात्मा बहुत सता रहा है। पर उस ने उसे कुछ उत्तर न दिया, और उसके चेलों ने आकर उस से बिनती कर कहा; इसे विदा कर; क्योंकि वह हमारे पीछे चिल्लाती आती है। उस ने उत्तर दिया, कि इस्राएल के घराने की खोई हुई भेड़ों को छोड़ मैं किसी के पास नहीं भेजा गया। पर वह आई, और उसे प्रणाम करके कहने लगी; हे प्रभु, मेरी सहायता कर। उस ने उत्तर दिया, कि लड़कों की रोटी लेकर कुत्तों के आगे डालना अच्छा नहीं। उस ने कहा, सत्य है प्रभु; पर कुत्ते भी वह चूरचार खाते हैं, जो उन के स्वामियों की मेज से गिरते हैं। इस पर यीशु ने उस को उत्तर देकर कहा, कि हे स्त्री, तेरा विश्वास बड़ा है: जैसा तू चाहती है, तेरे लिये वैसा ही हो; और उस की बेटी उसी घड़ी चंगी हो गई।।
- Proverbs 1:28 नीतिवचन 1:28उस समय वे मुझे पुकारेंगे, और मैं न सुनूंगी; वे मुझे यत्न से तो ढूंढ़ेंगे, परन्तु न पाएंगे।
- Lamentations 3:8 विलापगीत 3:8मैं चिल्ला चिल्लाके दोहाई देता हूँ, तौभी वह मेरी प्रार्थता नहीं सुनता;
- Isaiah 12:1 यशायाह 12:1उस दिन तू कहेगा, हे यहोवा, मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, क्योंकि यद्यिप तू मुझ पर क्रोधित हुआ था, परन्तु अब तेरा क्रोध शान्त हुआ, और तू ने मुझे शान्ति दी है।।
- Psalm 30:7 भजन संहिता 30:7हे यहोवा अपनी प्रसन्नता से तू ने मेरे पहाड़ को दृढ़ और स्थिर किया था; जब तू ने अपना मुख फेर लिया तब मैं घबरा गया।।
- Genesis 42:28 उत्पत्ति 42:28यह वही बात है, जो मैं फिरौन से कह चुका हूं, कि परमेश्वर जो काम किया चाहता है, उसे उस ने फिरौन को दिखाया है।
- Isaiah 57:16 यशायाह 57:16मैं सदा मुक मा न लड़ता रहूंगा, न सर्वदा क्रोधित रहूंगा; क्योंकि आत्मा मेरे बनाए हुए हैं और जीव मेरे साम्हने मूर्च्छित हो जाते हैं।
Original words (Hebrew)
- opened · H6605פָּתַח pâthach
- beloved · H1730דּוֹד dôwd
- beloved · H1730דּוֹד dôwd
- withdrawn · H2559חָמַק châmaq
- gone · H5674עָבַר ʻâbar
- soul · H5315נֶפֶשׁ nephesh
- failed · H3318יָצָא yâtsâʼ
- spake · H1696דָבַר dâbar
- sought · H1245בָּקַשׁ bâqash
- find · H4672מָצָא mâtsâʼ
- called · H7121קָרָא qârâʼ
- answer · H6030עָנָה ʻânâh