Zechariah · chapter 1 · verse 12
Zechariah 1:12 in Hindi
तब यहोवा के दूत ने कहा, हे सेनाओं के यहोवा, तू जो यरूशलेम और यहूदा के नगरों पर सत्तर वर्ष से क्रोधित है, सो तू उन पर कब तक दया न करेगा?
Tab yahovaa ke doot ne kahaa, he senaaom ke yahovaa, too jo yarooshalem aur yahoodaa ke nagarom par sattar varsh se krodhit hai, so too un par kab tak dayaa na karegaa?
Zechariah 1:12 in English
- King James Version (KJV)
- Then the angel of the LORD answered and said, O LORD of hosts, how long wilt thou not have mercy on Jerusalem and on the cities of Judah, against which thou hast had indignation these threescore and ten years?
- World English Bible (WEB)
- Then the LORD’s angel replied, “O LORD of Armies, how long will you not have mercy on Jerusalem and on the cities of Judah, against which you have had indignation these seventy years?”
- American Standard Version (ASV)
- Then the angel of Jehovah answered and said, O Jehovah of hosts, how long wilt thou not have mercy on Jerusalem and on the cities of Judah, against which thou hast had indignation these threescore and ten years?
- Bible in Basic English (BBE)
- Then the angel of the Lord, answering, said, O Lord of armies, how long will it be before you have mercy on Jerusalem and on the towns of Judah against which your wrath has been burning for seventy years?
- Darby Translation (DBY)
- And the angel of Jehovah answered and said, Jehovah of hosts, how long wilt thou not have mercy on Jerusalem and on the cities of Judah, against which thou hast had indignation these seventy years?
- Webster's Bible (WBS)
- Then the angel of the LORD answered and said, O LORD of hosts, how long wilt thou not have mercy on Jerusalem and on the cities of Judah, against which thou hast had indignation these seventy years.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the messenger of Jehovah answereth and saith, 'Jehovah of Hosts! till when dost Thou not pity Jerusalem, and the cities of Judah, that Thou hast abhorred these seventy years?'
Read in context
- 10फिर जो पुरूष मेंहदियों के बीच खड़ा था, उस ने कहा, यह वे हैं जिन को यहोवा ने पृथ्वी पर सैर अर्थात् धूमने के लिये भेजा है।
- 11तब उन्हों ने यहोवा के उस दूत से जो मेंहदियों के बीच खड़ा था, कहा, हम ने पृथ्वी पर सैर किया है, और क्या देखा कि सारी पृथ्वी में शान्ति और चैन है।
- 12तब यहोवा के दूत ने कहा, हे सेनाओं के यहोवा, तू जो यरूशलेम और यहूदा के नगरों पर सत्तर वर्ष से क्रोधित है, सो तू उन पर कब तक दया न करेगा?
- 13और यहोवा ने उत्तर में उस दूत से जो मुझ से बातें करता था, अच्छी अच्छी और शान्ति की बातें कहीं।
- 14तब जो दूत मुझ से बातें करता था, उस ने मुझ से कहा, तू पुकारकर कह कि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, मुझे यरूशलेम और सिरयोन के लिये बड़ी जलन हुई है।
Cross references
- Zechariah 7:5 जकर्याह 7:5सब साधारण लोगों से और याजकों से कह, कि जब तुम इन सत्तर वर्षों के बीच पांचवें और सातवें महीनों में उपवास और विलाप करते थे, तब क्या तुम सचमुच मेरे ही लिये उपवास करते थे?
- Psalm 102:13 भजन संहिता 102:13तू उठकर सिरयोन पर दया करेगा; क्योंकि उस पर अनुग्रह करने का ठहराया हुअ समय आ पहुंचा है।
- Psalm 74:10 भजन संहिता 74:10हे परमेश्वर द्रोही कब तक नामधराई करता रहेगा? क्या शत्रु, तेरे नाम की निन्दा सदा करता रहेगा?
- Jeremiah 29:10 यिर्मयाह 29:10यहोवा यों कहता है कि वाबुल के सत्तर वर्ष पूरे होने पर मैं तुम्हारी सुधि लूंगा, और अपना यह मनभवना वचन कि मैं तुम्हें इस स्थान में लौटा ले आऊंगा, पूरा करूंगा।
- Daniel 9:2 दानिय्येल 9:2उसके राज्य के पहिले वर्ष में, मुझ दानिरयेल ने शास्त्रा के द्वारा समझ लिया कि यरूशलेम की उजड़ी हुई दशा यहोवा के उस वचन के अनुसार, जो यिर्मयाह नबी के पास पहुंचा था, कुछ वर्षों के बीतने पर अर्थात् सत्तर वर्ष के बाद पूरी हो जाएगी।
- Revelation 6:10 प्रकाशितवाक्य 6:10और उन्हों ने बड़े शब्द से पुकार कर कहा; हे स्वामी, हे पवित्रा, और सत्य; तू कब तक न्याय न करेगा? और पृथ्वी के रहनेवालों से हमारे लोहू का पलटा कब तक न लेगा?
- 2 Chronicles 36:21 2 इतिहास 36:21यह सब इसलिये हुआ कि यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था, वह पूरा हो, कि देश अपने विश्राम कालों में मुख भोगता रहे। इसलिये जब तक वह सूना पड़ा रहा तब तक अर्थात् सत्तर वर्ष के पूरे होने तक उसको विश्राम मिला।
- Zechariah 1:8 जकर्याह 1:8मैं ने रात को स्वप्न में क्या देखा कि एक पुरूष लाल घोड़े पर चढ़ा हुआ उन मेंहदियों के बीच खड़ा है जो नीचे स्थान में हैं, और उसके पीछे लाल और सुरंग और श्वेत घोड़े भी खड़े हैं।
- Hebrews 7:25 इब्रानियों 7:25इसी लिये जो उसके द्वारा परमेश्वर के पास आते हैं, वह उन का पूरा पूरा उद्धार कर सकता है, क्योंकि वह उन के लिये बिनती करने को सर्वदा जीवित है।।
- Zechariah 1:10–11 जकर्याह 1:10–11फिर जो पुरूष मेंहदियों के बीच खड़ा था, उस ने कहा, यह वे हैं जिन को यहोवा ने पृथ्वी पर सैर अर्थात् धूमने के लिये भेजा है। तब उन्हों ने यहोवा के उस दूत से जो मेंहदियों के बीच खड़ा था, कहा, हम ने पृथ्वी पर सैर किया है, और क्या देखा कि सारी पृथ्वी में शान्ति और चैन है।
- Psalm 69:5 भजन संहिता 69:5हे परमेश्वर, तू तो मेरी मूढ़ता को जानता है, और मेरे दोष तुझ से छिपे नहीं हैं।।
- Jeremiah 25:11–12 यिर्मयाह 25:11–12सारी जातियों का यह देश उजाड़ ही उजाड़ होगा, और ये सब जातियां सत्तर वर्ष तक बाबुल के राजा के आधीन रहेंगी। जब सत्तर वर्ष बीत चुकें, तब मैं बाबुल के राजा और उस जाति के लोगों और कसदियों के देश के सब निवासियों को अर्ध्म का दण्ड दूंगा, यहोवा की यह वाणी है; और उस देश को सदा के लिये उजाड़ दूंगा।
Original words (Hebrew)
- angel · H4397מֲלְאָךְ mălʼâk
- answered · H6030עָנָה ʻânâh
- said · H559אָמַר ʼâmar
- hosts · H6635צָבָא tsâbâʼ
- mercy · H7355רָחַם râcham
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- cities · H5892עִיר ʻîyr
- Judah · H3063יְהוּדָה Yᵉhûwdâh
- indignation · H2194זָעַם zâʻam
- ten · H7657שִׁבְעִים shibʻîym
- years · H8141שָׁנֶה shâneh