Zechariah · chapter 1 · verse 16
Zechariah 1:16 in Hindi
इस कारण यहोवा यों कहता है, अब मैं दया करके यरूशलेम को लौट आया हूं; मेरा भवन उस में बनेगा, और यरूशलेम पर नापने की डोरी डाली जाएगी, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है।
Is kaaran yahovaa yom kahataa hai, ab maim dayaa karake yarooshalem ko laut aayaa hoom; meraa bhavan us mem banegaa, aur yarooshalem par naapane kee doree daalee jaaegee, senaaom ke yahovaa kee yahee vaanee hai.
Zechariah 1:16 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore thus saith the LORD; I am returned to Jerusalem with mercies: my house shall be built in it, saith the LORD of hosts, and a line shall be stretched forth upon Jerusalem.
- World English Bible (WEB)
- Therefore the LORD says: “I have returned to Jerusalem with mercy. My house shall be built in it,” says the LORD of Armies, “and a line shall be stretched out over Jerusalem.”’
- American Standard Version (ASV)
- Therefore thus saith Jehovah: I am returned to Jerusalem with mercies; my house shall be built in it, saith Jehovah of hosts, and a line shall be stretched forth over Jerusalem.
- Bible in Basic English (BBE)
- So this is what the Lord has said: I have come back to Jerusalem with mercies; my house is to be put up in her, says the Lord of armies, and a line is to be stretched out over Jerusalem.
- Darby Translation (DBY)
- Therefore thus saith Jehovah: I am returned to Jerusalem with mercies: my house shall be built in it, saith Jehovah of hosts, and the line shall be stretched forth upon Jerusalem.
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore thus saith the LORD; I have returned to Jerusalem with mercies: my house shall be built in it, saith the LORD of hosts, and a line shall be stretched forth upon Jerusalem.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Therefore, thus said Jehovah: I have turned to Jerusalem with mercies, My house is built in it, An affirmation of Jehovah of Hosts, And a line is stretched over Jerusalem.
Read in context
- 14तब जो दूत मुझ से बातें करता था, उस ने मुझ से कहा, तू पुकारकर कह कि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, मुझे यरूशलेम और सिरयोन के लिये बड़ी जलन हुई है।
- 15और जो जातियां सुख से रहती हैं, उन से मैं क्रोधित हूं; क्योंकि मैं ने तो थोड़ा से क्रोध किया था, परन्तु उन्हों ने विपत्ति को बढ़ा दिया।
- 16इस कारण यहोवा यों कहता है, अब मैं दया करके यरूशलेम को लौट आया हूं; मेरा भवन उस में बनेगा, और यरूशलेम पर नापने की डोरी डाली जाएगी, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है।
- 17फिर यह भी पुकारकर कह कि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, मेरे नगर फिर उत्तम वस्तुओं से भर जाएंगे, और यहोवा फिर सिरयोन को शान्ति देगा; और यरूशलेम को फिर अपना ठहराएगा।।
- 18फिर मैं ने जो आंखें उठाई, तो क्या देखा कि चार सींग हैं।
Cross references
- Zechariah 8:3 जकर्याह 8:3यहोवा यों कहता है, मैं सिरयोन में लौट आया हूं, और यरूशेलम के बीच में वास किए रहूंगा, और यरूशलेम की सच्चाई का नगर कहलाएगा, और सेनाओं के यहोवा का पर्वत, पवित्रा पर्वत कहलाएगा।
- Zechariah 2:10–11 जकर्याह 2:10–11हे सिरयोन, ऊंचे स्वर से गा और आनन्द कर, क्योंकि देख, मैं आकर तेरे बीच में निवास करूंगा, यहोवा की यही वाणी है। उस समय बहुत सी जातियां यहोवा से मिल जाएंगी, और मेरी प्रजा हो जाएंगी; और मैं तेरे बीच में बास करूंगा,
- Ezekiel 37:24–28 यहेजकेल 37:24–28मेरा दास दाऊद उनका राजा होगा; सो उन सभों का एक ही चरवाहा होगा। वे मेरे नियमों पर चलेंगे और मेरी विधियों को मानकर उनके अनुसार चलेंगे। वे उस देश में रहेंगे जिसे मैं ने अपने दास याकूब को दिया था; और जिस में तुम्हारे पुरखा रहते थे, उसी में वे और उनके बेटे- पोते सदा बसे रहेंगे; और मेरा दास दाऊद सदा उनका प्रधान रहेगा। मैं उनके साथ शान्ति की वाचा बान्धूंगा; वह सदा की वाचा ठहरेगी; और मैं उन्हें स्थान देकर गिनती में बढ़ाऊंगा, और उनके बीच अपना पवित्रास्थान सदा बनाए रखूंगा। मेरे निवास का तम्बू उनके ऊपर तना रहेगा; और मैं उनका परमेश्वर हूंगा, और वे मेरी प्रजा होंगे। और जब मेरा पवित्रास्थान उनके बीच सदा के लिये रहेगा, तब सब जातियां जान लेंगी कि मैं यहोवा इस्राएल का पवित्रा करनेवाला हूँ।
- Ezra 6:14–15 एज्रा 6:14–15तब यहूदी पुरनिये, हाग्गै नबी और इद्दॊ के पोते जकर्याह के नबूवत करने से मन्दिर को बनाते रहे, और कृतार्थ भी हुए। ओर इस्राएल के परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार और फारस के राजा कुस्रू, दारा और अर्तक्षत्रा की आज्ञाओं के अनुसार बनाते बनाते उसे पूरा कर लिया। इस प्रकार वह भवन राजा दारा के राज्य के छठवें वर्ष में अदार महीने के तीसरे दिन को बनकर समाप्त हुआ।
- Job 38:5 अय्यूब 38:5उसकी नाप किस ने ठहराई, क्या तू जानता है उस पर किस ने सूत खींचा?
- Zechariah 4:9 जकर्याह 4:9जरूब्बाबेल ने अपने हाथों से इस भवन की नेव डाली है, और वही अपने हाथों से उसको तैयार भी करेगा। तब तू जानेगा कि सेनाओं के यहोवा ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है।
- Isaiah 54:8–10 यशायाह 54:8–10क्रोध के झकोरे में आकर मैं ने पल भर के लिये तुझ से मुंह छिपाया था, परन्तु अब अनन्त करूणा से मैं तुझ पर दया करूंगा, तेरे छुड़ाने वाले यहोवा का यही वचन है। यह मेरी दृष्टि में नूह के समय के जलप्रलय के समान है; क्योंकि जैसे मैं ने शपथ खाई थी कि नूह के समय के जलप्रलय से पृथ्वी फिर न डूबेगी, वैसे ही मैं ने यह भी शपथ खाई है कि फिर कभी तुझ पर क्रोध न करूंगा और न तुझ को धमकी दूंगा। चाहे पहाड़ हट जाएं और पहाडिय़ां टल जाएं, तौभी मेरी करूणा तुझ पर से कभी न हटेगी, और मेरी शान्तिदायक वाचा न टलेगी, यहोवा, जो तुझ पर दया करता है, उसका यही वचन है॥
- Ezekiel 39:25–29 यहेजकेल 39:25–29इसलिये परमेश्वर यहोवा यों कहता है, अब मैं याकूब को बंधुआई से फेर लाऊंगा, और इस्राएल के सारे घराने पर दया करूंगा; और अपने पवित्रा नाम के लिये मुझे जलन होगी। तब उस सारे विश्वासघात के कारण जो उन्हों ने मेरे विरूद्ध किया वे लज्जित होंगे; और अपने देश में निडर रहेंगे; और कोई उनको न डराएगा। और जब मैं उनको जाति- जाति के बीच से फेर लाऊंगा, और उन शत्रुओं के देशों से इकट्ठा करूंगा, तब बहुत जातियों की दृष्टि में उनके द्वारा पवित्रा ठहरूंगा। और तब वे जान लेंगे कि यहोवा हमारा परमेश्वर है, क्योंकि मैं ने उनको जाति- जाति में बंधुआ करके फिर उनके निज देश में इकट्ठा किया है। मैं उन में से किसी को फिर परदेश में न छोडूंगा, और उन से अपना मुंह फिर कभी न फेर लूंगा, क्योंकि मैं ने इस्राएल के घराने पर अपना आत्मा उण्डेला है, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- Ezekiel 47:3 यहेजकेल 47:3जब वह पुरूष हाथ में मापने की डोरी लिए हुए पूर्व ओर निकला, तब उस ने भवन से लेकर, हजार हाथ तक उस सोते को मापा, और मुझे जल में से चलाया, और जल टखनों तक था।
- Ezekiel 40:3 यहेजकेल 40:3जब वह मुझे वहां ले गया, तो मैं ने क्या देखा कि पीतल का रूप घरे हुए और हाथ में सन का फीता और मापने का बांस लिए हुए एक पुरूष फाटक में खड़ा है।
- Zechariah 2:1–2 जकर्याह 2:1–2फिर मैं ने आंखें उठाईं तो क्या देखा, कि हाथ में नापने की डोरी लिए हुए एक पुरूष है। तब मैं ने उस से पूछा, तू कहां जाता है? उस ने मुझ से कहा, यरूशलेम को नापने जाता हूं कि देखूं उसकी चौड़ाई कितनी, और लम्बाई कितनी है।
- Jeremiah 33:10–12 यिर्मयाह 33:10–12यहोवा यों कहता है, यह स्थान जिसके विषय तुम लोग कहते हो कि यह तो उजाड़ हो गया है, इस में न तो मनुष्य रह गया है और न पशु, अर्थात यहूदा देश के नगर और यरूशलेम की सड़कें जो ऐसी सुनसान पड़ी हैं कि उन में न तो कोई मनुष्य रहता है और न कोई पशु, इन्हीं में हर्ष और आनन्द का शब्द, दुल्हे-दुल्हिन का शब्द, और इस बात के कहने वालों का शब्द फिर सुनाईं पड़ेगा कि सेनाओं के यहोवा का धन्यवाद करो, क्योंकि यहोवा भला है, और उसकी करुणा सदा की है। और यहोवा के भवन में धन्यवादबलि लाने वालों का भी शब्द सुनाईं देगा; क्योंकि मैं इस देश की दशा पहिले की नाईं ज्यों की त्यों कर दूंगा, यहोवा का यही वचन है। सेनाओं का यहोवा कहता है: सब गांवों समेत यह स्थान जो ऐसा उजाड़ है कि इस में न तो मनुष्य रह गया है और न पशु, इसी में भेड़-बकरियां बैठाने वाले चरवाहे फिर बसेंगे।
Original words (Hebrew)
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- returned · H7725שׁוּב shûwb
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- mercies · H7356רַחַם racham
- house · H1004בַּיִת bayith
- built · H1129בָּנָה bânâh
- saith · H5002נְאֻם nᵉʼum
- hosts · H6635צָבָא tsâbâʼ
- line · H6957קַו qav
- forth · H5186נָטָה nâṭâh
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim