Zechariah · chapter 12 · verse 1
Zechariah 12:1 in Hindi
इस्राएल के विषय में यहोवा का कहा हुआ भारी वचन: यहोवा को आकाश का ताननेवाला, पृथ्वी की नेव डालनेवाला और मनुष्य की आत्मा का रचनेवाला है, उसकी यह वाणी है,
Israael ke vishay mem yahovaa kaa kahaa huaa bhaaree vachan: yahovaa ko aakaash kaa taananevaalaa, pruthvee kee nev daalanevaalaa aur manushy kee aatmaa kaa rachanevaalaa hai, usakee yah vaanee hai,
Zechariah 12:1 in English
- King James Version (KJV)
- The burden of the word of the LORD for Israel, saith the LORD, which stretcheth forth the heavens, and layeth the foundation of the earth, and formeth the spirit of man within him.
- World English Bible (WEB)
- A revelation of the LORD’s word concerning Israel: The LORD, who stretches out the heavens and lays the foundation of the earth, and forms the spirit of man within him says:
- American Standard Version (ASV)
- The burden of the word of Jehovah concerning Israel. [Thus] saith Jehovah, who stretcheth forth the heavens, and layeth the foundation of the earth, and formeth the spirit of man within him:
- Bible in Basic English (BBE)
- The word of the Lord about Israel. The Lord by whom the heavens are stretched out and the bases of the earth put in place, and the spirit of man formed inside him, has said:
- Darby Translation (DBY)
- The burden of the word of Jehovah concerning Israel. [Thus] saith Jehovah, who stretcheth out the heavens, and layeth the foundation of the earth, and formeth the spirit of man within him:
- Webster's Bible (WBS)
- The burden of the word of the LORD for Israel, saith the LORD, who stretcheth forth the heavens, and layeth the foundation of the earth, and formeth the spirit of man within him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The burden of a word of Jehovah on Israel. An affirmation of Jehovah, Stretching out heaven, and founding earth, And forming the spirit of man in his midst.
Read in context
- 1इस्राएल के विषय में यहोवा का कहा हुआ भारी वचन: यहोवा को आकाश का ताननेवाला, पृथ्वी की नेव डालनेवाला और मनुष्य की आत्मा का रचनेवाला है, उसकी यह वाणी है,
- 2देखो, मैं यरूशलेम को चारों ओर की सब जातियों के लिये लड़खड़ा देने के मद का कटोरा ठहरा दूंगा; और जब यरूशलेम घेर लिया जाएगा तब यहूदा की दशा भी ऐसी ही होगी।
- 3और उस समय पृथ्वी की सारी जातियां यरूशलेम के विरूद्ध इकट्ठी होंगी, तब मैं उसको इतना भारी पत्थर बनाऊंगा, कि जो उसको उठाएंगे वे बहुत ही घायल होंगे।
Cross references
- Isaiah 42:5 यशायाह 42:5ईश्वर जो आकाश का सृजने और ताननेवाला है, जो उपज सहित पृथ्वी का फैलानेवाला और उस पर के लोगों को सांस और उस पर के चलनेवालों को आत्मा देनेवाला यहावेा है, वह यों कहता है:
- Jeremiah 51:15 यिर्मयाह 51:15उसी ने पृथ्वी को अपने सामर्थ से बनाया, और जगत को अपनी बुद्वि से स्थिर किया; और आकाश को अपनी प्रवीणता से तान दिया है।
- Isaiah 57:16 यशायाह 57:16मैं सदा मुक मा न लड़ता रहूंगा, न सर्वदा क्रोधित रहूंगा; क्योंकि आत्मा मेरे बनाए हुए हैं और जीव मेरे साम्हने मूर्च्छित हो जाते हैं।
- Isaiah 44:24 यशायाह 44:24यहोवा, तेरा उद्धारकर्त्ता, जो तुझे गर्भ ही से बनाता आया है, यों कहता है, मैं यहोवा ही सब का बनानेवाला हूं जिस ने अकेले ही आकाश को ताना और पृथ्वी को अपनी ही शक्ति से फैलाया है।
- Hebrews 1:10–12 इब्रानियों 1:10–12और यह कि, हे प्रभु, आदि में तू ने पृथ्वी की नेव डाली, और स्वर्ग तेरे हाथों की कारीगरी है। वे तो नाश हो जाएंगे; परन्तु तू बना रहेगा: और वे सब वस्त्रा की नाई पुराने हो जाएंगे। और तू उन्हें चादर की नाईं लपेटेगा, और वे वस्त्रा की नाई बदल जाएंगे: पर तू वही है और तेरे वर्षों का अन्त न होगा।
- Isaiah 48:13 यशायाह 48:13निश्चय मेरे ही हाथ ने पृथ्वी की नेव डाली, और मेरे ही दहिने हाथ ने आकाश फैलाया; जब मैं उनको बुलाता हूं, वे एक साथ उपस्थित हो जाते हैं।।
- Psalm 102:25–26 भजन संहिता 102:25–26आदि में तू ने पृथ्वी की नेव डाली, और आकाश तेरे हाथों का बनाया हुआ है। वह तो नाश होगा, परन्तु तू बना रहेगा; और वह सब कपड़े के समान पुराना हो जाएगा। तू उसको वस्त्रा की नाई बदलेगा, और वह तो बदल जाएगा;
- Hebrews 12:9 इब्रानियों 12:9फिर जब कि हमारे शारीरिक पिता भी हमारी ताड़ना किया करते थे, तो क्या आत्माओं के पिता के और भी आधीन न रहें जिस से जीवित रहें।
- Ecclesiastes 12:7 सभोपदेशक 12:7जब मिट्टी ज्यों की त्यों मिट्टी में मिल जाएगी, और आत्मा परमेश्वर के पास जिस ने उसे दिया लौट जाएगी।
- Numbers 16:22 गिनती 16:22तब वे मुंह के बल गिरके कहने लगे, हे ईश्वर, हे सब प्राणियों के आत्माओं के परमेश्वर, क्या एक पुरूष के पाप के कारण तेरा क्रोध सारी मण्डली पर होगा?
- Genesis 2:7 उत्पत्ति 2:7और यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा और उसके नथनो में जीवन का श्वास फूंक दिया; और आदम जीवता प्राणी बन गया।
- Ezekiel 18:4 यहेजकेल 18:4देखो, सभों के प्राण तो मेरे हैं; जैसा पिता का प्राण, वैसा ही पुत्रा का भी प्राण है; दोनों मेरे ही हैं। इसलिये जो प्राणी पाप करे वही मर जाएगा।
Original words (Hebrew)
- burden · H4853מַשָּׂא massâʼ
- word · H1697דָּבָר dâbâr
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- saith · H5002נְאֻם nᵉʼum
- stretcheth · H5186נָטָה nâṭâh
- heavens · H8064שָׁמַיִם shâmayim
- foundation · H3245יָסַד yâçad
- earth · H776אֶרֶץ ʼerets
- formeth · H3335יָצַר yâtsar
- spirit · H7307רוּחַ rûwach
- man · H120אָדָם ʼâdâm
- within · H7130קֶרֶב qereb