Zechariah · chapter 4 · verse 3
Zechariah 4:3 in Hindi
और दीवट के पास जलपाई के दो वृक्ष हैं, एक उस कटोरे की दहिनी ओर, और दूसरा उसकी बाईं ओर।
Aur deevat ke paas jalapaaee ke do vruksh haim, ek us katore kee dahinee or, aur doosaraa usakee baaeem or.
Zechariah 4:3 in English
- King James Version (KJV)
- And two olive trees by it, one upon the right [side] of the bowl, and the other upon the left [side] thereof.
- World English Bible (WEB)
- and two olive trees by it, one on the right side of the bowl, and the other on the left side of it.”
- American Standard Version (ASV)
- and two olive-trees by it, one upon the right side of the bowl, and the other upon the left side thereof.
- Bible in Basic English (BBE)
- And two olive-trees by it, one on the right side of the cup and one on the left.
- Darby Translation (DBY)
- and two olive-trees beside it, one on the right of the bowl, and the other on the left of it.
- Webster's Bible (WBS)
- And two olive-trees by it, one upon the right [side] of the bowl, and the other upon the left [side] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- and two olive-trees [are] by it, one on the right of the bowl, and one on its left.'
Read in context
- 1फिर जो दूत मुझ से बातें करता था, उस ने आकर मुझे ऐसा जगाया जैसा कोई नींद से जगाया जाए।
- 2और उस ने मुझ से पूछा, तुझे क्या देख पड़ता है? मैं ने कहा, एक दीवट है, जो सम्पूर्ण सोने की है, और उसका कटोरा उसकी चोटी पर है, और उस पर उसके सात दीपक है; जिन के ऊपर बत्ती के लिये सात सात नालियां हैं।
- 3और दीवट के पास जलपाई के दो वृक्ष हैं, एक उस कटोरे की दहिनी ओर, और दूसरा उसकी बाईं ओर।
- 4तब मैं ने उस दूत से जो मुझ से बातें करता था, पूछा, हे मेरे प्रभु, ये क्या हैं?
- 5जो दूत मुझ से बातें करता था, उस ने मुझ को उत्तर दिया, क्या तू नहीं जानता कि ये क्या हैं? मैं ने कहा, हे मेरे प्रभु मैं नहीं जानता।
Cross references
- Revelation 11:4 प्रकाशितवाक्य 11:4ये वे ही जैतून के दो पेड़ और दो दीवट हैं जो पृथ्वी के प्रभु के साम्हने खड़े रहते हैं।
- Zechariah 4:14 जकर्याह 4:14तब उस ने कहा, इनका अर्थ ताजे तेल से भरे हुए वे दो पुरूष हैं जो सारी पृथ्वी के परमेश्वर के पास हाजिर रहते हैं।।
- Romans 11:17 रोमियों 11:17और यदि कई एक डाली तोड़ दी गई, और तू जंगली जलपाई होकर उन में साटा गया, और जलपाई की जड़ की चिकनाई का भागी हुआ है।
- Zechariah 4:11–12 जकर्याह 4:11–12तब मैं ने उस से फिर पूछा, ये दो जलपाई के वृक्ष क्या हैं जो दीवट की दहिनी- बाई ओर हैं? फिर मैं ने दूसरी बार उस से पूछा, जलपाई की दोनों डालियें क्या हैं जो सोने की दोनों नालियों के द्वारा अपने में से सोनहला तेल उण्डेलती हैं?
- Romans 11:24 रोमियों 11:24क्योंकि यदि तू उस जलपाई से, जो स्वभाव से जंगली है काटा गया और स्वभाव के विरूद्ध अच्छी जलपाई में साटा गया तो ये जो स्वाभाविक डालियां हैं, अपने ही जलपाई में साटे क्यों न जाएंगे।
- Judges 9:9 न्यायियों 9:9तब जलपाई के वृक्ष ने कहा, क्या मैं अपनी उस चिकनाहट को छोड़कर, जिस से लोग परमेश्वर और मनुष्य दोनों का आदर मान करते हैं, वृक्षों का अधिकारी होकर इधर उधर डोलने को चलूं?