Zechariah · chapter 4 · verse 5
Zechariah 4:5 in Hindi
जो दूत मुझ से बातें करता था, उस ने मुझ को उत्तर दिया, क्या तू नहीं जानता कि ये क्या हैं? मैं ने कहा, हे मेरे प्रभु मैं नहीं जानता।
Jo doot mujh se baatem karataa thaa, us ne mujh ko uttar diyaa, kyaa too naheem jaanataa ki ye kyaa haim? Maim ne kahaa, he mere prabhu maim naheem jaanataa.
Zechariah 4:5 in English
- King James Version (KJV)
- Then the angel that talked with me answered and said unto me, Knowest thou not what these be? And I said, No, my lord.
- World English Bible (WEB)
- Then the angel who talked with me answered me, “Don’t you know what these are?” I said, “No, my lord.”
- American Standard Version (ASV)
- Then the angel that talked with me answered and said unto me, Knowest thou not what these are? And I said, No, my lord.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then the angel who was talking to me, answering me, said, Have you no knowledge of what these are? And I said, No, my lord.
- Darby Translation (DBY)
- And the angel that talked with me answered and said unto me, Knowest thou not what these are? And I said, No, my lord.
- Webster's Bible (WBS)
- Then the angel that talked with me answered and said to me, Knowest thou not what these are? and I said, No, my lord.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the messenger who is speaking with me answereth and saith unto me, 'Hast thou not known what these [are]?' And I say, 'No, my lord.'
Read in context
- 3और दीवट के पास जलपाई के दो वृक्ष हैं, एक उस कटोरे की दहिनी ओर, और दूसरा उसकी बाईं ओर।
- 4तब मैं ने उस दूत से जो मुझ से बातें करता था, पूछा, हे मेरे प्रभु, ये क्या हैं?
- 5जो दूत मुझ से बातें करता था, उस ने मुझ को उत्तर दिया, क्या तू नहीं जानता कि ये क्या हैं? मैं ने कहा, हे मेरे प्रभु मैं नहीं जानता।
- 6तब उस ने मुझे उत्तर देकर कहा, जरूब्बाबेल के लिये यहोवा का यह वचन है: न तो बल से, और न शक्ति से, परन्तु मेरे आत्मा के द्वारा होगा, मुझ सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
- 7हे बड़े पहाड़, तू क्या है? जरूब्बाबेल के साम्हने तू मैदान हो जाएगा; और वह चोटी का पत्थर यह पुकारते हुए आएगा, उस पर अनुग्रह हो, अनुग्रह!
Cross references
- Zechariah 4:13 जकर्याह 4:13उस ने मुझ से कहा, क्या तू नहीं जानता कि ये क्या हैं? मैं ने कहा, हे मेरे प्रभु मैं नहीं जानता।
- 1 Corinthians 2:12–15 1 कुरिन्थियों 2:12–15परन्तु हम ने संसार की आत्मा नहीं, परन्तु वह आत्मा पाया है, जो परमेश्वर की ओर से है, कि हम उन बातों को जानें, जो परमेश्वर ने हमें दी हैं। जिन को हम मनुष्यों के ज्ञान की सिखाई हुई बातों में नहीं, परन्तु आत्मा की सिखाई हुई बातों में, आत्मिक बातें आत्मिक बातों से मिला मिलाकर सुनाते हैं। परनतु शारीरिक मनुष्य परमेश्वर के आत्मा की बातें ग्रहण नहीं करता, क्योंकि वे उस की दृष्टि में मूर्खता की बातें हैं, और न वह उन्हें जान सकता है क्योंकि उन की जांच आत्मिक रीति से होती है। आत्मिक जन सब कुछ जांचता है, परन्तु वह आप किसी से जांचा नहीं जाता।
- Mark 4:13 मरकुस 4:13फिर उस ने उन से कहा; क्या तुम यह दृष्टान्त नहीं समझते? तो फिर और सब दृष्टान्तों को क्योंकर समझोगे?
- Psalm 139:6 भजन संहिता 139:6यह ज्ञान मेरे लिये बहुत कठिन है; यह गम्भीर और मेरी समझ से बाहर है।।
- Zechariah 1:9 जकर्याह 1:9तब मैं ने कहा, हे मेरे प्रभु ये कौन हैं? तब जो दूत मुझ से बातें करता था, उस ने मुझ से कहा, मैं तुझे बताऊंगा कि ये कौन हैं।
- Genesis 41:16 उत्पत्ति 41:16यूसुफ ने फिरौन से कहा, मै तो कुछ नहीं जानता: परमेश्वर ही फिरौन के लिये शुभ वचन देगा।
- Daniel 2:30 दानिय्येल 2:30मुझ पर यह भेद इस कारण नहीं खोला गया कि मैं और सब प्राणियों से अधिक बुद्धिमान हूं, परन्तु केवल इसी कारण खोला गया है कि स्वपन का फल राजा को बताया जाए, और तू अपने मन के विचार समझ सके॥