Zechariah · chapter 4 · verse 7
Zechariah 4:7 in Hindi
हे बड़े पहाड़, तू क्या है? जरूब्बाबेल के साम्हने तू मैदान हो जाएगा; और वह चोटी का पत्थर यह पुकारते हुए आएगा, उस पर अनुग्रह हो, अनुग्रह!
He bade pahaad, too kyaa hai? Jaroobbaabel ke saamhane too maidaan ho jaaegaa; aur vah chotee kaa patthar yah pukaarate hue aaegaa, us par anugrah ho, anugrah!
Zechariah 4:7 in English
- King James Version (KJV)
- Who [art] thou, O great mountain? before Zerubbabel [thou shalt become] a plain: and he shall bring forth the headstone [thereof with] shoutings, [crying], Grace, grace unto it.
- World English Bible (WEB)
- Who are you, great mountain? Before Zerubbabel you are a plain; and he will bring out the capstone with shouts of ‘Grace, grace, to it!’”
- American Standard Version (ASV)
- Who art thou, O great mountain? before Zerubbabel [thou shalt become] a plain; and he shall bring forth the top stone with shoutings of Grace, grace, unto it.
- Bible in Basic English (BBE)
- Who are you, O great mountain? before Zerubbabel you will become level: and he will let all see the headstone, with cries of Grace, grace, to it.
- Darby Translation (DBY)
- Who art thou, O great mountain? before Zerubbabel [thou dost become] a plain; and he shall bring forth the head-stone with shoutings: Grace, grace unto it!
- Webster's Bible (WBS)
- Who [art] thou, O great mountain? before Zerubbabel [thou shalt become] a plain: and he shall bring forth [its] head-stone [with] shoutings, [crying] , Grace, grace, to it.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Who [art] thou, O great mountain Before Zerubbabel — for a plain! And he hath brought forth the top-stone, Cries of Grace, grace — [are] to it.'
Read in context
- 5जो दूत मुझ से बातें करता था, उस ने मुझ को उत्तर दिया, क्या तू नहीं जानता कि ये क्या हैं? मैं ने कहा, हे मेरे प्रभु मैं नहीं जानता।
- 6तब उस ने मुझे उत्तर देकर कहा, जरूब्बाबेल के लिये यहोवा का यह वचन है: न तो बल से, और न शक्ति से, परन्तु मेरे आत्मा के द्वारा होगा, मुझ सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।
- 7हे बड़े पहाड़, तू क्या है? जरूब्बाबेल के साम्हने तू मैदान हो जाएगा; और वह चोटी का पत्थर यह पुकारते हुए आएगा, उस पर अनुग्रह हो, अनुग्रह!
- 8फिर यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
- 9जरूब्बाबेल ने अपने हाथों से इस भवन की नेव डाली है, और वही अपने हाथों से उसको तैयार भी करेगा। तब तू जानेगा कि सेनाओं के यहोवा ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है।
Cross references
- Jeremiah 51:25 यिर्मयाह 51:25हे नाश करनेवाले पहाड़ जिसके द्वारा सारी पृथ्वी नाश हुई है, यहोवा की यह वाणी है कि मैं तेरे विरूद्व हूँ और हाथ बढ़ाकर तुझे ढांगों पर से लुढ़का दूंगा और जला हुआ पहाड़ बनाऊंगा।
- Zechariah 4:9 जकर्याह 4:9जरूब्बाबेल ने अपने हाथों से इस भवन की नेव डाली है, और वही अपने हाथों से उसको तैयार भी करेगा। तब तू जानेगा कि सेनाओं के यहोवा ने मुझे तुम्हारे पास भेजा है।
- Micah 4:1 मीका 4:1अन्त के दिनों में ऐसा होगा कि यहोवा के भवन के भवन का पर्वत सब पहाड़ों पर दृढ़ किया जाएगा, और सब पहाड़ियों से अधिक ऊंचा किया जाएगा; और हर जाति के लोग धारा की नाईं उसकी ओर चलेंगे।
- Psalm 118:22 भजन संहिता 118:22राजमिस्त्रियों ने जिस पत्थर को निकम्मा ठहराया था वही कोने का सिरा हो गया है।
- Psalm 114:4 भजन संहिता 114:4पहाड़ मेढ़ों की नाईं उछलने लगे, और पहाड़ियां भेड़- बकरियों के बच्चों की नाईं उछलने लगीं।।
- 1 Peter 2:7 1 पतरस 2:7सो तुम्हारे लिये जो विश्वास करते हो, वह तो बहुमूल्य है, पर जो विश्वास नहीं करते उन के लिये जिस पत्थर को राजमिद्दीयों ने निकम्मा ठहराया था, वही कोने का सिरा हो गया।
- Isaiah 41:15 यशायाह 41:15देख, मैं ने तुझे छुरीवाले दांवने का एक नया और चोखा यन्त्रा ठहराया है; तू पहाड़ों को दांय दांयकर स्ूक्ष्म धूलि कर देगा, और पहाड़ियों को तू भूसे के समान कर देगा।
- Haggai 2:21–23 हाग्गै 2:21–23मैं आकाश और पृथ्वी दोनों को कम्पाऊंगा, और मैं राज्य- राज्य की गद्दी को उलट दूंगा; मैं अन्यजातियों के राज्य- राज्य का बल तोडूंगा, और रथों को चढ़वैयों समेत उलट दूंगा; और घोड़ों समेत सवार एक दूसरे की तलवार से गिरेंगे। सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है, उस दिन, हे शालतीएल के पुत्रा मेरे दास जरूब्बाबेल, मैं तुझे लेकर अंगूठी के समान रखूंगा, यहोवा की यही वाणी है; क्योंकि मैं ने तुझी को चुन लिया है, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है।।
- Psalm 114:6 भजन संहिता 114:6हे पहाड़ों तुम्हें क्या हुआ, कि तुम भेड़ों की नाईं, और हे पहाड़ियों तुम्हें क्या हुआ, कि तुम भेड़- बकरियों के बच्चों की नाईं उछलीं?
- Zechariah 14:4–5 जकर्याह 14:4–5और उस समय वह जलपाई के पर्वत पर पांव धरेगा, जो पूरब ओर यरूशलेम के साम्हने है; तब जलपाई का पर्वत पूरब से लेकर पच्छिम तक बीचोबीच से फटकर बहुत बड़ा खड्ड हो जाएगा; तब आधा पर्वत उत्तर की ओर और आधा दक्खिन की ओर हट जाएगा। तब तुम मेरे बनाए हुए उस खड्ड आसेल तक पहुंचेगा, वरन तुम ऐसे भागोगे जैसे उस भुईडौल के डर से भागे थे जो यहूदा के राजा उज्जियाह के दिनों में हुआ था। तब मेरा परमेश्वर यहोवा आएगा, और सब पवित्रा लोग उसके साथ होंगे।।
- Haggai 2:6–9 हाग्गै 2:6–9क्योंकि सेनाओं का यहोवा यों कहता है, अब थोड़ी ही देर बाकी है कि मैं आकाश और पृथ्वी और समुद्र और स्थल सब को कम्पित करूंगा। औश्र मै। सारी जातियों को कम्पकपाऊंगा, और सारी जातियों की मनभावनी वस्तुएं आएंगी; और मैं इस भवन को अपनी महिमा के तेज से भर दूंगा, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है। चान्दी तो मेरी है, और सोना भी मेरा ही है, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है। इस भवन की पिछली महिमा इसकी पहिली महिमा से बड़ी होगी, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है, और इस स्थान में मैं शान्ति दूंगा, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है।।
- Isaiah 28:16 यशायाह 28:16इसलिये प्रभु यहोवा यों कहता है, देखो, मैं ने सिरयोन में नेव का पत्थर रखा है, एक परखा हुआ पत्थर, कोने का अनमोल और अति दृढ़ नेव के योग्य पत्थर: और जो कोई विश्वास रखे वह उतावली न करेगा।