1 Chronicles · chapter 13 · verse 2
1 Chronicles 13:2 in Hindi
तब दाऊद ने इस्राएल की सारी मण्डली से कहा, यदि यह तुम को अच्छा लगे और हमारे परमेश्वर की इच्छा हो, तो इस्राएल के सब देशों में जो हमारे भाई रह गए हैं और उनके साथ जो याजक और लेवीय अपने अपने चराईवाले नगरों में रहते हैं, उनके पास भी यह कहला भेजें कि हमारे पास इकट्ठे हो जाओ।
Tab daaood ne israael kee saaree mandalee se kahaa, yadi yah tum ko achchhaa lage aur hamaare parameshvar kee ichchhaa ho, to israael ke sab deshom mem jo hamaare bhaaee rah gae haim aur unake saath jo yaajak aur leveey apane apane charaaeevaale nagarom mem rahate haim, unake paas bhee yah kahalaa bhejem ki hamaare paas ikatthe ho jaao.
1 Chronicles 13:2 in English
- King James Version (KJV)
- And David said unto all the congregation of Israel, If [it seem] good unto you, and [that it be] of the LORD our God, let us send abroad unto our brethren every where, [that are] left in all the land of Israel, and with them [also] to the priests and Levites [which are] in their cities [and] suburbs, that they may gather themselves unto us:
- World English Bible (WEB)
- David said to all the assembly of Israel, “If it seems good to you, and if it is of the LORD our God, let’s send word everywhere to our brothers who are left in all the land of Israel, with whom the priests and Levites are in their cities that have pasture lands, that they may gather themselves to us.
- American Standard Version (ASV)
- And David said unto all the assembly of Israel, If it seem good unto you, and if it be of Jehovah our God, let us send abroad every where unto our brethren that are left in all the land of Israel, with whom the priests and Levites are in their cities that have suburbs, that they may gather themselves unto us;
- Bible in Basic English (BBE)
- And David said to all the men of Israel who had come together there, If it seems good to you and if it is the purpose of the Lord our God, let us send to all the rest of our brothers, everywhere in the land of Israel, and to the priests and the Levites in their towns and the country round them, and get them to come together here to us;
- Darby Translation (DBY)
- And David said to all the congregation of Israel, If it seem good to you, and it be of Jehovah our God, let us send abroad to our brethren everywhere, that are left in all the lands of Israel, and with them to the priests and Levites in their cities and suburbs, that they may gather themselves to us;
- Webster's Bible (WBS)
- And David said to all the congregation of Israel, If [it seemeth] good to you, and [that it is] of the LORD our God, let us send abroad to our brethren every where, [that are] left in all the land of Israel, and with them [also] to the priests and Levites [who are] in their cities [and] suburbs, that they may assemble to us:
- Young's Literal Translation (YLT)
- and David saith to all the assembly of Israel, 'If unto you it be good, and from Jehovah our God it hath broken forth — we send unto our brethren, those left in all the lands of Israel, and with them the priests and the Levites, in the cities of their suburbs, and they are gathered unto us,
Read in context
- 1और दाऊद ने सहस्त्रापतियों, शतपतियों और सब प्रधानों से सम्मति ली।
- 2तब दाऊद ने इस्राएल की सारी मण्डली से कहा, यदि यह तुम को अच्छा लगे और हमारे परमेश्वर की इच्छा हो, तो इस्राएल के सब देशों में जो हमारे भाई रह गए हैं और उनके साथ जो याजक और लेवीय अपने अपने चराईवाले नगरों में रहते हैं, उनके पास भी यह कहला भेजें कि हमारे पास इकट्ठे हो जाओ।
- 3और हम अपने परमेश्वर के सन्दमक को अपने यहां ले आएं; क्योंकि शाऊल के दिनों में हम उसके समीप नहीं जाते थे।
- 4और समस्त मण्डली ने कहा, हम ऐसा ही करेंगे, क्योंकि यह बात उन सब लोगों की दृष्टि में उचित मालूम हुई।
Cross references
- 1 Samuel 31:1 1 शमूएल 31:1पलिश्ती तो इस्राएलियों से लड़े; और इस्राएली पुरूष पलिश्तियों के साम्हने से भागे, और गिलबो नाम पहाड़ पर मारे गए।
- Numbers 4:4–20 गिनती 4:4–20और मिलापवाले तम्बू में परमपवित्रा वस्तुओं के विषय कहातियों का यह काम होगा, अर्थात् जब जब छावनी का कूच हो तब तब हारून और उसके पुत्रा भीतर आकर, बीचवाले पर्दे को उतार के उस से साक्षीपत्रा के सन्दूक को ढंाप दें; तब वे उस पर सूइसों की खालों का ओहार डालें, और उसके ऊपर सम्पूर्ण नीले रंग का कपड़ा डालें, और सन्दूक में डण्डों को लगाएं। फिर भेंटवाली रोटी की मेज़ पर नीला कपड़ा बिछाकर उस पर परातों, धूपदानों, करवों, और उंडेलने के कटोरों को रखें; और नित्य की रोटी भी उस पर हो; तब वे उन पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर उसको सुइसों की खालों के ओहार से ढ़ापे, और मेज़ के डण्डों को लगा दें। फिर वे नीले रंग का कपड़ा लेकर दीपकों, गलतराशों, और गुलदानों समेत उजियाला देनेवाले दीवट को, और उसके सब तेल के पात्रों को जिन से उसकी सेवा टहल होती है ढांपे; तब वे सारे सामान समेत दीवट को सूइसों की खालों के ओहार के भीतर रखकर डण्डे पर धर दें। फिर वे सोने की वेदी पर एक नीला कपड़ा बिछाकर उसको सूइसों की खालों के ओहार के भीतर रखकर डण्डे पर धर दें। तब वे सेवा टहल के सारे सामान को लेकर, जिस से पवित्रास्थान में सेवा टहल होली है, नीले कपड़े के भीतर रखकर सूइसों की खालों के ओहार से ढांपे, और डण्डे पर धर दें। फिर वे वेदी पर से सब राख उठाकर वेदी पर बैंजनी रंग का कपड़ा बिछाएं; तब जिस सामान से वेदी पर की सेवा टहल होती है वह सब, अर्थात् उसके करछे, कांटे, फावड़ियां, और कटोरे आदि, वेदी का सारा सामान उस पर रखें; और उसके ऊपर सूइसों की खालों का ओहार बिछाकर वेदी में डण्डों को लगाएं। और जब हारून और उसके पुत्रा छावनी के कूच के समय पवित्रास्थान और उसके सारे सामान को ढंाप चुकें, तब उसके बाद कहाती उसके उठाने के लिये आएं, पर किसी पवित्रा वस्तु को न छुएं, कहीं ऐसा न हो कि मर जाएं। कहातियों के उठाने के लिये मिलापवाले तम्बू की ये ही वस्तुएं हैं। और जो वस्तुएं हारून याजक के पुत्रा एलीजार को रक्षा के लिये सौंपी जाएं वे ये हैं, अर्थात् उजियाला देने के लिये तेल, और सुगन्धित धूप, और नित्य अन्नबलि, और अभिषेक का तेल, और सारे निवास, और उस में की सब वस्तुएं, और पवित्रास्थान और उसके कुल समान।। फिर यहोवा ने मूसा और हारून से कहा, कहातियों के कुलों के गोत्रियों को लेवियों में से नाश न होने देना; उसके साथ ऐसा करो, कि जब वे परमपवित्रा वस्तुओं के समीप आएं तब न मरें परन्तु जीवित रहें; अर्थात् हारून और उसके पुत्रा भीतर आकर एक एक के लिये उसकी सेवकाई और उसका भार ठहरा दें, और वे पवित्रा वस्तुओं के देखने को क्षण भर के लिये भी भीतर आने न पाएं, कहीं ऐसा न हो कि मर जाएं।।
- 2 Kings 9:15 2 राजा 9:15परन्तु राजा योराम आप अपने घाव का जो अराम के राजा हजाएल से युठ्ठ करने के समय उसको अरामियों से लगे थे, उनका इलाज कराने के लिये यिज्रैल को लौठ गया था। ) तब येहू ने कहा, यदि तुम्हारा ऐसा मन हो, तो इस नगर में से कोई निकल कर यिज्रैल में सुनाने को न जाने पाए।
- Exodus 18:23 निर्गमन 18:23यदि तू यह उपाय करे, और परमेश्वर तुझ को ऐसी आज्ञा दे, तो तू ठहर सकेगा, और ये सब लोग अपने स्थान को कुशल से पहुंच सकेंगें।
- 2 Chronicles 31:4–21 2 इतिहास 31:4–21और उस ने यरूशलेम में रहनेवालों को याजकों और लेवियों को उनका भाग देने की आज्ञा दी, ताकि वे यहोवा की व्यवस्था के काम मन लगाकर कर सकें। यह आज्ञा सुनते ही इस्राएली अन्न, नया दाखमधु, टटका तेल, मधु आदि खेती की सब भांति की पहिली उपज बहुतायत से देने, और सब वस्तुओं का दशमांश अधिक मात्रा में लाने लगे। और जो इस्राएली और यहूदी, यहूदा के नगरों में रहते थे, वे भी बैलों और भेड़- बकरियों का दशमांश, और उन पवित्रा वस्तुओं का दशमांश, जो उनके परमेश्वर यहोवा के निमित्त पवित्रा की गई थीं, लाकर ढेर ढेर करके रखने लगे। इस प्रकार ढेर का लगाना उन्हों ने तीसरे महीने में आरम्भ किया और सातवें महीने में पूरा किया। जब हिजकिरयाह और हाकिमों ने आकर उन ढेरों को देखा, तब यहोवा को और उसकी प्रजा इस्राएल को धन्य धन्य कहा। तब हिजकिरयाह ने याजकों और लेवियों से उन ढेरों के विषय पूछा। और अजर्याह महायाजक ने जो सादोक के घराने का था, उस से कहा, जब से लोग यहोवा के भवन में उठाई हुई भेंटें लाने लगे हैं, तब से हम लोग पेट भर खाने को पाते हैं, वरन बहुत बचा भी करता है; क्योंकि यहोवा ने अपनी प्रजा को आशीष दी है, और जो शेष रह गया है, उसी का यह बड़ा ढेर है। तब हिजकिरयाह ने यहोवा के भवन में कोठरियां तैयार करने की आज्ञा दी, और वे तैयार की गई। तब लोगों ने उठाई हुई भेंटें, दशमांश और पवित्रा की हुई वस्तुएं, सच्चाई से पहुंचाई और उनके मुख्य अधिकारी तो कोनन्याह नाम एक लेवीय और इसरा उसका भाई शिमी नायब था। और कोनन्याह और उसके भाई शिमी के नीचे, हिजकिरयाह राजा और परमेश्वर के भवन के प्रधान अजर्याह दोनों की आज्ञा से अहीएल, अजज्याह, नहत, असाहेल, यरीमेत, योजाबाद, एलीएल, यिस्मक्याह, महत और बनायाह अधिकारी थे। और परमेश्वर के लिये स्वेच्छाबलियों का अधिकारी यिम्ना लेवीय का पुत्रा कोरे था, जो पूर्व फाटक का द्वारापाल था, कि वह यहोवा की उठाई हुई भेंटें, और परमपवित्रा वस्तुएं बांटा करे। और उसके अधिकार में एदेन, मिन्यामीन, येशू, शमायाह, अमर्याह और शकन्याह याजकों के नगरों में रहते थे, कि वे क्या बड़े, क्या छोटे, अपने भाइयों को उनके दलों के अनुसार सच्चाई से दिया करें, और उनके अलावा उनको भी दें, जो पुरूषों की वंशावली के अनुसार गिने जाकर तीन वर्ष की अवस्था के वा उस से अधिक आयु के थे, और अपने अपने दल के अनुसार अपनी अपनी सेवकाई निबाहने को दिन दिन के काम के अनुसार यहोवा के भवन में जाया करते थे। और उन याजकों को भी दें, जिनकी वंशावली उनके पितरों के घरानों के अनुसार की गई, और उन लेवियों को भी जो बीस वर्ष की अवस्था से ले आगे को अपने अपने दल के अनुसार, अपने अपने काम निबाहते थे। और सारी सभा में उनके बालबच्चों, स्त्रियों, बेटों और बेटियों को भी दें, जिनकी वंशवली थी, क्योंकि वे सच्चाई से अपने को पवित्रा करते थे। फिर हारून की सन्तान के याजकों को भी जो अपने अपने नगरों के चराईवाले मैदान में रहते थे, देने के लिये वे पुरूष नियुक्त किए गए थे जिनके नाम ऊपर लिखे हुए थे कि वे याजकों के सब पुरूषों और उन सब लेवियों को भी उनका भाग दिया करें जिनकी वंशावली थी। और सारे यहूदा में भी हिजकिरयाह ने ऐसा ही प्रबन्ध किया, और जो कुछ उसके परमेश्वर यहोवा की दृष्टि में भला ओर ठीक और सच्चाई का था, उसे वह करता था। और जो जो काम उस ने परमेश्वर के भवन की उपासना और व्यवस्था और आज्ञा के विषय अपने परमेश्वर की खोज में किया, वह उस ने अपना सारा मन लगाकर किया और उस में कृतार्थ भी हुआ।
- 1 Chronicles 15:2–14 1 इतिहास 15:2–14तब दाऊद ने कहा, लेवियों को छोड़ और किसी को परमेश्वर का सन्दूक उठाना नहीं चाहिये, क्योंकि यहोवा ने उनको इसी लिये चुना है कि वे परमेश्वर का सन्दूक उठाएं और उसकी सेवा टहल सदा किया करें। तब दाऊद ने सब इस्राएलियों को यरूशलेम में इसलिये इट्ठा किया कि यहोवा का सन्दूक उस स्थान पर पहुंचाएं, जिसे उस ने उसके लिये तैयार किया था। इसलिये दाऊद ने हारून के सन्तानों और लेवियों को इकट्ठा किया: अर्थात् कहातियों में से ऊरीएल नाम प्रधान को और उसके एक सौ बीस भाइयों को; मरारियों में से असायाह नाम प्रधान को और उसके दो सौ बीस भाइयों को; गेश मियों में से योएल नाम प्रधान को और उसके एक सौ तीस भाइयों को; एलीसापानियों में से शमायाह नाम प्रधान को और उसके दो सौ भाइयों को; हेब्रोनियों में से एलीएल नाम प्रधान को और उसके अस्सी भाइयों को; और उज्जीएलियों में से अम्मीनादाब नाम प्रधान को और उसके एक सौ बारह भाइयों को। तब दाऊद ने सादोक और एब्यातार नाम याजकों को, और ऊरीएल, असायाह, योएल, शमायाह, एलीएल और अम्मीनादाब नाम लेवियों को बुलवाकर उन से कहा, तुम तो लेवीय पितरों के घरानों में मुख्य पुरूष हो; इसलिये अपने भाइयों समेत अपने अपने को पवित्रा करो, कि तुम इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का सन्दूक उस स्थान पर पहुंचा सको जिसको मैं ने उसके लिये तैयार किया है। क्योंकि पहिली बार तुम ने उसको न उठाया इस कारण हमारा परमेश्वर यहोवा हम पर टूट पड़ा, क्योंकि हम उसकी खोज में नियम के अनुसार न लगे थे। तब याजकों और लेवियों ने अपने अपने को पवित्रा किया, कि इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का सन्दूक ले जा सकें।
- Proverbs 15:22 नीतिवचन 15:22बिना सम्मति की कल्पनाएं निष्फल हुआ करती हैं, परन्तु बहुत से मंत्रियों की सम्मत्ति से बात ठहरती है।
- Numbers 35:2–9 गिनती 35:2–9इस्त्राएलियों को आज्ञा दे, कि तुम अपने अपने निज भाग की भूमि में से लेवियों को रहने के लिये नगर देना; और नगरों के चारों ओर की चराइयां भी उनको देना। नगर तो उनके रहने के लिये, और चराइयां उनके गाय- बैल और भेड़- बकरी आदि, उनके सब पशुओं के लिये होंगी। और नगरों की चराइयां, जिन्हें तुम लेवियों को दोगे, वह एक एक नगर की शहरपनाह से बाहर चारों ओर एक एक हजार हाथ तक की हों। और नगर के बाहर पूर्व, दक्खिन, पच्छिम, और उत्तर अलंग, दो दो हजार हाथ इस रीति से नापना कि नगर बीचोंबीच हो; लेवियों के एक एक नगर की चराई इतनी ही भूमि की हो। और जो नगर तुम लेवियों को दोगे उन में से छ: शरणनगर हों, जिन्हें तुम को खूनी के भागने के लिये ठहराना होगा, और उन से अधिक बयालीस नगर और भी देना। जितने नगर तुम लेवियों को दोगे वे सब अड़तालीस हों, और उनके साथ चराइयां देना। और जो नगर तुम इस्त्राएलियों की निज भूमि में से दो, वे जिनके बहुत नगर हों उन से थोड़े लेकर देना; सब अपने अपने नगरों में से लेवियों को अपने ही अपने भाग के अनुसार दें।। फिर यहोवा ने मूसा से कहा,
- Isaiah 37:4 यशायाह 37:4सम्भव है कि तेरे परमेश्वर यहोवा ने रबशाके की बातें सुनी जिसे उसके स्वामी अश्शूर के राजा ने जीवते परमेश्वर की निन्दा करने को भेजा है, और जा बातें तेरे परमेश्वर यहोवा ने सुनी हैं उन्हें दपटे; सो तू इन बचे हुओं के लिये जो रह गए हैं, प्रार्थना कर।।
- 2 Samuel 7:2–5 2 शमूएल 7:2–5तब राजा नातान नाम भविष्यद्वक्ता से कहने लगा, देख, मैं तो देवदारू के बने हुए घर में रहता हूँ, परन्तु परमेश्वर का सन्दूक तम्बू में रहता है। नातान ने राजा से कहा, जो कुछ तेरे मन में हो उसे कर; क्योंकि यहोवा तेरे संग है। उसी दिन रात को यहोवा का यह वचन नातान के पास पहुंचा, कि जाकर मेरे दास दाऊद से कह, यहोवा सों कहता है, कि क्या तू मेरे निवास के लिये घर बनवाएगा?
- 1 Kings 12:7 1 राजा 12:7उन्हों ने उसको यह उत्तर दिया, कि यदि तू अभी प्रजा के लोगों का दास बनकर उनके अधीन हो और उन से मधुर बातें कहे, तो वे सदैव तेरे अधीन बने रहेंगे।
- Philemon 1:8–9 फिलेमोन 1:8–9इसलिये यद्यपि मुझे मसीह में बड़ा हियाव तो है, कि जो बात ठीक है, उस की आज्ञा तुझे दूं। तौभी मुझ बूढ़े पौलुस को जो अब मसीह यीशु के लिये कैदी हूं, यह और भी भला जान पड़ा कि प्रेम से बिनती करूं।
Original words (Hebrew)
- David · H1732דָּוִד Dâvid
- said · H559אָמַר ʼâmar
- congregation · H6951קָהָל qâhâl
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- good · H2895טוֹב ṭôwb
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- send · H7971שָׁלַח shâlach
- abroad · H6555פָּרַץ pârats
- brethren · H251אָח ʼâch
- left · H7604שָׁאַר shâʼar
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- priests · H3548כֹּהֵן kôhên
- Levites · H3881לֵוִיִּי Lêvîyîy
- cities · H5892עִיר ʻîyr
- suburbs · H4054מִגְרָשׁ migrâsh
- gather · H6908קָבַץ qâbats