1 Chronicles · chapter 23 · verse 30
1 Chronicles 23:30 in Hindi
और प्रति भोर और प्रति सांझ को यहोवा का धन्यवाद और उसकी स्तुति करने के लिये खड़े रहा करें।
Aur prati bhor aur prati saanjh ko yahovaa kaa dhanyavaad aur usakee stuti karane ke liye khade rahaa karen.
1 Chronicles 23:30 in English
- King James Version (KJV)
- And to stand every morning to thank and praise the LORD, and likewise at even;
- World English Bible (WEB)
- and to stand every morning to thank and praise the LORD, and likewise in the evening;
- American Standard Version (ASV)
- and to stand every morning to thank and praise Jehovah, and likewise at even;
- Bible in Basic English (BBE)
- They had to take their places every morning to give praise and make melody to the Lord, and in the same way at evening;
- Darby Translation (DBY)
- and to stand every morning to thank and praise Jehovah, and likewise at even;
- Webster's Bible (WBS)
- And to stand every morning to thank and praise the LORD, and likewise at evening;
- Young's Literal Translation (YLT)
- and to stand, morning by morning, to give thanks, and to give praise to Jehovah, and so at evening;
Read in context
- 28क्योंकि उनका काम तो हारून की सन्तान की सेवा टहल करना था, अर्थात यह कि वे आंगनों और कोठरियों में, और सब पवित्रा वस्तुओं के शुठ्ठ करने में और परमेश्वर के भवन की उपासना के सब कामों में सेवा टहल करें।
- 29और भेंट की रोटी का, अन्नबलियों के मैदे का, और अखमीरी पपड़ियों का, और तवे पर बनाए हुए और सने हुए का, और मापने और तौलने के सब प्रकार का काम करें।
- 30और प्रति भोर और प्रति सांझ को यहोवा का धन्यवाद और उसकी स्तुति करने के लिये खड़े रहा करें।
- 31और विश्रामदिनों और नये चान्द के दिनों, और नियत परव में गिनती के नियम के अनुसार नित्य यहोवा के सब होपबलियों को बढ़ाएं।
- 32और यहोवा के भवन की उपासना के विषय मिलापवाले नम्बू और पवित्रास्थान की रक्षा करें, और अपने भाई हारूनियों के सौंपे हुए काम को चौकसी से करें।
Cross references
- Psalm 92:1–3 भजन संहिता 92:1–3यहोवा का धन्यवाद करना भला है, हे परमप्रधान, तेरे नाम का भजन गाना; प्रात:काल को तेरी करूणा, और प्रति रात तेरी सच्चाई का प्रचार करना, दस तारवाले बाजे और सारंगी पर, और वीणा पर गम्भीर स्वर से गाना भला है।
- 1 Chronicles 9:33 1 इतिहास 9:33और ये गवैये थे जो लेवीय पितरों के घरानों में मुख्य थे, और कोठरियों में रहते, और और काम से छूटे थे; क्योंकि वे रात- दिन अपने काम में लगे रहते थे।
- Ezra 3:10–11 एज्रा 3:10–11और जब राजों ने यहोवा के मन्दिर की नेव डाली तब अपने वस्त्रा पहिने हुए, और तुरहियां लिये हुए याजक, और झांझ लिये हुए आसाप के वंश के लेवीय इसलिये नियुक्त किए गए कि इस्राएलियों के राजा दाऊद की चलाई हुई रीति के अनुसार यहोवा की स्तुति करें। सो वे यह गा गाकर यहोवा की स्तुति और धन्यवाद करने लगे, कि वह भला है, और उसकी करूणा इस्राएल पर सदैव बनी है। और जब वे यहोवा की स्तुति करने लगे तब सब लोगों ने यह जानकर कि यहोवा के भवन की नेब अब पड़ रही है, ऊंचे शब्द से जय जयकार किया।
- Revelation 14:3 प्रकाशितवाक्य 14:3और वे सिंहासन के साम्हने और चारों प्राणियों और प्राचीनों के साम्हने मानो, यह नया गीत गा रहे थे, और उन एक लाख चौआलीस हजार जनो को छोड़ जो मोल लिए गए थे, कोई वह गीत न सीख सकता था।
- 1 Chronicles 25:1–7 1 इतिहास 25:1–7फिर दाऊद और सेनापतियोंने आसाप, हेमान और यदूतून के कितने पुत्रोंको सेवकाई के लिथे अलग किया कि वे वीणा, सारंगी और फांफ बजा बजाकर नबूवत करें। और इस सेवकाई के काम करनेवाले मनुष्योंकी गिनती यह यी: अर्यात् आसाप के पुत्रोंमें से तो जक्कूर, योसेप, नतन्याह और अशरेला, आसाप के थे पुत्र आसाप ही की आज्ञा में थे, जो राजा की आज्ञा के अनुसार नबूवत करता या। फिर यदूतून के पुत्रोंमें से गदल्याह, सरीयशायाह, हसब्याह, मत्तित्याह, थे ही छ: अपके पिता यदूतून की आज्ञा में होकर जो यहोवा का धन्यवाद और स्तुति कर करके नबूवत करता या, वीणा बजाते थे। और हेमान के पुत्रोंमें से, मुक्किय्याह, मत्तन्याह, लज्जीएल, शबूएल, यरीमोत, हनन्याह, हनानी, एलीआता, गिद्दलती, रोममतीएजेर, योशबकाशा, मल्लोती, होतीर और महजीओत। परमेश्वर की प्रतिज्ञानुकूल जो उसका नाम बढ़ाने की यी, थे सब हेमान के पुत्र थे जो राजा का दशीं या; क्योंकि परमेश्वर ने हेमान को चौदह बेटे और तीन बेटियां दीं यीं। थे सब यहोवा के भवन में गाने के लिथे अपके अपके पिता के अधीन रहकर, परमेश्वर के भवन, की सेवकाई में फांफ, सारंगी और वीणा बजाते थे। और आसाप, यदूतून और हेमान राजा के अधीन रहते थे। इन सभोंकी गिनती भाइयोंसमेत जो यहोवा के गीत सीखे हुए और सब प्रकार से निपुण थे, दो सौ अठासी यी।
- 1 Chronicles 6:31–33 1 इतिहास 6:31–33फिर जिनको दाऊद ने सन्दूक के ठिकाना पाने के बाद यहोवा के भवन में गाने के अधिकारी ठहरा दियया वे ये हैं। जब तब सुलैमान यरूशलेम में यहोवा के भवन को बनवा न चुका, तब तक वे मिलापवाले तम्बू के निवास के साम्हने गाने के द्वारा सेवा करते थे; और इस सेवा में नियम के अनुसार उपस्थित हुआ करते थे। जो अपने अपने पुत्रों समेत उपस्थित हुआ करते थे वे ये हैं, अर्थात् कहातियों में से हेमान गवैया जो योएल का पुत्रा था, और योएल शमुएल का।
- 2 Chronicles 29:25–28 2 इतिहास 29:25–28फिर उस ने दाऊद और राजा के दश गाद, और नातान नबी की आज्ञा के अनुसार जो यहोवा की ओर से उसके नबियों के द्वारा आई थी, झांझ, सारंगियां और वीणाएं लिए हुए लेवियों को यहोवा के भवन में खड़ा किया। तब लेवीय दाऊद के चलाए बाजे लिए हुए, और याजक तुरहियां लिए हुए खड़े हुए। तब हिजकिरयाह ने वेदी पर होमबलि चढ़ाने की आज्ञा दी, और जब होमबलि चढ़ने लगी, तब यहोवा का गीत आरम्भ हुआ, और तुरहियां और इस्राएल के राजा दाऊद के बाजे बजने लगे। और मण्डली के सब लोग दणडवत करते और गानेवाले गाते और तुरही फूंकनेवाले फूंकते रहे; यह सब तब तक होेता रहा, जब तक होमबलि चढ़ न चुकी।
- Revelation 5:8–14 प्रकाशितवाक्य 5:8–14और जब उस ने पुस्तक ले ली, तो वे चारों प्राणी और चौबीसों प्राचीन उस मेम्ने के साम्हने गिर पड़े; और हर एक के हाथ में वीणा और धूप से भरे हुए सोने के कटोरे थे, ये तो पवित्रा लोगों की प्रार्थनाएं हैं। और वे यह नया गीत गाने लगे, कि तू इस पुस्तक के लेने, और उसकी मुहरें खोलने के योग्य है; क्योंकि तू ने वध होकर अपने लोहू से हर एक कुल, और भाषा, और लोग, और जाति में से परमेश्वर के लिये लोगों को मोल लिया है। और उन्हें हमारे परमेश्वर के लिये एक राज्य और याजक बनाया; और वे पृथ्वी पर राज्य करते हैं। और जब मै ने देखा, तो उस सिंहासन और उन प्राणियों और उन प्राचीनों की चारों ओर बहुत से स्वर्गदूतों का शब्द सुना, जिन की गिनती लाखों और करोड़ों की थी। और वे ऊंचे शब्द से कहते थे, कि वध किया हुआ मेम्ना ही सामर्थ, और धन, और ज्ञान, और शक्ति, और आदर, और महिमा, और धन्यवाद के योग्य है। फिर मैं ने स्वर्ग में, और पृथ्वी पर, और पृथ्वी के नीचे, और समुद्र की सब सृजी हुई वस्तुओं को, और सब कुछ को जो उन में हैं, यह कहते सुना, कि जो सिंहासन पर बैठा है, उसका, और मेम्ने का धन्यवाद, और आदर, और महिमा, और राज्य, युगानुयुग रहे। और चारों प्राणियों ने आमीन कहा, और प्राचीनों ने गिरकर दण्डवत् किया।।
- Psalm 134:1–2 भजन संहिता 134:1–2हे यहोवा के सब सेवको, सुनो, तुम जो रात रात को यहोवा के भवन में खड़े रहते हो, यहोवा को धन्य कहो। अपने हाथ पवित्रास्थान में उठाकर, यहोवा को धन्य कहो।
- Psalm 135:1–3 भजन संहिता 135:1–3याह की स्तुति करो, यहोवा के नाम की स्तुति करो, हे यहोवा के सेवको तुम स्तुति करो, तुम जो यहोवा के भवन में, अर्थात् हमारे परमेश्वर के भवन के आंगनों में खड़े रहते हो! याह की स्तुति करो, क्योंकि यहोवा भला है; उसके नाम का भजन गाओ, क्योंकि यह मनभाऊ है!
- Psalm 135:19–20 भजन संहिता 135:19–20हे इस्राएल के घराने यहोवा को धन्य कह! हे हारून के घराने यहोवा को धन्य कह! हे लेवी के घराने यहोवा को धन्य कह! हे यहोवा के डरवैयो यहोवा को धन्य कहो!
- Psalm 137:2–4 भजन संहिता 137:2–4उसके बीच के मजनू वर्क्षों पर हम ने अपनी वीणाओं को टांग दिया; क्योंकि जो हम को बन्धुए करके ले गए थे, उन्हों ने वहां हम से गीत गवाना चाहा, और हमारे रूलानेवलों ने हम से आनन्द चाहकर कहा, सिरयोन के गीतों में से हमारे लिये कोई गीत गाओ! हम यहोवा के गीत को, पराए देश में क्योंकर गाएं?