1 Corinthians · chapter 10 · verse 6
1 Corinthians 10:6 in Hindi
ये बातें हमारे लिये दृष्टान्त ठहरी, कि जैसे उन्हों ने लालच किया, वैसे हम बुरी वस्तुओं का लालच न करें।
Ye baatem hamaare liye drushtaant thaharee, ki jaise unhom ne laalach kiyaa, vaise ham buree vastuom kaa laalach na karen.
1 Corinthians 10:6 in English
- King James Version (KJV)
- Now these things were our examples, to the intent we should not lust after evil things, as they also lusted.
- World English Bible (WEB)
- Now these things were our examples, to the intent we should not lust after evil things as they also lusted.
- American Standard Version (ASV)
- Now these things were our examples, to the intent we should not lust after evil things, as they also lusted.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now these things were for an example to us, so that our hearts might not go after evil things, as they did.
- Darby Translation (DBY)
- But these things happened [as] types of us, that we should not be lusters after evil things, as they also lusted.
- Webster's Bible (WBS)
- Now these things were our examples, to the intent we should not lust after evil things, as they also lusted.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and those things became types of us, for our not passionately desiring evil things, as also these did desire.
Read in context
- 4और सब ने एक ही आत्मिक जल पीया, क्योंकि वे उस आत्मिक चटान से पीते थे, जो उन के साथ- साथ चलती थी; और वह चटान मसीह था।
- 5परन्तु परमेश्वर उन में के बहुतेरों से प्रसन्न न हुआ, इसलिये वे जंगल में ढेर हो गए।
- 6ये बातें हमारे लिये दृष्टान्त ठहरी, कि जैसे उन्हों ने लालच किया, वैसे हम बुरी वस्तुओं का लालच न करें।
- 7और न तुम मूरत पूजनेवाले बनों; जैसे कि उन में से कितने बन गए थे, जैसा लिखा है, कि लोग खाने- पीने बैठे, और खेलने- कूदने उठे।
- 8और न हम व्यभिचार करें; जैसा उन में से कितनों ने किया: एक दिन में तेईस हजार मर गये।
Cross references
- Jude 1:7 यहूदा 1:7जिस रीति से सदोम और अमोरा और उन के आस पास के नगर, जो इन की नाई व्यभिचारी हो गए थे और पराये शरीर के पीछे लग गए थे आग के अनन्त दण्ड में पड़कर दृष्टान्त ठहरे हैं।
- 2 Peter 2:6 2 पतरस 2:6और सदोम और अमोरा के नगरों को विनाश का ऐसा दण्ड दिया, कि उन्हें भस्म करके राख में मिला दिया ताकि वे आनेवाले भक्तिहीन लोगों की शिक्षा के लिये एक दृष्टान्त बनें।
- 1 Corinthians 10:11 1 कुरिन्थियों 10:11परन्तु ये सब बातें, जो उन पर पड़ी, दृष्टान्त की रीति पर भी: और वे हमारी चितावनी के लिये जो जगत के अन्तिम समय में रहते हैं लिखी गईं हैं।
- Hebrews 4:11 इब्रानियों 4:11सो हम उस विश्राम में प्रवेश करने का प्रयत्न करें, ऐसा न हो, कि कोई जन उन की नाई आज्ञा न मानकर गिर पड़े।
- Numbers 11:4 गिनती 11:4फिर जो मिली- जुली भीड़ उनके साथ थी वह कामुकता करने लगी; और इस्त्राएली भी फिर रोने और कहने लगे, कि हमें मांस खाने को कौन देगा।
- Zephaniah 3:6–7 सपन्याह 3:6–7मैं ने अन्यजातियों को यहां तक नाश किया, कि उनके कोनेवाले गुम्मट उजड़ गए; मैं ने उनकी सड़कों को यहां तक सूनी किया, कि कोई उन पर नहीं चलता; उनके नगर यहां तक नाश हुए कि उन में कोई मनुष्य वरन कोई भी प्राणी नहीं रहा। मैं ने कहा, अब तू मेरा भय मानेगी, और मेरी ताड़ना अंगीकार करेगी जिस से उसका धाम उस सब के अनुसर जो मैं ने ठहराया था, नाश न हो। परन्तु वे सब प्रकार के बुरे बुरे काम यत्न से करने लगे।।
- Numbers 11:31–34 गिनती 11:31–34तब यहोवा की ओर से एक बड़ी आंधी आई, और वह समुद्र से बटेरें उड़ाके छावनी पर और उसके चारों ओर इतनी ले आईं, कि वे इधर उधर एक दिन के मार्ग तक भूमि पर दो हाथ के लगभग ऊंचे तक छा गए। और लोगों ने उठकर उस दिन भर और रात भर, और दूसरे दिन भी दिन भर बटेरों को बटोरते रहे; जिस ने कम से कम बटोरा उस ने दस होमेर बटोरा; और उन्हों ने उन्हें छावनी के चारों ओर फैला दिया। मांस उनके मुंह ही में था, और वे उसे खाने न पाए थे, कि यहोवा का कोप उन पर भड़क उठा, और उस ने उनको बहुत बड़ी मार से मारा। और उस स्थान का नाम किब्रोथत्तावा पड़ा, क्योंकि जिन लोगों ने कामुकता की थी उनको वहां मिट्टी दी गई।
- Psalm 106:14–15 भजन संहिता 106:14–15उन्हों ने जंगल में अति लालसा की और निर्जल स्थान में ईश्वर की परीक्षा की। तब उस ने उन्हें मुंह मांगा वर तो दिया, परन्तु उनके प्राण को सुखा दिया।।
- 1 Peter 3:21 1 पतरस 3:21और उसी पानी का दृष्टान्त भी, अर्थात् बपतिस्मा, यीशु मसीह के जी उठने के द्वारा, अब तुम्हें बचाता है; ( उस से शरीर के मैल को दूर करने का अर्थ नहीं है, परन्तु शुद्ध विवेक से परमेश्वर के वश में हो जाने का अर्थ है )।
- Psalm 78:27–31 भजन संहिता 78:27–31और उनके लिये मांस धूलि की नाई बहुत बरसाया, और समुद्र के बालू के समान अनगिनित पक्षी भेजे; और उनकी छावनी के बीच में, उनके निवासों के चारों ओर गिराए। और वे खाकर अति तृप्त हुए, और उस ने उनकी कामना पूरी की। उनकी कामना बनी ही रही, उनका भोजन उनके मुंह ही में था, कि परमेश्वर का क्रोध उन पर भड़का, और उस ने उनके हष्टपुष्टों को घात किया, और इस्त्राएल के जवानों को गिरा दिया।।
- Romans 5:14 रोमियों 5:14तौभी आदम से लेकर मूसा तक मृत्यु ने उन लोगों पर भी राज्य किया, जिन्हों ने उस आदम के अपराध की नाईं जो उस आनेवाले का चिन्ह है, पाप न किया।
- Hebrews 9:24 इब्रानियों 9:24क्योंकि मसीह ने उस हाथ के बनाए हुए पवित्रा स्थान में जो सच्चे पवित्रा स्थान का नमूना है, प्रवेश नहीं किया, पर स्वर्ग ही में प्रवेश किया, ताकि हमारे लिये अब परमेश्वर के साम्हने दिखाई दे।
Original words (Greek)
- Now · G1161δέ dé
- things · G5023ταῦτα taûta
- were · G1096γίνομαι gínomai
- our · G2257ἡμῶν hēmōn
- examples · G5179τύπος týpos
- intent · G1519εἰς eis
- we · G2248ἡμᾶς hēmâs
- should · G1511εἶναι eînai
- not · G3361μή mḗ
- after · G1938ἐπιθυμητής epithymētḗs
- things · G2556κακός kakós
- as · G2531καθώς kathṓs
- also · G2548κἀκεῖνος kakeînos
- lusted · G1937ἐπιθυμέω epithyméō