1 Corinthians · chapter 4 · verse 21
1 Corinthians 4:21 in Hindi
तुम क्या चाहते हो? क्या मैं छड़ी लेकर तुम्हारे पास आऊं या प्रेम और नम्रता की आत्मा के साथ?
Tum kyaa chaahate ho? Kyaa maim chhadee lekar tumhaare paas aaoom yaa prem aur namrataa kee aatmaa ke saath?
1 Corinthians 4:21 in English
- King James Version (KJV)
- What will ye? shall I come unto you with a rod, or in love, and [in] the spirit of meekness?
- World English Bible (WEB)
- What do you want? Shall I come to you with a rod, or in love and a spirit of gentleness?
- American Standard Version (ASV)
- What will ye? shall I come unto you with a rod, or in love and a spirit of gentleness?
- Bible in Basic English (BBE)
- What is your desire? is my coming to be with punishment, or is it to be in love and a gentle spirit?
- Darby Translation (DBY)
- What will ye? that I come to you with a rod; or in love, and [in] a spirit of meekness?
- Webster's Bible (WBS)
- What will ye? shall I come to you with a rod, or in love, and [in] the spirit of meekness?
- Young's Literal Translation (YLT)
- what do ye wish? with a rod shall I come unto you, or in love, with a spirit also of meekness?
Read in context
- 19ुपरन्तु प्रभु चाहे तो मैं तुम्हारे पास शीघ्र ही आऊंगा, और उन फूले हुओं की बातों को नहीं, परन्तु उन की सामर्थ को जान लूंगा।
- 20क्योंकि परमशॆवर का राज्य बातों में नहीं, परन्तु सामर्थ में है।
- 21तुम क्या चाहते हो? क्या मैं छड़ी लेकर तुम्हारे पास आऊं या प्रेम और नम्रता की आत्मा के साथ?
Cross references
- 2 Corinthians 13:2 2 कुरिन्थियों 13:2जैसे जब दूसरी बार तुम्हारे साथ था, सो वैसे ही अब दूर रहते हुए उन लोगों से जिन्हों ने पहिले पाप किया, और और सब लोगों से अब पहिले से कहे देता हूं, कि यदि मैं फिर आऊंगा, तो नहीं छोडूंगा।
- 2 Corinthians 13:10 2 कुरिन्थियों 13:10इस कारण मैं तुम्हारे पीठ पीछे ये बातें लिखता हूं, कि उपस्थित होकर मुझे उस अधिकार के अनुसार जिसे प्रभु ने बिगाड़ने के लिये नहीं पर बनाने के लिये मुझे दिया है, कढ़ाई से कुछ करना न पडे।।
- 2 Corinthians 12:20–21 2 कुरिन्थियों 12:20–21क्योंकि मुझे डर है, कहीं ऐसा न हो, कि मैं आकर जैसे चाहता हूं, वैसे तुम्हें न पाऊं; और मुझे भी जैसा तुम नहीं चाहते वैसा ही पाओ, कि तुम में झगड़ा, डाह, क्रोध, विराध, ईर्ष्या, चुगली, अभिमान और बखेड़े हों। और मेरा परमेश्वर कहीं मेरे फिर से तुम्हारे यहां आने पर मुझ पर दबाव डाले और मुझे बहुतों के लिये फिर शोक करना पड़े, जिन्हों ने पहिले पाप किया था, और उस गन्दे काम, और व्यभिचार, और लुचपन से, जो उन्हों ने किया, मन नहीं फिराया।।
- 1 Thessalonians 2:7 1 थिस्सलुनीकियों 2:7परन्तु जिस तरह माता अपने बालकों का पालन- पोषण करती है, वैसे ही हम ने भी तुम्हारे बीच में रहकर कोमलता दिखाई है।
- 2 Corinthians 1:23 2 कुरिन्थियों 1:23मैं परमेश्वर को गवाह करता हूं, कि मै अब तक कुरिन्थुस में इसलिये नहीं आया, कि मुझे तुम पर तरस आता था।
- James 3:17 याकूब 3:17पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्रा होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है।
- 2 Corinthians 2:3 2 कुरिन्थियों 2:3और मैं ने यही बात तुम्हें इसलिये लिखी, कि कहीं ऐसा न हो, कि मेरे आने पर जिन से आनन्द मिलना चाहिए, मैं उन से उदास होऊं; क्योंकि मुझे तुम सब पर इस बात का भरोसा है, कि जो मेरा आनन्द है, वही तुम सब का भी है।
- 2 Corinthians 10:6 2 कुरिन्थियों 10:6और तैयार रहते हैं कि जब तुम्हारा आज्ञा मानना पूरा हो जाए, तो हर एक प्रकार के आज्ञा न मानने का पलटा लें।
- 2 Corinthians 2:1 2 कुरिन्थियों 2:1मैंने अपने मन में यही ठान लिया था कि फिर तुम्हारे पास उदास होकर न आऊं।
- 2 Corinthians 10:1–2 2 कुरिन्थियों 10:1–2मैं वही पौलुस जो तुम्हारे साम्हने दीन हूं, परन्तु पीठ पीछे तुम्हारी ओर साहस करता हूं; तुम को मसीह की नम्रता, और कोमलता के कारण समझाता हूं। मैं यह बिनती करता हूं, कि तुम्हारे साम्हने मुझे निर्भय होकर साहस करना न पड़े; जैसा मैं कितनों पर जो हम को शरीर के अनुसार चलनेवाले समझते हैं, वीरता दिखाने का विचार करता हूं।
- 2 Corinthians 10:8 2 कुरिन्थियों 10:8क्योंकि यदि मैं उस अधिकार के विषय में और भी घमण्ड दिखाऊं, जो प्रभु ने तुम्हारे बिगाड़ने के लिये नहीं पर बनाने के लिये हमें दिया है, तो लज्जित न हूंगा।
- 1 Corinthians 5:5 1 कुरिन्थियों 5:5शरीर के विनाश के लिये शैतान को सौंपा जाए, ताकि उस की आत्मा प्रभु यीशु के दिन में उद्धार पाए।