2 Corinthians · chapter 2 · verse 1
2 Corinthians 2:1 in Hindi
मैंने अपने मन में यही ठान लिया था कि फिर तुम्हारे पास उदास होकर न आऊं।
Mainne apane man mem yahee thaan liyaa thaa ki phir tumhaare paas udaas hokar na aaoon.
2 Corinthians 2:1 in English
- King James Version (KJV)
- But I determined this with myself, that I would not come again to you in heaviness.
- World English Bible (WEB)
- But I determined this for myself, that I would not come to you again in sorrow.
- American Standard Version (ASV)
- But I determined this for myself, that I would not come again to you with sorrow.
- Bible in Basic English (BBE)
- But it was my decision for myself, not to come again to you with sorrow.
- Darby Translation (DBY)
- But I have judged this with myself, not to come back to you in grief.
- Webster's Bible (WBS)
- But I determined this with myself, that I would not come again to you in heaviness.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And I decided this to myself, not again to come in sorrow unto you,
Read in context
- 1मैंने अपने मन में यही ठान लिया था कि फिर तुम्हारे पास उदास होकर न आऊं।
- 2क्योंकि यदि मैं तुम्हें उदास करूं, तो मुझे आनन्द देनेवाला कौन होगा, केवल वही जिस को मैं ने उदास किया?
- 3और मैं ने यही बात तुम्हें इसलिये लिखी, कि कहीं ऐसा न हो, कि मेरे आने पर जिन से आनन्द मिलना चाहिए, मैं उन से उदास होऊं; क्योंकि मुझे तुम सब पर इस बात का भरोसा है, कि जो मेरा आनन्द है, वही तुम सब का भी है।
Cross references
- 2 Corinthians 1:23 2 कुरिन्थियों 1:23मैं परमेश्वर को गवाह करता हूं, कि मै अब तक कुरिन्थुस में इसलिये नहीं आया, कि मुझे तुम पर तरस आता था।
- 2 Corinthians 13:10 2 कुरिन्थियों 13:10इस कारण मैं तुम्हारे पीठ पीछे ये बातें लिखता हूं, कि उपस्थित होकर मुझे उस अधिकार के अनुसार जिसे प्रभु ने बिगाड़ने के लिये नहीं पर बनाने के लिये मुझे दिया है, कढ़ाई से कुछ करना न पडे।।
- 2 Corinthians 12:20–21 2 कुरिन्थियों 12:20–21क्योंकि मुझे डर है, कहीं ऐसा न हो, कि मैं आकर जैसे चाहता हूं, वैसे तुम्हें न पाऊं; और मुझे भी जैसा तुम नहीं चाहते वैसा ही पाओ, कि तुम में झगड़ा, डाह, क्रोध, विराध, ईर्ष्या, चुगली, अभिमान और बखेड़े हों। और मेरा परमेश्वर कहीं मेरे फिर से तुम्हारे यहां आने पर मुझ पर दबाव डाले और मुझे बहुतों के लिये फिर शोक करना पड़े, जिन्हों ने पहिले पाप किया था, और उस गन्दे काम, और व्यभिचार, और लुचपन से, जो उन्हों ने किया, मन नहीं फिराया।।
- 2 Corinthians 2:4 2 कुरिन्थियों 2:4बड़े क्लेश, और मन के कष्ट से, मैं ने बहुत से आंसु बहा बहाकर तुम्हें लिखा, इसलिये नहीं, कि तुम उदास हो, परन्तु इसलिये कि तुम उस बड़े प्रेम को जान लो, जो मुझे तुम से है।।
- 1 Corinthians 4:21 1 कुरिन्थियों 4:21तुम क्या चाहते हो? क्या मैं छड़ी लेकर तुम्हारे पास आऊं या प्रेम और नम्रता की आत्मा के साथ?
- Acts 11:29 प्रेरितों के काम 11:29तब चेलों ने ठहराया, कि हर एक अपनी अपनी पूंजी के अनुसार यहूदिया में रहनेवाले भाइयों की सेवा के लिये कुछ भेजे।
- 2 Corinthians 7:5–8 2 कुरिन्थियों 7:5–8क्योंकि जब हम मकिदुनिया में आए, तब भी हमारे शरीर को चैन नहीं मिला, परन्तु हम चारों ओर से क्लेश पाते थे; बाहर लड़ाइयां थीं, भीतर भयंकर बातें थी। तौभी दानों को शान्ति देनेवाले परमेश्वर ने तितुस के आने से हम को शान्ति दी। और न केवल उसके आने से परन्तु उस की उस शान्ति से भी, जो उस को तुम्हारी ओर से मिली थी; और उस ने तुम्हारी लालसा, और तुम्हारे दुख ओर मेरे लिये तुम्हारी धुन का समाचार हमें सुनाया, जिस से मुझे और भी आनन्द हुआ। क्योकि यद्यपि मैं ने अपनी पत्री से तुम्हें शोकित किया, परन्तु उस से पछताता नहीं जैसा कि पहिले पछताता था क्योंकि मैं देखता हूं, कि उस पत्री से तुम्हें शोक तो हुआ परन्तु वह थोड़ी देर के लिये था।
- 2 Corinthians 1:15–17 2 कुरिन्थियों 1:15–17और इस भरोसे से मैं चाहता था कि पहिले तुम्हारे पास आऊं; कि तुम्हें एक और दान मिले। और तुम्हारे पास से होकर मकिदुनिया को जाऊं, और तुम मुछे यहूदिया की ओर कुद दूर तक पहुंचाओ। इसलिये मैं ने जो यह इच्छा की थी तो क्या मैं ने चंचलता दिखाई? या जो करना चाहता हूं क्या शरीर के अनुसार करना चाहता हूं, कि मैं बात में हां, हां भी करूं;
- Titus 3:12 तीतुस 3:12जब मैं तेरे पास अरतिमास या तुखिकुस को भेजूं, तो मेरे पास नीकुपुलिस आने का यत्न करना: क्योंकि मैं ने वहीं जाड़ा काटने की ठानी है।
- 1 Corinthians 2:2 1 कुरिन्थियों 2:2क्योंकि मैं ने यह ठान लिया था, कि तुम्हारे बीच यीशु मसीह, बरन क्रूस पर चढ़ाए हुए मसीह को छोड़ और किसी बात को न जानूं।
- 1 Corinthians 5:3 1 कुरिन्थियों 5:3मैं तो शरीर के भाव से दूर था, परन्तु आत्मा के भाव से तुम्हारे साथ होकर, मानो उपस्थिति ही दशा में ऐसे काम करनेवाले के विषय में यह आज्ञा दे चुका हूं।
- Acts 15:2 प्रेरितों के काम 15:2जब पौलुस और बरनबास का उन से बहुत झगड़ा और वाद- विवाद हुआ तो यह ठहराया गया, कि पौलुस और बरनबास, और हम में से कितने और व्यक्ति इस बात के विषय में यरूशलेम को प्रेरितों और प्राचीनों के पास जांए।