1 John · chapter 4 · verse 17
1 John 4:17 in Hindi
इसी से प्रेम हम में सिद्ध हुआ, कि हमें न्याय के दिन हियाव हो; क्योंकि जैसा वह है, वैसे ही संसार में हम भी है।
Isee se prem ham mem siddh huaa, ki hamem nyaay ke din hiyaav ho; kyonki jaisaa vah hai, vaise hee sansaar mem ham bhee hai.
1 John 4:17 in English
- King James Version (KJV)
- Herein is our love made perfect, that we may have boldness in the day of judgment: because as he is, so are we in this world.
- World English Bible (WEB)
- In this, love has been made perfect among us, that we may have boldness in the day of judgment, because as he is, even so we are in this world.
- American Standard Version (ASV)
- Herein is love made perfect with us, that we may have boldness in the day of judgment; because as he is, even so are we in this world.
- Bible in Basic English (BBE)
- In this way love is made complete in us, so that we may be without fear on the day of judging, because as he is, so are we in this world.
- Darby Translation (DBY)
- Herein has love been perfected with us that we may have boldness in the day of judgment, that even as he is, we also are in this world.
- Webster's Bible (WBS)
- In this is our love made perfect, that we may have boldness in the day of judgment: because as he is, so are we in this world.
- Young's Literal Translation (YLT)
- In this made perfect hath been the love with us, that boldness we may have in the day of the judgment, because even as He is, we — we also are in this world;
Read in context
- 15जो कोई यह मान लेता है, कि यीशु परमेश्वर का पुत्रा है: परमेश्वर उस में बना रहता है, और वह परमेश्वर में।
- 16और जो प्रेम परमेश्वर हम से रखता है, उस को हम जान गए, और हमें उस की प्रतीति है; परमेश्वर प्रेम है: जो प्रेम में बना रहता है, वह परमेश्वर में बना रहता है; और परमेश्वर उस में बना रहता है।
- 17इसी से प्रेम हम में सिद्ध हुआ, कि हमें न्याय के दिन हियाव हो; क्योंकि जैसा वह है, वैसे ही संसार में हम भी है।
- 18प्रेम में भय नहीं होता, बरन सिद्ध प्रेम भय को दूर कर देता है, क्योंकि भय के कष्ट होता है, और जो भय करता है, वह प्रेम में सिद्ध नहीं हुआ।
- 19हम इसलिये प्रेम करते हैं, कि पहिले उस ने हम से प्रेम किया।
Cross references
- 1 John 4:12 1 यूहन्ना 4:12परमेश्वर को कभी किसी ने नहीं देखा; यदि हम आपस में प्रेम रखें, तो परमेश्वर हम में बना रहता है; और उसका प्रेम हम में सिद्ध हो गया है।
- 1 John 2:28 1 यूहन्ना 2:28निदान, हे बालको, उस में बने रहो; कि जब वह प्रगट हो, तो हमें हियाव हो, और हम उसके आने पर उसके साम्हने लज्जित न हों।
- Romans 8:29 रोमियों 8:29क्योंकि जिन्हें उस ने पहिले से जान लिया है उन्हें पहिले से ठहराया भी है कि उसके पुत्रा के स्वरूप में हों ताकि वह बहुत भाइयों में पहिलौठा ठहरे।
- 1 John 3:3 1 यूहन्ना 3:3और जो कोई उस पर यह आशा रखता है, वह अपने आप को वैसा ही पवित्रा करता है, जैसा वह पवित्रा है।
- 1 John 2:5 1 यूहन्ना 2:5पर जो कोई उसके वचन पर चले, उस में सचमुच परमेश्वर का प्रेम सिद्ध हुआ है: हमें इसी से मालूम होता है, कि हम उस में हैं।
- 1 John 3:19–21 1 यूहन्ना 3:19–21इसी से हम जानेंगे, कि हम सत्य के हैं; और जिस बात में हमारा मन हमें दोष देगा, उसे विषय में हम उसके साम्हने अपने अपने मन को ढाढ़स दे सकेंगे। क्योंकि परमेश्वर हमारे मन से बड़ा है; और सब कुछ जानता है। हे प्रियो, यदि हमारा मन हमें दोष न दे, तो हमें परमेश्वर के साम्हने हियाव होता है।
- John 15:20 यूहन्ना 15:20जो बात मै। ने तुम से कही थी, कि दास अपने स्वामी से बड़ा नहीं होता, उसको याद रखो: यदि उन्हों ने मुझे सताया, तो तुम्हें भी सताएंगे; यदि उन्हों ने मेरी बात मानी, तो तुम्हारी भी मानेंगे।
- 1 John 3:1 1 यूहन्ना 3:1देखो पिता ने हम से कैसा प्रेम किया है, कि हम परमेश्वर की सन्तान कहलाएं, और हम हैं भी: इस कारण संसार हमें नहीं जानता, क्योंकि उस ने उसे भी नहीं जाना।
- 1 Peter 4:13–14 1 पतरस 4:13–14पर जैसे जैसे मसीह के दुखों में सहभागी होते हो, आनन्द करो, जिस से उसकी महिमा के प्रगट होते समय भी तुम आनन्दित और मगन हो। फिर यदि मसीह के नाम के लिये तुम्हारी निन्दा की जाती है, तो धन्य हो; क्योंकि महिमा का आत्मा, जो परमेश्वर का आत्मा है, तुम पर छाया करता है।
- 1 Peter 4:1–3 1 पतरस 4:1–3सो जब कि मसीह ने शरीर में होकर दुख उठाया तो तुम भी उस ही मनसा को धारण करके हथियार बान्ध लो क्योंकि जिस शरीर में दुख उठाया, वह पाप से छूट गया। ताकि भविष्य में अपना शेष शारीरिक जीवन मनुष्यों की अभिलाषाओं के अनुसार नहीं बरन परमेश्वर की इच्छा के अनुसार व्यतीत करो। क्योंकि अन्यजातियों की इच्छा के अनुसार काम करने, और लुचपन की बुरी अभिलाषाओं, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, पियक्कड़पन, और घृणित मूत्तिपूजा में जहां तक हम ने पहिले से समय गंवाया, वही बहुत हुआ।
- 2 Peter 3:7 2 पतरस 3:7पर वर्तमान काल के आकाश और पृथ्वी उसी वचन के द्वारा इसलिये रखे हैं, कि जलाए जाएं; और वह भक्तिहीन मनुष्यों के न्याय और नाश होने के दिन तक ऐसे ही रखे रहेंगे।।
- Matthew 12:36 मत्ती 12:36और मै तुम से कहता हूं, कि जो जो निकम्मी बातें मनुष्य कहेंगे, न्याय के दिन हर एक बात का लेखा देंगे।
Original words (Greek)
- Herein · G1722ἐν en
- is · G5048τελειόω teleióō
- our · G3326μετά metá
- love · G26ἀγάπη agápē
- perfect · G5048τελειόω teleióō
- that · G2443ἵνα hína
- have · G2192ἔχω échō
- boldness · G3954παῤῥησία parrhēsía
- in · G1722ἐν en
- day · G2250ἡμέρα hēméra
- judgment · G2920κρίσις krísis
- because · G3754ὅτι hóti
- as · G2531καθώς kathṓs
- he · G1565ἐκεῖνος ekeînos
- is · G2076ἐστί estí
- so · G2532καί kaí
- are · G2070ἐσμέν esmén
- we · G2249ἡμεῖς hēmeîs
- in · G1722ἐν en
- this · G5129τούτῳ toútōi
- world · G2889κόσμος kósmos