1 Thessalonians · chapter 4 · verse 9
1 Thessalonians 4:9 in Hindi
किन्तु भाईचारे की प्रीति के विषय में यह अवश्य नहीं, कि मैं तुम्हारे पास कुछ लिखूं; क्योंकि आपस में प्रेम रखना तुम ने आप ही परमेश्वर से सीखा है।
Kintu bhaaeechaare kee preeti ke vishay mem yah avashy naheem, ki maim tumhaare paas kuchh likhoom; kyonki aapas mem prem rakhanaa tum ne aap hee parameshvar se seekhaa hai.
1 Thessalonians 4:9 in English
- King James Version (KJV)
- But as touching brotherly love ye need not that I write unto you: for ye yourselves are taught of God to love one another.
- World English Bible (WEB)
- But concerning brotherly love, you have no need that one write to you. For you yourselves are taught by God to love one another,
- American Standard Version (ASV)
- But concerning love of the brethren ye have no need that one write unto you: for ye yourselves are taught of God to love one another;
- Bible in Basic English (BBE)
- But about loving the brothers, there is no need for me to say anything to you in this letter: for you have the teaching of God that love for one another is right and necessary;
- Darby Translation (DBY)
- Now concerning brotherly love ye have no need that we should write to you, for ye yourselves are taught of God to love one another.
- Webster's Bible (WBS)
- But concerning brotherly love ye need not that I write to you: for ye yourselves are taught by God to love one another.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And concerning the brotherly love, ye have no need of [my] writing to you, for ye yourselves are God-taught to love one another,
Read in context
- 7क्योंकि परमेश्वर ने हमें अशुद्ध होने के लिये नहीं, परन्तु पवित्रा होने के लिये बुलाया है।
- 8इस कारण जो तुच्छ जानता है, वह मनुष्य को नहीं, परन्तु परमेश्वर को तुच्छ जानता है, जो अपना पवित्रा आत्मा तुम्हें देता है।।
- 9किन्तु भाईचारे की प्रीति के विषय में यह अवश्य नहीं, कि मैं तुम्हारे पास कुछ लिखूं; क्योंकि आपस में प्रेम रखना तुम ने आप ही परमेश्वर से सीखा है।
- 10और सारे मकिदुनिया के सब भाइयों के साथ ऐसा करते भी हो, पर हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि और भी बढ़ते जाओ।
- 11और जैसी हम ने तुम्हें आज्ञा दी, वैसे ही चुपचाप रहने और अपना अपना काम काज करने, और अपने अपने हाथों से कमाने का प्रयत्न करो।
Cross references
- 1 John 3:11 1 यूहन्ना 3:11क्योंकि जो समाचार तुम ने आरम्भ से सुना, वह यह है, कि हम एक दूसरे से बैर रखे।
- Romans 12:10 रोमियों 12:10भाईचारे के प्रेम से एक दूसरे पर मया रखो; परस्पर आदर करने में एक दूसरे से बढ़ चलो।
- 1 John 3:23 1 यूहन्ना 3:23और उस की आज्ञा यह है कि हम उसके पुत्रा यीशु मसीह के नाम पर विश्वास करें और जैसा उस ने हमें आज्ञा दी है उसी के अनुसार आपस में प्रेम रखें।
- John 13:34–35 यूहन्ना 13:34–35मैं तुम्हें एक नई आज्ञा देता हूं, कि एक दूसरे से प्रेम रखो: जैसा मैं ने तुम से प्रेम रखा है, वैसा ही तुम भी एक दुसरे से प्रेम रखो। यदि आपस में प्रेम रखोगे तो इसी से सब जानेंगे, कि तुम मेरे चेले हो।।
- Hebrews 13:1 इब्रानियों 13:1भाईचारे की प्रीति बनी रहे।
- 1 Thessalonians 5:1 1 थिस्सलुनीकियों 5:1पर हे भाइयो, इसका प्रयोजन नहीं, कि समयों और कालों के विषय में तुम्हारे पास कुछ लिखा जाए।
- Acts 4:32 प्रेरितों के काम 4:32और विश्वास करनेवालों की मण्डली एक चित्त और एक मन के थे यहां तक कि कोई भी अपनी सम्पति अपनी नहीं कहता था, परन्तु सब कुछ साझे का था।
- 1 Peter 4:8 1 पतरस 4:8और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढ़ाप देता है।
- 1 John 2:10 1 यूहन्ना 2:10जो कोई अपने भाई से प्रेम रखता है, वह ज्योति में रहता है, और ठोकर नहीं खा सकता।
- 1 John 2:20–27 1 यूहन्ना 2:20–27और तुम्हारा तो उस पवित्रा से अभिषेक हुआ है, और तुम सब कुछ जानते हो। मैं ने तुम्हें इसलिये नहीं लिखा, कि तुम सत्य को नहीं जानते, पर इसलिये, कि उसे जानते हो, और इसलिये कि कोई झूठ, सत्य की ओर से नहीं। झूठा कौन है? केवल वह, जो यीशु के मसीह होने का इन्कार करता है; और मसीह का विरोधी वही है, जो पिता का और पुत्रा का इन्कार करता है। जो कोई पुत्रा का इन्कार करता है उसके पास पिता भी नहीं: जो पुत्रा को मान लेता है, उसके पास पिता भी है। जो कुछ तुम ने आरम्भ से सुना है वही तुम में बना रहे: जो तुम ने आरम्भ से सुना है, यदि वह तुम में बना रहे, तो तुम भी पुत्रा में, और पिता में बने रहोगे। और जिस की उस ने हम से प्रतिज्ञा की वह अनन्त जीवन है। मैं ने ये बातें तुम्हें उस के विषय में लिखी हैं, जो तुम्हें भरमाते हैं। और तुम्हारा वह अभिषेक, जो उस की ओर से किया गया, तुम में बना रहता है; और तुम्हें इस का प्रयोजन नही, कि कोई तुम्हें सिखाए, बरन जैसे वह अभिषेक जो उस की ओर से किया गया तुम्हें सब बातें सिखाता है, और यह सच्चा है, और झूठा नहीं: और जैसा उस ने तुम्हें सिखाया है वैसे ही तुम उस में बने रहते हो।
- John 14:26 यूहन्ना 14:26परन्तु सहायक अर्थात् पवित्रा आत्मा जिसे पिता मेरे नाम से भेजेगा, वह तुम्हें सब बातें सिखाएगा, और जो कुछ मैं ने तुम से कहा है, वह सब तुम्हें स्मरण कराएगा।
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- touching · G4012περί perí
- love · G5360φιλαδελφία philadelphía
- need · G2192ἔχω échō
- not · G3756οὐ ou
- write · G1125γράφω gráphō
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- for · G1063γάρ gár
- ye · G5210ὑμεῖς hymeîs
- yourselves · G846αὐτός autós
- are · G2075ἐστέ esté
- God · G2312θεοδίδακτος theodídaktos
- to · G1519εἰς eis
- love · G25ἀγαπάω agapáō
- another · G240ἀλλήλων allḗlōn