1 Kings · chapter 1 · verse 6
1 Kings 1:6 in Hindi
उसके पिता ने तो जन्म से लेकर उसे कभी यह कहकर उदास न किया था कि तू ने ऐसा क्यों किया। वह बहुत रूपवान था, और अबशालोम के पीछे उसका जन्म हुआ था।
Usake pitaa ne to janm se lekar use kabhee yah kahakar udaas na kiyaa thaa ki too ne aisaa kyom kiyaa. Vah bahut roopavaan thaa, aur abashaalom ke peechhe usakaa janm huaa thaa.
1 Kings 1:6 in English
- King James Version (KJV)
- And his father had not displeased him at any time in saying, Why hast thou done so? and he also [was a] very goodly [man;] and [his mother] bare him after Absalom.
- World English Bible (WEB)
- His father had not displeased him at any time in saying, “Why have you done so?” and he was also a very handsome man; and he was born after Absalom.
- American Standard Version (ASV)
- And his father had not displeased him at any time in saying, Why hast thou done so? and he was also a very goodly man; and he was born after Absalom.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now all his life his father had never gone against him or said to him, Why have you done so? and he was a very good-looking man, and younger than Absalom.
- Darby Translation (DBY)
- And his father had not grieved him at any time in saying, Why doest thou so? and he was also a very comely man; and [his mother] bore him after Absalom.
- Webster's Bible (WBS)
- And his father had not displeased him at any time in saying, Why hast thou done so? and he also [was a] very goodly [man] ; and [his mother] bore him after Absalom.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and his father hath not grieved him [all] his days, saying, 'Wherefore thus hast thou done?' and he also [is] of a very good form, and [his mother] bare him after Absalom.
Read in context
- 4वह कन्या बहुत ही सुन्दर थी; और वह राजा की दासी होकर उसकी सेवा करती रही; परन्तु राजा उस से सहबास न हुआ।
- 5तब हग्गीत का पुत्रा अदोनिरयाह सिर ऊंचा करके कहने लगा कि मैं राजा हूंगा; सो उस ने रथ और सवार और अपने आगे आगे दौड़ने को पचास पुरूष रख लिए।
- 6उसके पिता ने तो जन्म से लेकर उसे कभी यह कहकर उदास न किया था कि तू ने ऐसा क्यों किया। वह बहुत रूपवान था, और अबशालोम के पीछे उसका जन्म हुआ था।
- 7और उस ने सरूयाह के पुत्रा योआब से और एब्यातार याजक से बातचीत की, और उन्हों ने उसके पीछे होकर उसकी सहायता की।
- 8परन्तु सादोक याजक यहोयादा का पुत्रा बनायाह, नातान नबी, शिमी रेई, और दाऊद के शूरवीरों ने अदोनिरयाह का साथ न दिया।
Cross references
- 2 Samuel 3:3–4 2 शमूएल 3:3–4और उसका दूसरा किलाव था, जिसकी मां कर्मेंली नाबाल की स्त्री अबीगैल थी; तीसरा अबशालोम, जो गशूर के राजा तल्मै की बेटी माका से उत्पन्न हुआ था; चौथा अदोनिरयाह, जो हग्गीत से उत्पन्न हुआ था; पांचवां शपत्याह, जिसकी मां अबीतल थी;
- 1 Samuel 3:13 1 शमूएल 3:13क्योंकि मैं तो उसको यह कहकर जता चुका हूं, कि मैं उस अधर्म का दण्ड जिसे वह जानता है सदा के लिये उसके घर का न्याय करूंगा, क्योंकि उसके पुत्रा आप शापित हुए हैं, और उस ने उन्हें नहीं रोका।
- Proverbs 23:13–14 नीतिवचन 23:13–14लड़के की ताड़ना न छोड़ना; क्योंकि यदि तू उसका छड़ी से मारे, तो वह न मरेगा। तू उसका छड़ी से मारकर उसका प्राण अधोलोक से बचाएगा।
- Hebrews 12:5–6 इब्रानियों 12:5–6और तुम उस उपदेश को जो तुम को पुत्रों की नाई दिया जाता है, भूल गए हो, कि हे मेरे पुत्रा, प्रभु की ताड़ना को हलकी बात न जान, और जब वह तुझे घुड़के तो हियाव न छोड़। क्योंकि प्रभु, जिस से प्रेम करता है, उस की ताड़ना भी करता है; और जिसे पुत्रा बना लेता है, उस को कोड़े भी लगाता है।
- Proverbs 22:15 नीतिवचन 22:15लड़के के मन में मूढ़त बन्धी रहती है, परन्तु छड़ी की ताड़ना के द्वारा वह उस से दूर की जाती है।
- Proverbs 29:15 नीतिवचन 29:15छड़ी और डांट से बुद्धि प्राप्त होती है, परन्तु जो लड़का योंइी छोड़ा जाता है वह अपनी माता की लज्जा का कारण होता है।
- 1 Chronicles 3:2 1 इतिहास 3:2तीसरा अबशालोम जो गशूर के राजा तल्मै की बेटी माका का मुत्रा था, चौथा ओदानिरयाह जो हरगीत का पुत्रा था।
- 1 Samuel 10:23 1 शमूएल 10:23तब वे दौड़कर उसे वहां से लाए; और वह लोगों के बीच में खड़ा हुआ, और वह कान्धे से सिर तक सब लोगों से लम्बा था।
- 1 Samuel 9:2 1 शमूएल 9:2उसके शाऊल नाम एक जवान पुत्रा था, जो सुन्दर था, और इस्राएलियों में कोई उस से बढ़कर सुन्दर न था; वह इतना लम्बा था कि दूसरे लोग उसके कान्धे ही तक आते थे।
- 2 Samuel 14:25 2 शमूएल 14:25समस्त इस्राएल में सुन्दरता के कारण बहुत प्रशंसा योग्य अबशालोम के तुल्य और कोई न था; वरन उस में नख से सिख तक कुछ दोष न था।