1 Kings · chapter 11 · verse 40
1 Kings 11:40 in Hindi
और सुलैमान ने यारोबाम को मार डालना चाहा, परन्तु यारोबाम मिस्र के राजा शीशक के पास भाग गया, और सुलैमान के मरने नक वहीं रहा।
Aur sulaimaan ne yaarobaam ko maar daalanaa chaahaa, parantu yaarobaam misr ke raajaa sheeshak ke paas bhaag gayaa, aur sulaimaan ke marane nak vaheem rahaa.
1 Kings 11:40 in English
- King James Version (KJV)
- Solomon sought therefore to kill Jeroboam. And Jeroboam arose, and fled into Egypt, unto Shishak king of Egypt, and was in Egypt until the death of Solomon.
- World English Bible (WEB)
- Therefore Solomon sought to kill Jeroboam, but Jeroboam arose and fled into Egypt, to Shishak king of Egypt, and was in Egypt until the death of Solomon.
- American Standard Version (ASV)
- Solomon sought therefore to kill Jeroboam; but Jeroboam arose, and fled into Egypt, unto Shishak king of Egypt, and was in Egypt until the death of Solomon.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Solomon was looking for a chance to put Jeroboam to death; but he went in flight to Egypt, to Shishak, king of Egypt, and was in Egypt till the death of Solomon.
- Darby Translation (DBY)
- And Solomon sought to kill Jeroboam; and Jeroboam arose and fled into Egypt, to Shishak king of Egypt; and he was in Egypt until the death of Solomon.
- Webster's Bible (WBS)
- Solomon sought therefore to kill Jeroboam. And Jeroboam arose, and fled into Egypt, to Shishak king of Egypt, and was in Egypt until the death of Solomon.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Solomon seeketh to put Jeroboam to death, and Jeroboam riseth and fleeth to Egypt, unto Shishak king of Egypt, and he is in Egypt till the death of Solomon.
Read in context
- 38और यदि तू मेरे दास दाऊद की नाई मेरी सब आज्ञाएं, और मेरे माग पर चले, और जो काम मेरी दृष्टि में ठीक है, वही करे, और मेरी विधियां और आाएं मानता रहे, तो मैं तेरे संग रहूंगा, और जिस तनह मैं ने दाऊद का घराना बनाए रखा है, वैसे ही तेरा भी घराना बनाए रखूंगा, और तेरे हाथ इस्राएल को दूंगा।
- 39इस पाप के कारण मैं दाऊद के वंश को दु:ख दूंगा, तौभी सदा तक नहीं।
- 40और सुलैमान ने यारोबाम को मार डालना चाहा, परन्तु यारोबाम मिस्र के राजा शीशक के पास भाग गया, और सुलैमान के मरने नक वहीं रहा।
- 41सुलैमान की और सब बातें और उसके सब काम और उसकी बुध्दिमानी का वर्णन, क्या सुलैमान के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखा है?
- 42सुलैमान को यरूशलेम में सब इस्राएल पर राज्य करते हुए चालीस वर्ष बीते।
Cross references
- 2 Chronicles 12:2–9 2 इतिहास 12:2–9उन्हों ने जो यहोवा से विश्वासघात किया, उस कारण राजा रहूबियाम के पांचपें वर्ष में मिस्र के राजा शीशक ने, बारह सौ रथ और साठ हजार सवार लिये हुए यरूशलेम पर चढ़ाई की, और जो लोग उसके संग मिस्र से आए, अर्थात् लूबी, सुक्किरयी, कूशी, ये अनगिनत थे। और उस ने यहूदा के गढ़वाले नगरों को ले लिया, और यरूशलेम तक आया। तब शमायाह नबी रहूबियाम और यहूदा के हाकिमों के पास जो शीशक के डर के मारे यरूशलेम में इट्ठे हुए थे, आकर कहने लगा, यहोवा यों कहता है, कि तुम ने मुझ को छोड़ दिया है, इसलिये मैं ने तुम को छोड़कर शीशक के हाथ में कर दिया है। तब इस्राएल के हाकिम और राजा दीन हो गए, और कहा, यहोवा धम है। जब यहोवा ने देखा कि वे दीन हुए हैं, तब यहोवा का यह वचन शमायाह के पास पहुंचा कि वे दीन हो गए हैं, मैं उनको नष्ट न करूंगा; मैं उनका कुछ बचाव करूंगा, और मेरी जलजलाहट शीशक के द्वारा यरूशलेम पर न भड़केगी। तौभी वे उसके अधीन तो रहेंगे, ताकि वे मेरी और देश देश के राज्यों की भी सेवा जान लें। तब मिस्र का राजा शीशक यरूशलेम पर चढ़ाई करके यहोवा के भवन की अनमोल वस्तुएं और राजभवन की अनमोल वस्तुएं उठा ले गया। वह सब कुछ उठा ले गया, और सोने की जो फरियां सुलैमान ने बनाई थीं, उनको भी वह ले गया।
- Isaiah 46:10 यशायाह 46:10मै तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा।
- 2 Chronicles 16:10 2 इतिहास 16:10तब आसा दश पर क्रोधित हुआ और उसे काठ में ठोंकवा दिया, क्योंकि वहउसकी ऐसी बात के कारण उस पर क्रोधित था। और उसी समय से आसा प्रजा के कुछ लोगों को पीसने भी लगा।
- Lamentations 3:37 विलापगीत 3:37यदि यहोवा ने आज्ञा न दी हो, तब कौन है कि वचन कहे और वह पूरा हो जाए?
- Proverbs 21:30 नीतिवचन 21:30यहोवा के विरूद्ध न तो कुछ बुद्धि, और न कुछ समझ, न कोई युक्ति चलती है।
- Isaiah 14:24–27 यशायाह 14:24–27सेनाओं के यहोवा ने यह शपथ खाई है, नि:सन्देह जैसा मैं ने ठाना है, वैसा ही हो जाएगा, और जैसी मैं ने युक्ति की है, वैसी ही पूरी होगी, कि मैं अश्शूर को अपने ही देश में तोड़ दूंगा, और अपने पहाड़ों पर उसे कुचल डालूंगा; तब उसका जूआ उनकी गर्दनों पर से और उसका बोझ उनके कंधों पर से उतर जाएगा। यही युक्ति सारी पृथ्वी के लिये ठहराई गई है; और यह वही हाथ है जो सब जातियों पर बढ़ा हुआ है। क्योंकि सेनाओं के यहोवा ने युक्ति की है और कौन उसका टाल सकता है? उसका हाथ बढ़ाया गया है, उसे कौन रोक सकता है?
- 1 Kings 14:25–26 1 राजा 14:25–26राजा रहूबियाम के पांचवें वर्ष में मिस्र का राजा शीशक, यरूशलेम पर चढ़ाई करके, यहोवा के भवन की अनमोल वस्तुएं और राजभवन की अनमोल वस्तुएं, सब की सब उठा ले गया; और सोने की जो ढालें सुलैमान ने बनाईं थीं सब को वह ले गया।
Original words (Hebrew)
- Solomon · H8010שְׁלֹמֹה Shᵉlômôh
- sought · H1245בָּקַשׁ bâqash
- kill · H4191מוּת mûwth
- Jeroboam · H3379יָרׇבְעָם Yârobʻâm
- Jeroboam · H3379יָרׇבְעָם Yârobʻâm
- arose · H6965קוּם qûwm
- fled · H1272בָּרַח bârach
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- Shishak · H7895שִׁישַׁק Shîyshaq
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- death · H4194מָוֶת mâveth
- Solomon · H8010שְׁלֹמֹה Shᵉlômôh