2 Chronicles · chapter 12 · verse 2
2 Chronicles 12:2 in Hindi
उन्हों ने जो यहोवा से विश्वासघात किया, उस कारण राजा रहूबियाम के पांचपें वर्ष में मिस्र के राजा शीशक ने,
Unhom ne jo yahovaa se vishvaasaghaat kiyaa, us kaaran raajaa rahoobiyaam ke paanchapem varsh mem misr ke raajaa sheeshak ne,
2 Chronicles 12:2 in English
- King James Version (KJV)
- And it came to pass, [that] in the fifth year of king Rehoboam Shishak king of Egypt came up against Jerusalem, because they had transgressed against the LORD,
- World English Bible (WEB)
- In the fifth year of King Rehoboam, Shishak king of Egypt came up against Jerusalem, because they had trespassed against the LORD,
- American Standard Version (ASV)
- And it came to pass in the fifth year of king Rehoboam, that Shishak king of Egypt came up against Jerusalem, because they had trespassed against Jehovah,
- Bible in Basic English (BBE)
- Now in the fifth year of King Rehoboam, Shishak, king of Egypt, came up against Jerusalem, because of their sin against the Lord,
- Darby Translation (DBY)
- And it came to pass in the fifth year of king Rehoboam, because they had transgressed against Jehovah, that Shishak king of Egypt came up against Jerusalem,
- Webster's Bible (WBS)
- And it came to pass, [that] in the fifth year of king Rehoboam, Shishak king of Egypt came up against Jerusalem, because they had transgressed against the LORD,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it cometh to pass, in the fifth year of king Rehoboam, come up hath Shishak king of Egypt against Jerusalem — because they trespassed against Jehovah —
Read in context
- 1परन्तु जब रहूबियाम का राज्य दृढ़ हो गया, और वह आप स्थिर हो गया, तब उस ने और उसके साथ सारे इस्राएल ने यहोवा की रयवस्था को त्याग दिया।
- 2उन्हों ने जो यहोवा से विश्वासघात किया, उस कारण राजा रहूबियाम के पांचपें वर्ष में मिस्र के राजा शीशक ने,
- 3बारह सौ रथ और साठ हजार सवार लिये हुए यरूशलेम पर चढ़ाई की, और जो लोग उसके संग मिस्र से आए, अर्थात् लूबी, सुक्किरयी, कूशी, ये अनगिनत थे।
- 4और उस ने यहूदा के गढ़वाले नगरों को ले लिया, और यरूशलेम तक आया।
Cross references
- 1 Kings 11:40 1 राजा 11:40और सुलैमान ने यारोबाम को मार डालना चाहा, परन्तु यारोबाम मिस्र के राजा शीशक के पास भाग गया, और सुलैमान के मरने नक वहीं रहा।
- 2 Chronicles 7:19–20 2 इतिहास 7:19–20परन्तु यदि तुम लोग फिरो, और मेरी विधियों और आज्ञाओं को जो मैं ने तुम को दी हैं त्यागो, और जाकर पराये देवताओं की उपासना करो और उन्हें दणडवत करो, तो मैं उनको अपने देश में से जो मैं ने उनको दिया है, जड़ से उखाडूंगा; और इस भवन को जो मैं ने अपने नाम के लिये पवित्रा किया है, अपनी दृष्टि से दूर करूंगा; और ऐसा करूंगा कि देश देश के लोगों के बीच उसकी उपमा और नामधराई चलेगी।
- 1 Chronicles 28:9 1 इतिहास 28:9और हे मेरे पुत्रा सुलैमान! तू अपने पिता के परमेश्वर का ज्ञान रख, और खरे मन और प्रसन्न जीव से उसकी सेवा करता रह; क्योंकि यहोवा मन को जांचता और विचार में जो कुछ उत्पन्न होता है उसे समझता है। यदि तू उसकी खोज में रहे, तो वह तुझ को मिलेगा; परन्तु यदि तू उसको त्याग दे तो वह सदा के लिये तुझ को छोड़ देगा।
- Lamentations 5:15 विलापगीत 5:15हमारे मन का हर्ष जाता रहा, हमारा नाचना विलाप में बदल गया है।
- Jeremiah 44:22–23 यिर्मयाह 44:22–23क्या उस ने उसको स्मरण न किया? सो जब यहोवा तुम्हारे बुरे और सब घृणित कामों को और अधिक न सह सका, तब तुम्हारा देश उजड़कर निर्जन और सुनसान हो गया, यहां तक कि लोग उसकी उपमा देकर शाप दिया करते हैं, जैसे कि आज होता है। क्योंकि तुम धूप जलाकर यहोवा के विरूद्व पाप करते और उसकी नहीं सुनते थे, और उसकी व्यवस्था और विधियों और चितौनियों के अनुसार नहीं चले, इस कारण यह विपत्ति तुम पर आ पड़ी है, जैसे कि आज है।
- Judges 2:13–15 न्यायियों 2:13–15वे यहोवा को त्याग कर के बाल देवताओं और अशतोरेत देवियों की उपासना करने लगे। इसलिये यहोवा का कोप इस्राएलियों पर भड़क उठा, और उस ने उनको लुटेरों के हाथ में कर दिया जो उन्हें लूटने लगे; और उस ने उनको चारों ओर के शत्रुओं के आधीन कर दिया; और वे फिर अपने शत्रुओं के साम्हने ठहर न सके। जहां कहीं वे बाहर जाते वहां यहोवा का हाथ उनकी बुराई में लगा रहता था, जैसे यहोवा ने उन से कहा था, वरन यहोवा ने शपथ खाई थी; इस प्रकार से बड़े संकट में पड़ गए।
- Isaiah 63:10 यशायाह 63:10तौभी उन्हों ने बलवा किया और उसके पवित्रा आत्मा को खेदित किया; इस कारण वह पलटकर उनका शत्रु हो गया, और स्वयं उन से लड़ने लगा।
- Psalm 106:43–44 भजन संहिता 106:43–44बारम्बार उस ने उन्हें छुड़ाया, परन्तु वे उसके विरूद्ध युक्ति करते गए, और अपने अधर्म के कारण दबते गए। तौभी जब जब उनका चिल्लाना उसके कान में पड़ा, तब तब उस ने उनके संकट पर दृष्टि की!
- Jeremiah 2:19 यिर्मयाह 2:19तेरी बुराई ही तेरी ताड़ना करेगी, और तेरा भटक जाना तुझे उलाहना देगा। जान ले और देख कि अपने परमेश्वर यहोवा को त्यागना, यह बुरी और कड़वी बात है; तुझे मेरा भय ही नहीं रहा, प्रभु सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है।
- 2 Chronicles 36:14–19 2 इतिहास 36:14–19वरन सब प्रधान याजकों ने और लोगों ने भी अन्य जातियों के से घिनौने काम करके बहुत बड़ा विश्वासघात किया, और यहोवा के भवन को जो उस ने यरूशलेम में पवित्रा किया था, अशुठ्ठ कर डाला। और उनके पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा ने बड़ा यत्न करके अपने दूतों से उनके पास कहला भेजा, क्योंकि वह अपनी प्रजा और अपने धाम पर तरस खाता था; परन्तु वे परमेश्वर के दूतों को ठट्ठों में उड़ाते, उसके वचनों को तुच्छ जानते, और उसके नबियों की हंसी करते थे। निदान यहोवा अपनी प्रजा पर ऐसा झुंझला उठा, कि बचने का कोई उपाय न रहा। तब उस ने उन पर कसदियों के राजा से चढ़ाई करवाई, और इस ने उनके जवानों को उनके पवित्रा भवन ही में तलवार से मार डाला। और क्या जवान, क्या कुंवारी, क्या बूढ़े, क्या पक्के बालवाले, किसी पर भी कोमलता न की; यहोवा ने सभों को उसके हाथ में कर दिया। और क्या छोटे, क्या बड़े, परमेश्वर के भवन के सब पात्रा और यहोवा के भवन, और राजा, और उसके हाकिमों के खजाने, इन सभों को वह बाबेल में ले गया। और कसदियो ने परमेश्वर का भवन फूंक दिया, और यरूशलेम की शहरपनाह को तोड़ ड़ाला, और आग लगा कर उसके सब भवनों को जलाया, और उस में का सारा बहुमूल्य सामान नष्ट कर दिया।
- 1 Kings 14:24–26 1 राजा 14:24–26और उनके देश में पुरुषगामी भी थे; निदान वे उन जातियों के से सब घिनौने काम करते थे जिन्हें यहोवा ने इस्राएलियों के साम्हने से निकाल दिया था। राजा रहूबियाम के पांचवें वर्ष में मिस्र का राजा शीशक, यरूशलेम पर चढ़ाई करके, यहोवा के भवन की अनमोल वस्तुएं और राजभवन की अनमोल वस्तुएं, सब की सब उठा ले गया; और सोने की जो ढालें सुलैमान ने बनाईं थीं सब को वह ले गया।
- Nehemiah 9:26–27 नहेमायाह 9:26–27परन्तु वे तुझ से फिरकर बलवा करनेवाले बन गए और तेरी व्यवस्था को त्याग दिया, और तेरे जो नबी तेरी ओर उन्हें फेरने के लिये उनको चिताते रहे उनको उन्हों ने घात किया, और तेरा बहुत तिरस्कार किया। इस कारण तू ने उनको उनके शत्रुओं के हाथ में कर दिया, और उन्हों ने उनको संकट में डाल दिया; तौभी जब जब वे संकट में पड़कर तेरी दोहाई देते रहे तब तब तू स्वर्ग से उनकी सुनता रहा; और तू जो अतिदयालु है, इसलिये उनके छुड़ानेवाले को भेजता रहा जो उनको शत्रुओं के हाथ से छुड़ाते थे।
Original words (Hebrew)
- fifth · H2549חֲמִישִׁי chămîyshîy
- year · H8141שָׁנֶה shâneh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Rehoboam · H7346רְחַבְעָם Rᵉchabʻâm
- Shishak · H7895שִׁישַׁק Shîyshaq
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- transgressed · H4603מָעַל mâʻal