Lamentations · chapter 3 · verse 37
Lamentations 3:37 in Hindi
यदि यहोवा ने आज्ञा न दी हो, तब कौन है कि वचन कहे और वह पूरा हो जाए?
Yadi yahovaa ne aajnyaa na dee ho, tab kaun hai ki vachan kahe aur vah pooraa ho jaae?
Lamentations 3:37 in English
- King James Version (KJV)
- Who [is] he [that] saith, and it cometh to pass, [when] the Lord commandeth [it] not?
- World English Bible (WEB)
- Who is he who says, and it comes to pass, when the Lord doesn’t command it?
- American Standard Version (ASV)
- Who is he that saith, and it cometh to pass, when the Lord commandeth it not?
- Bible in Basic English (BBE)
- Who is able to say a thing, and give effect to it, if it has not been ordered by the Lord?
- Darby Translation (DBY)
- Who is he that saith, and there cometh to pass, what the Lord hath not commanded?
- Webster's Bible (WBS)
- Who [is] he [that] saith, and it cometh to pass, [when] the LORD commandeth [it] not?
- Young's Literal Translation (YLT)
- Who [is] this — he hath said, and it is, [And] the Lord hath not commanded [it]?
Read in context
- 35किसी पुरूष का हक़ परमप्रधान के साम्हने मारना,
- 36और किसी मनुष्य का मुक़ मा बिगाड़ना, इन तीन कामों को यहोवा देख नहीं सकता।
- 37यदि यहोवा ने आज्ञा न दी हो, तब कौन है कि वचन कहे और वह पूरा हो जाए?
- 38विपत्ति और कल्याण, क्या दोनों परमप्रधान की आज्ञा से नहीं होते?
- 39सो जीवित मनुष्य क्यों कुड़कुड़ाए? और पुरूष अपने पाप के दण्ड को क्यों बुरा माने?
Cross references
- Psalm 33:9–11 भजन संहिता 33:9–11क्योंकि जब उस ने कहा, तब हो गया; जब उस ने आज्ञा दी, तब वास्तव में वैसा ही हो गया।। यहोवा अन्यअन्यजाथियो की युक्ति को व्यर्थ कर देता है; वह देश देश के लोगों की कल्पनाओं को निष्फल करता है। यहोवा की युक्ति सर्वदा स्थिर रहेगी, उसके मन की कल्पनाएं पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहेंगी।
- Isaiah 46:10 यशायाह 46:10मै तो अन्त की बात आदि से और प्राचीनकाल से उस बात को बताता आया हूं जो अब तक नहीं हुई। मैं कहता हूं, मेरी युक्ति स्थिर रहेगी और मैं अपनी इच्छा को पूरी करूंगा।
- Proverbs 16:9 नीतिवचन 16:9मनुष्य मन में अपने मार्ग पर विचार करता है, परन्तु यहोवा ही उसके पैरों को स्थिर करता है।
- Proverbs 19:21 नीतिवचन 19:21मनुष्य के मन में बहुत सी कल्पनाएं होती हैं, परन्तु जो युक्ति यहोवा करता है, वही स्थिर रहती है।
- Proverbs 21:30 नीतिवचन 21:30यहोवा के विरूद्ध न तो कुछ बुद्धि, और न कुछ समझ, न कोई युक्ति चलती है।
- Daniel 4:35 दानिय्येल 4:35पृथ्वी के सब रहनेवाले उसके साम्हने तुच्छ गिने जाते हैं, और वह स्वर्ग की सेना और पृथ्वी के रहनेवालों के बीच अपनी इच्छा के अनुसार काम करता है; और कोई उसको रोककर उस से नहीं कह सकता है, तू ने यह क्या किया है?
- Ephesians 1:11 इफिसियों 1:11उसी में जिस में हम भी उसी की मनसा से जो अपनी इच्छा के मत के अनुसार सब कुछ करता है, पहिले से ठहराए जाकर मीरास बने।
- James 4:13–15 याकूब 4:13–15तुम जो यह कहते हो, कि आज या कल हम किसी और नगर में जाकर वहां एक वर्ष बिताएंगे, और व्यापार करके लाभ उठाएंगे। और यह नहीं जानते कि कल क्या होगा: सुन तो लो, तुम्हारा जीवन है ही क्या? तुम तो मानो भाप समान हो, जो थोड़ी देर दिखाई देती है, फिर लोप हो जाती है। इस के विपरीत तुम्हें यह कहना चाहिए, कि यदि प्रभु चाहे तो हम जीवित रहेंगे, और यह या वह काम भी करेंगे।
- Romans 9:15 रोमियों 9:15क्योंकि वह मूसा से कहता है, मैं जिस किसी पर दया करना चाहूं, उस पर दया करूंगा, और जिस किसी पर कृपा करना चाहूं उसी पर कृपा करूंगा।