1 Kings · chapter 6 · verse 22
1 Kings 6:22 in Hindi
और उस ने पूरे भवन को सोने से मढ़वाकर उसका पूरा काम निपटा दिया। और दर्शन- स्थान की पूरी वेदी को भी उस ने सोने से मढ़वाया।
Aur us ne poore bhavan ko sone se madhavaakar usakaa pooraa kaam nipataa diyaa. Aur darshana- sthaan kee pooree vedee ko bhee us ne sone se madhavaayaa.
1 Kings 6:22 in English
- King James Version (KJV)
- And the whole house he overlaid with gold, until he had finished all the house: also the whole altar that [was] by the oracle he overlaid with gold.
- World English Bible (WEB)
- He overlaid the whole house with gold, until all the house was finished. He also overlaid the whole altar that belonged to the inner sanctuary with gold.
- American Standard Version (ASV)
- And the whole house he overlaid with gold, until all the house was finished: also the whole altar that belonged to the oracle he overlaid with gold.
- Bible in Basic English (BBE)
- Plates of gold were put all through the house till it was covered completely (and the altar in the inmost room was all covered with gold).
- Darby Translation (DBY)
- And the whole house he overlaid with gold, the whole house entirely; also the whole altar that was by the oracle he overlaid with gold.
- Webster's Bible (WBS)
- And the whole house he overlaid with gold, until he had finished all the house: also the whole altar that [was] by the oracle he overlaid with gold.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the whole of the house he hath overlaid with gold, till the completion of all the house; and the whole of the altar that the oracle hath, he hath overlaid with gold.
Read in context
- 20और उस दर्शन- स्थान की लम्बाई चौड़ाई और ऊंचाई बीस बीस हाथ की थी; और उस ने उस पर चोखा सोना मढ़वाया और वेदी की तख्ताबंदी देवदारू से की।
- 21फिर सुलैमान ने भवन को भीतर भीतर चोखे सोने से मढ़वाया, और दर्शन- स्थान के साम्हने सोने की सांकलें लगाई; और उसको भी सोने से मढ़वाया।
- 22और उस ने पूरे भवन को सोने से मढ़वाकर उसका पूरा काम निपटा दिया। और दर्शन- स्थान की पूरी वेदी को भी उस ने सोने से मढ़वाया।
- 23दर्शन- स्थान में उस ने दस दस हाथ ऊंचे जलपाई की लकड़ी के दो करूब बना रखे।
- 24एक करूब का एक पंख पांच हाथ का था, और उसका दूसरा पंख भी पांच हाथ का था, एक पंख के सिरे से, दूसरे पंख के सिरे तक दस हाथ थे।
Cross references
- Exodus 30:1 निर्गमन 30:1फिर धूप जलाने के लिये बबूल की लकड़ी की वेदी बनाना।
- Exodus 30:3 निर्गमन 30:3और वेदी के ऊपर वाले पल्ले और चारों ओर की अलंगों और सींगों को चोखे सोने से मढ़ना, और इसकी चारों ओर सोने की एक बाड़ बनाना।
- 1 Kings 6:20 1 राजा 6:20और उस दर्शन- स्थान की लम्बाई चौड़ाई और ऊंचाई बीस बीस हाथ की थी; और उस ने उस पर चोखा सोना मढ़वाया और वेदी की तख्ताबंदी देवदारू से की।
- 2 Chronicles 3:7–14 2 इतिहास 3:7–14और उस ने भवन को, अर्थात् उसकी कड़ियों, डेवढ़ियों, भीतों और किवाडों को सोने से मढ़वाया, और भीतों पर करूब खुदवाए। फिर उस ने भवन के परमपवित्रा स्थान को बनाया; उसकी लम्बाई तो भवन की चौड़ाई के बराबर बीस हाथ की थी, और उसकी चौड़ाई बीस हाथ की थी; और उस ने उसे छे सौ किक्कार चोखे सोने से मढ़वाया। और सोने की कीलों का तौल पचास शेकेल था। और उस ने अटारियों को भी सोने से मढ़वाया। फिर भवन के परमपवित्रा स्थान में उसने नक्काशी के काम के दो करूब बनवाए और वे सोने से मढ़वाए गए। करूबों के पंख तो सब मिलकर बीस हाथ लम्बे थे, अर्थात् एक करूब का एक पंख पांच हाथ का और भवन की भीत तक पहुंचा हुआ था; और उसका दूसरा पंख पांच हाथ का था और दूसरे करूब के पंख से मिला हुआ था। और दूसरे करूब का भी एक पंख पांच हाथ का और भवन की दूसरी भीत तक पहुंचा था, और दूसरा पंख पांच हाथ का और पहिले करूब के पंख से सटा हुआ था। इन करूबों के पंख बीस हाथ फैले हुए थे; और वे अपने अपने पांवों के बल खड़े थे, और अपना अपना मुख भीतर की ओर किए हुए थे। फिर उस ने बीचवाले पर्दे को नीले, बैंजनी और लाल रंग के सन के कपड़े का बनवाया, और उस पर करूब कढ़वाए।
- Exodus 30:5–6 निर्गमन 30:5–6और डण्डों को बबूल की लकड़ी के बनाकर उन को सोने से मढ़ना। और तू उसको उस पर्दे के आगे रखना जो साक्षीपत्र के सन्दूक के साम्हने है, अर्थात प्रायश्चित्त वाले ढकने के आगे जो साक्षीपत्र के ऊपर है, वहीं मैं तुझ से मिला करूंगा।