1 Kings · chapter 6 · verse 36
1 Kings 6:36 in Hindi
और उस ने भीतरवाले आंगन के घेरे को गढ़े हुए पत्थरों के तीन र:, और एक परत देवदारू की कड़ियां लगा कर बनाया।
Aur us ne bheetaravaale aangan ke ghere ko gadhe hue pattharom ke teen ra:, aur ek parat devadaaroo kee kadiyaam lagaa kar banaayaa.
1 Kings 6:36 in English
- King James Version (KJV)
- And he built the inner court with three rows of hewed stone, and a row of cedar beams.
- World English Bible (WEB)
- He built the inner court with three courses of cut stone and a course of cedar beams.
- American Standard Version (ASV)
- And he built the inner court with three courses of hewn stone, and a course of cedar beams.
- Bible in Basic English (BBE)
- And the inner space was walled with three lines of squared stones and a line of cedar-wood boards.
- Darby Translation (DBY)
- And he built the inner court of three rows of hewn stone, and a row of cedar-beams.
- Webster's Bible (WBS)
- And he built the inner court with three rows of hewn stone, and a row of cedar beams.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he buildeth the inner court, three rows of hewn work, and a row of beams of cedar.
Read in context
- 34दोनों किवाड़ सनोवर की लकड़ी के थे, जिन में से एक किवाड़ के दो पल्ले थे; और दूसरे किवाड़ के दो पल्ले थे जो पलटकर दुहर जाते थे।
- 35और उन पर भी उस ने करूब और खजूर के वृक्ष और खिले हुए फूल खुदवाए और खुदे हुए काम पर उस ने सोना मढ़वाया।
- 36और उस ने भीतरवाले आंगन के घेरे को गढ़े हुए पत्थरों के तीन र:, और एक परत देवदारू की कड़ियां लगा कर बनाया।
- 37चौथे वर्ष के जीव नाम महीने में यहोवा के भवन की नेव डाली गई।
- 38और ग्यारहवें वर्ष के बूल नाम आठवें महीने में, वह भवन उस सब समेत जो उस में उचित समझा गया बन चुका: इस रीति सुलैमान को उसके बनाने में सात वर्ष लगे।
Cross references
- 1 Kings 7:12 1 राजा 7:12और बड़े आंगन के चारों ओर के घेरे में गढ़े हुए पत्थ्रों के तीन र:, और देवदारू की कड़ियों का एक परत था, जैसे कि यहोवा के भवन के भीतरवाले आंगन और भवन के ओसारे में लगे थे।
- Exodus 38:9–20 निर्गमन 38:9–20फिर उस ने आंगन बनाया; और दक्खिन अलंग के लिये आंगन के पर्दे बटी हुई सूक्ष्म सनी के कपड़े के थे, और सब मिलाकर सौ हाथ लम्बे थे; उनके लिये बीस खम्भे, और इनकी पीतल की बीस कुर्सियां बनी; और खम्भों की घुंडियां और जोड़ने की छड़ें चांदी की बनीं। और उत्तर अलग के लिये बीस खम्भे, और इनकी पीतल की बीस ही कुर्सियां बनीं, और खम्भों की घुंडियां और जोड़ने की छड़ें चांदी की बनी। और पश्चिम अलंग के लिये सब पर्दे मिलाकर पचास हाथ के थे; उनके लिये दस खम्भे, और दस ही उनकी कुर्सियां थीं, और खम्भों की घंुडियां और जोड़ने की छड़ें चांदी की थीं। और पूरब अलंग में भी वह पचास हाथ के थे। आंगन के द्वार के एक ओर के लिये पंद्रह हाथ के पर्दे बने; और उनके लिये तीन खम्भे और तीन कुर्सियां थी। और आंगन के द्वार की दूसरी ओर भी वैसा ही बना था; और आंगन के दरवाज़े के इधर और उधर पंद्रह पंद्रह हाथ के पर्दे बने थे; और उनके लिये तीन हीे खम्भे, और तीन ही तीन इनकी कुर्सियां भी थीं। आंगन की चारों ओर सब पर्दे सूक्ष्म बटी हुई सनी के कपड़े के बने हुए थे। और खम्भों की कुर्सियां पीतल की, और घुंडियां और छड़े चांदी की बनी, और उनके सिरे चांदी से मढ़े गए, और आंगन के सब खम्भे चांदी के छड़ों से जोड़े गए थे। आंगन के द्वार के पर्दे पर बेल बूटे का काम किया हुआ था, और वह नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपड़े का; और सूक्ष्म बटी हुई सनी के कपड़े के बने थे; और उसकी लम्बाई बीस हाथ की थी, और उसकी ऊंचाई आंगन की कनात की चौड़ाई के सामान पांच हाथ की बनी। और उनके लिये चार खम्भे, और खम्भों की चार ही कुर्सियां पीतल की बनीं, उनकी घुंडियां चांदी की बनीं, और उनके सिरे चांदी से मढ़े गए, और उनकी छड़ें चांदी की बनीं। और निवास और आंगन की चारों ओर के सब खूंटे पीतल के बने थे।।
- Exodus 27:9–19 निर्गमन 27:9–19फिर निवास के आंगन को बनवाना। उसकी दक्खिन अलंग के लिये तो बटी हुई सूक्ष्म सनी के कपड़े के सब पर्दों को मिलाए कि उसकी लम्बाई सौ हाथ की हो; एक अलंग पर तो इतना ही हो। और उनके बीस खम्भे बनें, और इनके लिये पीतल की बीस कुर्सियां बनें, और खम्भों के कुन्डे और उनकी पटि्टयां चांदी की हों। और उसी भांति आंगन की उत्तर अलंग की लम्बाई में भी सौ हाथ लम्बे पर्दे हों, और उनके भी बीस खम्भे और इनके लिये भी पीतल के बीस खाने हों; और उन खम्भों के कुन्डे और पटि्टयां चांदी की हों। फिर आंगन की चौड़ाई में पच्छिम की ओर पचास हाथ के पर्दे हों, उनके खम्भे दस और खाने भी दस हों। और पूरब अलंग पर आंगन की चौड़ाई पचास हाथ की हो। और आंगन के द्वार की एक ओर पन्द्रह हाथ के पर्दे हों, और उनके खम्भे तीन और खाने तीन हों। और दूसरी ओर भी पन्द्रह हाथ के पर्दे हों, उनके भी खम्भे तीन और खाने तीन हों। और आंगन के द्वार के लिये एक पर्दा बनवाना, जो नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपड़े और बटी हुई सूक्ष्म सनी के कपड़े का कामदार बना हुआ बीस हाथ का हो, उसके खम्भे चार और खाने भी चार हों। आंगन की चारों ओर के सब खम्भे चांदी की पटि्टयों से जुड़े हुए हों, उनके कुन्डे चांदी के और खाने पीतल के हों। आंगन की लम्बाई सौ हाथ की, और उसकी चौड़ाई बराबर पचास हाथ की और उसकी कनात की ऊंचाई पांच हाथ की हो, उसकी कनात बटी हुई सुक्ष्म सनी के कपड़े की बने, और खम्भों के खाने पीतल के हों। निवास के भांति भांति के बर्तन और सब सामान और उसके सब खूंटें और आंगन के भी सब खूंटे पीतल ही के हों।।
- 2 Chronicles 4:9 2 इतिहास 4:9फिर उस ने याजकों के आंगन और बड़े आंगन को बनवाया, और इस आंगन में फाटक बनवाकर उनके किवाड़ों पर पीतल मढ़वाया।
- Revelation 11:2 प्रकाशितवाक्य 11:2और मन्दिर के बारह का आंगन छोड़ दे; उस मत नाप, क्योंकि वह अन्यजातियों को दिया गया है, और वे पवित्रा नगर को बयालीस महीने तक रौंदेंगी।
- 2 Chronicles 7:7 2 इतिहास 7:7फिर सुलैमान ने यहोवा के भवन के साम्हने आंगन के बीच एक स्थान ववित्रा करके होमबलि और मेलबलियों की चब वहीं चढ़ाई, क्योंकि सुलैमान की बनाई इई पीतल की बेदी होमबलि और अन्नबलि और चब के लिये छोटी थी।