Exodus · chapter 38 · verse 9
Exodus 38:9 in Hindi
फिर उस ने आंगन बनाया; और दक्खिन अलंग के लिये आंगन के पर्दे बटी हुई सूक्ष्म सनी के कपड़े के थे, और सब मिलाकर सौ हाथ लम्बे थे;
Phir us ne aangan banaayaa; aur dakkhin alang ke liye aangan ke parde batee huee sookshm sanee ke kapade ke the, aur sab milaakar sau haath lambe the;
Exodus 38:9 in English
- King James Version (KJV)
- And he made the court: on the south side southward the hangings of the court [were of] fine twined linen, an hundred cubits:
- World English Bible (WEB)
- He made the court: for the south side southward the hangings of the court were of fine twined linen, one hundred cubits;
- American Standard Version (ASV)
- And he made the court: for the south side southward the hangings of the court were of fine twined linen, a hundred cubits;
- Bible in Basic English (BBE)
- To make the open space, he put hangings on the south side, of the best linen, a hundred cubits long:
- Darby Translation (DBY)
- And he made the court. On the south side southward, the hangings of the court were of twined byssus, a hundred cubits;
- Webster's Bible (WBS)
- And he made the court: on the south side southward the hangings of the court [were of] fine twined linen, a hundred cubits:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he maketh the court; at the south side southward, the hangings of the court of twined linen, a hundred by the cubit,
Read in context
- 7तब उस ने डण्डों को वेदी की अलंगों के कड़ों में वेदी के उठाने के लिये डाल दिया। वेदी को उस ने तख्तों से खोखली बनाया।।
- 8और उसे ने हौदी और उसका पाया दोनों पीतल के बनाए, यह मिलापवाले तम्बू के द्वार पर सेवा करनेवाली महिलाओं के दर्पणों के लिये पीतल के बनाए गए।।
- 9फिर उस ने आंगन बनाया; और दक्खिन अलंग के लिये आंगन के पर्दे बटी हुई सूक्ष्म सनी के कपड़े के थे, और सब मिलाकर सौ हाथ लम्बे थे;
- 10उनके लिये बीस खम्भे, और इनकी पीतल की बीस कुर्सियां बनी; और खम्भों की घुंडियां और जोड़ने की छड़ें चांदी की बनीं।
- 11और उत्तर अलग के लिये बीस खम्भे, और इनकी पीतल की बीस ही कुर्सियां बनीं, और खम्भों की घुंडियां और जोड़ने की छड़ें चांदी की बनी।
Cross references
- Exodus 27:9–19 निर्गमन 27:9–19फिर निवास के आंगन को बनवाना। उसकी दक्खिन अलंग के लिये तो बटी हुई सूक्ष्म सनी के कपड़े के सब पर्दों को मिलाए कि उसकी लम्बाई सौ हाथ की हो; एक अलंग पर तो इतना ही हो। और उनके बीस खम्भे बनें, और इनके लिये पीतल की बीस कुर्सियां बनें, और खम्भों के कुन्डे और उनकी पटि्टयां चांदी की हों। और उसी भांति आंगन की उत्तर अलंग की लम्बाई में भी सौ हाथ लम्बे पर्दे हों, और उनके भी बीस खम्भे और इनके लिये भी पीतल के बीस खाने हों; और उन खम्भों के कुन्डे और पटि्टयां चांदी की हों। फिर आंगन की चौड़ाई में पच्छिम की ओर पचास हाथ के पर्दे हों, उनके खम्भे दस और खाने भी दस हों। और पूरब अलंग पर आंगन की चौड़ाई पचास हाथ की हो। और आंगन के द्वार की एक ओर पन्द्रह हाथ के पर्दे हों, और उनके खम्भे तीन और खाने तीन हों। और दूसरी ओर भी पन्द्रह हाथ के पर्दे हों, उनके भी खम्भे तीन और खाने तीन हों। और आंगन के द्वार के लिये एक पर्दा बनवाना, जो नीले, बैंजनी और लाल रंग के कपड़े और बटी हुई सूक्ष्म सनी के कपड़े का कामदार बना हुआ बीस हाथ का हो, उसके खम्भे चार और खाने भी चार हों। आंगन की चारों ओर के सब खम्भे चांदी की पटि्टयों से जुड़े हुए हों, उनके कुन्डे चांदी के और खाने पीतल के हों। आंगन की लम्बाई सौ हाथ की, और उसकी चौड़ाई बराबर पचास हाथ की और उसकी कनात की ऊंचाई पांच हाथ की हो, उसकी कनात बटी हुई सुक्ष्म सनी के कपड़े की बने, और खम्भों के खाने पीतल के हों। निवास के भांति भांति के बर्तन और सब सामान और उसके सब खूंटें और आंगन के भी सब खूंटे पीतल ही के हों।।
- Psalm 89:7 भजन संहिता 89:7ईश्वर पवित्रों की गोष्ठी में अत्यन्त प्रतिष्ठा के योग्य, और अपने चारों ओर सब रहनेवालों से अधिक भययोग्य है।
- Exodus 40:8 निर्गमन 40:8और चारों ओर के आंगन की कनात को खड़ा करना, और उस आंगन के द्वार पर पर्दे को लटका देना।
- Exodus 40:33 निर्गमन 40:33और उस ने निवास की चारों ओर और वेदी के आसपास आंगन की कनात को खड़ा करवाया, और आंगन के द्वार के पर्दे को लटका दिया। इस प्रकार मूसा ने सब काम को पूरा कर समाप्त किया।।
- Psalm 84:2 भजन संहिता 84:2मेरा प्राण यहोवा के आंगनों की अभिलाषा करते करते मूर्र्छित हो चला; मेरा तन मन दोंनो जीवते ईश्वर को पुकार रहे।।
- Psalm 84:10 भजन संहिता 84:10क्योंकि तेरे आंगनों में का एक दिन और कहीं के हजार दिन से उत्तम है। दुष्टों के डेरों में वास करने से अपने परमेश्वर के भवन की डेवढ़ी पर खड़ा रहना ही मुझे अधिक भावता है।
- 1 Kings 6:36 1 राजा 6:36और उस ने भीतरवाले आंगन के घेरे को गढ़े हुए पत्थरों के तीन र:, और एक परत देवदारू की कड़ियां लगा कर बनाया।
- Psalm 100:4 भजन संहिता 100:4उसके फाटकों से धन्यवाद, और उसके आंगनों में स्तुति करते हुए प्रवेश करो, उसका धन्यवाद करो, और उसके नाम को धन्य कहो!
- Psalm 92:13 भजन संहिता 92:13वे यहोवा के भवन में रोपे जाकर, हमारे परमेश्वर के आंगनों में फूले फलेंगे।