Psalms · chapter 42 · verse 9
Psalm 42:9 in Hindi
मैं ईश्वर से जो मेरी चट्टान है कहूंगा, तू मुझे क्यों भूल गया? मैं शत्रु के अन्धेर के मारे क्यों शोक का पहिरावा पहिने हुए चलता फिरता हूं?
Maim eeshvar se jo meree chattaan hai kahoongaa, too mujhe kyom bhool gayaa? Maim shatru ke andher ke maare kyom shok kaa pahiraavaa pahine hue chalataa phirataa hoom?
Psalm 42:9 in English
- King James Version (KJV)
- I will say unto God my rock, Why hast thou forgotten me? why go I mourning because of the oppression of the enemy?
- World English Bible (WEB)
- I will ask God, my rock, “Why have you forgotten me? Why do I go mourning because of the oppression of the enemy?”
- American Standard Version (ASV)
- I will say unto God my rock, Why hast thou forgotten me? Why go I mourning because of the oppression of the enemy?
- Bible in Basic English (BBE)
- I will say to God my Rock, Why have you let me go from your memory? why do I go in sorrow because of the attacks of my haters?
- Darby Translation (DBY)
- I will say unto God my rock, Why hast thou forgotten me? why go I mourning because of the oppression of the enemy?
- Webster's Bible (WBS)
- I will say to God my rock, Why hast thou forgotten me? why go I mourning because of the oppression of the enemy?
- Young's Literal Translation (YLT)
- I say to God my rock, 'Why hast Thou forgotten me? Why go I mourning in the oppression of an enemy?
Read in context
- 7तेरी जलधाराओं का शब्द सुनकर जल, जल को पुकारता है; तेरी सारी तरंगों और लहरों में मैं डूब गया हूं।
- 8तौभी दिन को यहोवा अपनी शक्ति और करूणा प्रगट करेगा; और रात को भी मैं उसका गीत गाऊंगा, और अपने जीवनदाता ईश्वर से प्रार्थना करूंगा।।
- 9मैं ईश्वर से जो मेरी चट्टान है कहूंगा, तू मुझे क्यों भूल गया? मैं शत्रु के अन्धेर के मारे क्यों शोक का पहिरावा पहिने हुए चलता फिरता हूं?
- 10मेरे सतानेवाले जो मेरी निन्दा करते हैं मानो उस में मेरी हडि्डयां चूर चूर होती हैं, मानो कटार से छिदी जाती हैं, क्योंकि वे दिन भर मुझ से कहते रहते हैं, तेरा परमेश्वर कहां है?
- 11हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर भरोसा रख; क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है, मैं फिर उसका धन्यवाद करूंगा।।
Cross references
- Psalm 38:6 भजन संहिता 38:6मैं बहुत दुखी हूं और झूक गया हूं; दिन भर मैं शौक का पहिरावा पहिने हुए चलता फिरता हूं।
- Psalm 43:2 भजन संहिता 43:2क्योंकि हे परमेश्वर, तू ही मेरी शरण है, तू ने क्यों मुझे त्याग दिया है? मैं शत्रु के अन्धेर के मारे शोक का पहिरावा पहिने हुए क्यों फिरता रहूं?
- Psalm 18:2 भजन संहिता 18:2यहोवा मेरी चट्टान, और मेरा गढ़ और मेरा छुड़ानेवाला है; मेरा ईश्वर, मेरी चट्टान है, जिसका मैं शरणागत हूं, वह मेरी ढ़ाल और मेरी मुक्ति का गढ़ है।
- Psalm 44:23–24 भजन संहिता 44:23–24हे प्रभु, जाग! तू क्यों सोता है? उठ! हम को सदा के लिये त्याग न दे! तू क्यों अपना मुंह छिपा लेता है? और हमारा दु:ख और सताया जाना भूल जाता है?
- Psalm 62:2 भजन संहिता 62:2सचमुच वही, मेरी चट्टान और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; मैं बहुत न डिगूंगा।।
- Psalm 28:1 भजन संहिता 28:1हे यहोवा, मैं तुझी को पुकारूंगा; हे मेरी चट्टान, मेरी सुनी अनसुनी न कर, ऐसा न हो कि तेरे चुप रहने से मैं कब्र में पड़े हुओं के समान हो जाऊं जो पाताल में चले जाते हैं।
- Lamentations 5:1–16 विलापगीत 5:1–16हे यहोवा, स्मरण कर कि हम पर क्या क्या बीता है; हमारी ओर दृष्टि करके हमारी नामधराई को देख! हमारा भाग परदेशियों का हो गया ओर हमारे घर परायों के हो गए हैं। हम अनाथ और पिताहीन हो गए; हमारी माताएं विधवा सी हो गई हैं। हम मोल लेकर पानी पीते हैं, हम को लकड़ी भी दाम से मिलती है। खदेड़नेवाले हमारी गर्दन पर टूट पडे हैं; हम थक गए हैं, हमें विश्राम नहीं मिलता। हम स्वयं मिस्र के अधीन हो गए, और अश्शूर के भी, ताकि पेेट भर सकें। हमारे पुरखाओं ने पाप किया, ओर मर मिटे हैं; परन्तु उनके अधर्म के कामों का भार हम को उठाना पड़ा है। हमारे ऊपर दास अधिकार रखते हैं; उनके हाथ से कोई हमें नहीं छुड़ाता। जंगल में की तलवार के कारण हम अपने प्राण जोखिम में डालकर भोजनवस्तु ले आते हैं। भूख की झुलसाने वाली आग के कारण, हमारा चमड़ा तंदूर की नाई काला हो गया है। सिरयोन में स्त्रियां, और यहूदा के नगरों में कुमारियां भ्रष्ट की गई हैं। हाकिम हाथ के बल टांगे गए हैं; और पुरनियों का कुछ भी आदर नहीं किया गया। जवानों को चक्की चलानी पड़ती है; और लड़केबाले लकड़ी का बोझ उठाते हुए लडखड़ाते हैं। अब फाटक पर पुरनिये नहीं बैठते, न जवानों का गीत सुनाई पड़ता है। हमारे मन का हर्ष जाता रहा, हमारा नाचना विलाप में बदल गया है। हमारे सिर पर का मुकुट गिर पड़ा हे; हम पर हाय, क्योंकि हम ने पाप किया है!
- Isaiah 40:27 यशायाह 40:27हे याकूब, तू क्यों कहता है, हे इस्राएल तू क्यों बोलता है, मेरा मार्ग यहोवा के छिपा हुआ है, मेरा परमेश्वर मेरे न्याय की कुछ चिन्ता नहीं करता?
- Psalm 13:1 भजन संहिता 13:1हे परमेश्वर तू कब तक? क्या सदैव मुझे भूला रहेगा? तू कब तक अपना मुखड़ा मुझ से छिपाए रहेगा?
- Psalm 62:6–7 भजन संहिता 62:6–7सचमुच वही मेरी चट्टान, और मेरा उद्धार है, वह मेरा गढ़ है; इसलिये मैं न डिगूंगा। मेरा उद्धार और मेरी महिमा का आधार परमेश्वर है; मेरी दृढ़ चट्टान, और मेरा शरणस्थान परमेश्वर है।
- Psalm 88:9 भजन संहिता 88:9दु:ख भोगते भोगते मेरी आंखे धुन्धला गई। हे यहोवा मैं लगातार तुझे पुकारता और अपने हाथ तेरी ओर फैलाता आया हूं।
- Psalm 22:1–2 भजन संहिता 22:1–2हे मेरे परमेश्वर, हे मेरे परमेश्वर, तू ने मुझे क्यों छोड़ दिया? तू मेरी पुकार से और मेरी सहायत करने से क्यों दूर रहता है? मेरा उद्धार कहां है? हे मेरे परमेश्वर, मैं दिन को पुकारता हूं परन्तु तू उत्तर नहीं देता; और रात को भी मैं चुप नहीं रहता।