1 Peter · chapter 3 · verse 15
1 Peter 3:15 in Hindi
पर मसीह को प्रभु जानकर अपने अपने मन में पवित्रा समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ।
Par maseeh ko prabhu jaanakar apane apane man mem pavitraa samajho, aur jo koee tum se tumhaaree aashaa ke vishay mem kuchh poochhe, to use uttar dene ke liye sarvadaa taiyaar raho, par namrataa aur bhay ke saath.
1 Peter 3:15 in English
- King James Version (KJV)
- But sanctify the Lord God in your hearts: and [be] ready always to [give] an answer to every man that asketh you a reason of the hope that is in you with meekness and fear:
- World English Bible (WEB)
- But sanctify the Lord God in your hearts. Always be ready to give an answer to everyone who asks you a reason concerning the hope that is in you, with humility and fear,
- American Standard Version (ASV)
- but sanctify in your hearts Christ as Lord: [being] ready always to give answer to every man that asketh you a reason concerning the hope that is in you, yet with meekness and fear:
- Bible in Basic English (BBE)
- But give honour to Christ in your hearts as your Lord; and be ready at any time when you are questioned about the hope which is in you, to give an answer in the fear of the Lord and without pride;
- Darby Translation (DBY)
- but sanctify [the] Lord the Christ in your hearts, and [be] always prepared to [give] an answer [to] every one that asks you to give an account of the hope that [is] in you, but with meekness and fear;
- Webster's Bible (WBS)
- But sanctify the Lord God in your hearts: and [be] ready always to [give] an answer to every man that asketh you a reason of the hope that is in you, with meekness and fear.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the Lord God sanctify in your hearts. And [be] ready always for defence to every one who is asking of you an account concerning the hope that [is] in you, with meekness and fear;
Read in context
- 13और यदि तुम भलाई करने में उत्तेजित रहो तो तुम्हारी बुराई करनेवाला फिर कौन है?
- 14और यदि तुम धर्म के कारण दुख भी उठाओ, तो धन्य हो; पर उन के डराने से मत डरो, और न घबराओ।
- 15पर मसीह को प्रभु जानकर अपने अपने मन में पवित्रा समझो, और जो कोई तुम से तुम्हारी आशा के विषय में कुछ पूछे, तो उसे उत्तर देने के लिये सर्वदा तैयार रहो, पर नम्रता और भय के साथ।
- 16और विवेक भी शुद्ध रखो, इसलिये कि जिन बातों के विषय में वे जो तुम्हारे मसीही अच्छे चालचलन का अपमान करते हैं लज्जित हों।
- 17क्योंकि यदि परमेश्वर की यही इच्छा हो, कि तुम भलाई करने के कारण दुख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुख उठाने से उत्तम है।
Cross references
- Colossians 4:6 कुलुस्सियों 4:6तुम्हारा वचन सदा अनुग्रह सहित और सलोना हो, कि तुम्हें हर मनुष्य को उचित रीति से उत्तर देना आ जाए।
- 2 Timothy 2:25–26 2 तीमुथियुस 2:25–26और विरोधियों को नम्रता से समझाए, क्या जाने परमेश्वर उन्हें मन फिराव का मन दे, कि वे भी सत्य को पहिचानें। और इस के द्वारा उस की इच्छा पूरी करने के लिये सचेत होकर शैतान के फंदे से छूट जाए।।
- Luke 21:14–15 लूका 21:14–15इसलिये अपने अपने मन में ठान रखो कि हम पहिले से उत्तर देने की चिन्ता न करेंगे। क्योंकि मैं तुम्हें ऐसा बोल और बुद्धि दूंगा, कि तुम्हारे सब विरोधी साम्हना या खण्डन न कर सकेंगे।
- 1 Peter 3:2 1 पतरस 3:2इसलिये कि यदि इन में से कोई ऐसे हो जो वचन को न मानते हों, तौभी तुम्हारे भय सहित पवित्रा चालचलन को देखकर बिना वचन के अपनी अपनी पत्नी के चालचलन के द्वारा खिंच जाएं।
- Matthew 10:18–20 मत्ती 10:18–20तुम मेरे लिये हाकिमों ओर राजाओं के साम्हने उन पर, और अन्यजातियों पर गवाह होने के लिये पहुंचाए जाओगे। जब वे तुम्हें पकड़वाएंगे तो यह चिन्ता न करता, कि हम किस रीति से; या क्या कहेंगे: क्योंकि जो कुछ तुम को कहना होगा, वह उसी घड़ी तुम्हें बता दिया जाएगा। क्योंकि बोलनेवाले तुम नहीं हो परन्तु तुम्हारे पिता का आत्मा तुम में बोलता है।
- Titus 1:2 तीतुस 1:2उस अनन्त जीवन की आशा पर, जिस की प्रतिज्ञा परमेश्वर ने जो झूठ बोल नहीं सकता सनातन से की है।
- Hebrews 6:1 इब्रानियों 6:1इसलिये आओ मसीह की शिक्षा की आरम्भ की बातों को छोड़कर, हम सिद्धता की ओर बढ़ते जाएं, और मरे हुए कामों से मन फिराने, और परमेश्वर पर विश्वास करने।
- Psalm 119:46 भजन संहिता 119:46और मैं तेरी चितौनियों की चर्चा राजाओं के साम्हने भी करूंगा, और संकोच न करूंगा;
- Colossians 1:27 कुलुस्सियों 1:27जिन पर परमेश्वर ने प्रगट करना चाहा, कि उन्हें ज्ञात हो कि अन्यजातियों में उस भेद की महिमा का मूल्य क्या है? और वह यह है, कि मसीह जो महिमा की आशा है तुम में रहता है।
- Colossians 1:23 कुलुस्सियों 1:23यदि तुम विश्वास की नेव पर दृढ़ बने रहो, और उस सुसमाचार की आशा को जिसे तुम ने सुना है न छोड़ो, जिस का प्रचार आकाश के नीचे की सारी सृष्टि में किया गया; और जिस का मैं पौलुस सेवक बना।।
- Hebrews 6:18–19 इब्रानियों 6:18–19ताकि दो बे- बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें। वह आशा हमारे प्राण के लिये ऐसा लंगर है जो स्थिर और दृढ़ है, और परदे के भीतर तक पहुंचता है।
- 1 Samuel 12:7 1 शमूएल 12:7इसलिये अब तुम खड़े रहो, और मैं यहोवा के साम्हने उसके सब धर्म के कामों के विषय में, जिन्हें उस ने तुम्हारे साथ और तुम्हारे पूर्वजों के साथ किया है, तुम्हारे साथ विचार करूंगा।
Original words (Greek)
- But · G1161δέ dé
- sanctify · G37ἁγιάζω hagiázō
- Lord · G2962κύριος kýrios
- God · G2316θεός theós
- in · G1722ἐν en
- your · G5216ὑμῶν hymōn
- hearts · G2588καρδία kardía
- and · G1161δέ dé
- ready · G2092ἕτοιμος hétoimos
- always · G104ἀεί aeí
- to · G4314πρός prós
- answer · G627ἀπολογία apología
- man · G3956πᾶς pâs
- asketh · G154αἰτέω aitéō
- you · G5209ὑμᾶς hymâs
- reason · G3056λόγος lógos
- of · G4012περί perí
- hope · G1680ἐλπίς elpís
- that · G3588ὁ ho
- in · G1722ἐν en
- you · G5213ὑμῖν hymîn
- with · G3326μετά metá
- meekness · G4240πραΰτης praÿtēs
- and · G2532καί kaí
- fear · G5401φόβος phóbos