1 Peter · chapter 3 · verse 7
1 Peter 3:7 in Hindi
वैसे ही हे पतियों, तुम भी बुद्धिमानी से पत्नियों के साथ जीवन निर्वाह करो और स्त्री को निर्बल पात्रा जानकर उसका आदर करो, यह समझकर कि हम दोनों जीवन के वरदान के वारिस हैं, जिस से तुम्हारी प्रार्थनाएं रूक न जाएं।।
Vaise hee he patiyom, tum bhee buddhimaanee se patniyom ke saath jeevan nirvaah karo aur stree ko nirbal paatraa jaanakar usakaa aadar karo, yah samajhakar ki ham donom jeevan ke varadaan ke vaaris haim, jis se tumhaaree praarthanaaem rook na jaaen..
1 Peter 3:7 in English
- King James Version (KJV)
- Likewise, ye husbands, dwell with [them] according to knowledge, giving honour unto the wife, as unto the weaker vessel, and as being heirs together of the grace of life; that your prayers be not hindered.
- World English Bible (WEB)
- You husbands, in the same way, live with your wives according to knowledge, giving honor to the woman as to the weaker vessel, as also being joint heirs of the grace of life, that your prayers may not be hindered.
- American Standard Version (ASV)
- Ye husbands, in like manner, dwell with [your wives] according to knowledge, giving honor unto the woman, as unto the weaker vessel, as being also joint-heirs of the grace of life; to the end that your prayers be not hindered.
- Bible in Basic English (BBE)
- And you husbands, give thought to your way of life with your wives, giving honour to the woman who is the feebler vessel, but who has an equal part in the heritage of the grace of life; so that you may not be kept from prayer.
- Darby Translation (DBY)
- [Ye] husbands likewise, dwell with [them] according to knowledge, as with a weaker, [even] the female, vessel, giving [them] honour, as also fellow-heirs of [the] grace of life, that your prayers be not hindered.
- Webster's Bible (WBS)
- Likewise, ye husbands, dwell with [them] according to knowledge, giving honor to the wife, as to the weaker vessel, and as being heirs together of the grace of life; that your prayers be not hindered.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The husbands, in like manner, dwelling with [them], according to knowledge, as to a weaker vessel — to the wife — imparting honour, as also being heirs together of the grace of life, that your prayers be not hindered.
Read in context
- 5और पूर्वकाल में पवित्रा स्त्रियां भी, जो परमेश्वर पर आशा रखती थीं, अपने आप को इसी रीति से संवारती और अपने अपने पति के आधीन रहती थीं।
- 6जैसे सारा इब्राहीम की आज्ञा में रहती और उसे स्वामी कहती थी: सो तुम भी यदि भलाई करो, और किसी प्रकार के भय से भयभीत न हो तो उस की बेंटियां ठहरोगी।।
- 7वैसे ही हे पतियों, तुम भी बुद्धिमानी से पत्नियों के साथ जीवन निर्वाह करो और स्त्री को निर्बल पात्रा जानकर उसका आदर करो, यह समझकर कि हम दोनों जीवन के वरदान के वारिस हैं, जिस से तुम्हारी प्रार्थनाएं रूक न जाएं।।
- 8निदान, सब के सब एक मन और कृपामय और भाईचारे की प्रीति रखनेवाले, और करूणामय, और नम्र बनो।
- 9बुराई के बदले बुराई मत करो; और न गाली के बदले गाली दो; पर इस के विपरीत आशीष ही दो: क्योंकि तुम आशीष के वारिस होने के लिये बुलाए गए हो।
Cross references
- Colossians 3:19 कुलुस्सियों 3:19हे पतियो, अपनी अपनी पत्नी से प्रेम रखो, और उन से कठोरता न करो।
- Genesis 2:23–24 उत्पत्ति 2:23–24और आदम ने कहा अब यह मेरी हडि्डयों में की हड्डी और मेरे मांस में का मांस है: सो इसका नाम नारी होगा, क्योंकि यह नर में से निकाली गई है। इस कारण पुरूष अपने माता पिता को छोड़कर अपनी पत्नी से मिला रहेगा और वे एक तन बनें रहेंगे।
- Ephesians 5:25–28 इफिसियों 5:25–28हे पतियों, अपनी अपनी पत्नी से प्रेम रखो, जैसा मसीह ने भी कलीसिया से प्रेम करके अपने आप को उसके लिये दे दिया। कि उस को वचन के द्वारा जल के स्नान से शुद्ध करके पवित्रा बनाए। और उसे एक ऐसी तेजस्वी कलीसिया बनाकर अपने मास खड़ी करे, जिस में न कलंक, न झुर्री, न कोई ऐसी वस्तु हो, बरन पवित्रा और निर्दोष हो। इसी प्रकार उचित है, कि पति अपनी अपनी पत्नी से प्रेम रखता है, वह अपने आप से प्रेम रखता है।
- Matthew 19:3–9 मत्ती 19:3–9तब फरीसी उस की परीक्षा करने के लिये पास आकर कहने लगे, क्या हर एक कारण से अपनी पत्नी को त्यागना उचित है? उस ने उत्तर दिया, क्या तुम ने नहीं पढ़ा, कि जिस ने उन्हें बनाया, उस ने आरम्भ से नर और नारी बनाकर कहा। कि इस कारण मनुष्य अपने माता पिता से अलग होकर अपनी पत्नी के साथ रहेगा और वे दोनों एक तन होंगे? सो व अब दो नहीं, परन्तु एक तन हैं: इसलिये जिसे परमेश्वर ने जोड़ा है, उसे मनुष्य अलग न करे। उन्हों ने उस से कहा, फिर मूसा ने क्यों यह ठहराया, कि त्यागपत्रा देकर उसे छोड़ दे? उस ने उन से कहा, मूसा ने तुम्हारे मन की कठोरता के कारण तुम्हें अपनी पत्नी को छोड़ देने की आज्ञा दी, परन्तु आरम्भ में ऐसा नहीं था। और मैं तुम से कहता हूं, कि जो कोई व्यभिचार को छोड़ और किसी कारण से अपनी पत्नी को त्यागकर, दूसरी से ब्याह करे, वह व्यभिचार करता है: और जो छोड़ी हुई को ब्याह करे, वह भी व्यभिचार करता है।
- 1 Corinthians 7:3 1 कुरिन्थियों 7:3पति अपनी पत्नी का हक्क पूरा करे; और वैसे ही पत्नी भी अपने पति का।
- Ephesians 5:33 इफिसियों 5:33पर तुम में से हर एक अपनी पत्नी से अपने समान प्रेम रखे, और पत्नी भी अपने पति का भय माने।।
- Malachi 2:14–16 मलाकी 2:14–16इसलिये, क्योंकि यहोवा तेरे और तेरी उस जवानी की संगिनी और ब्याही हुई स्त्री के बीच साक्षी हुआ था जिस का तू ने विश्वासघात किया है। क्या उस ने एक ही को नहीं बनाया जब कि और आत्माएं उसके पास थीं? ओर एक ही को क्यों बनाया? इसलिये कि वह परमेश्वर के योग्य सन्तान चाहता है। इसलिये तुम अपनी आत्मा के विषय में चौकस रहो, और तुम में से कोई अपनेी जवानी की स्त्री से विश्वासघात न करे। क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा यह कहता है, कि मैं स्त्री- त्याग से घृणा करता हूं, और उस से भी जो अपने वस्त्रा को उपद्रव से ढांपता है। इसलिये तुम अपनी आत्मा के विषय में चौकस रहो और विश्वासघात मत करो, सेनाओं के यहोवा का यही वचन है।।
- Matthew 18:19 मत्ती 18:19फिर मैं तुम से कहता हूं, यदि तुम में से दो जन पृथ्वी पर किसी बात के लिये जिसे वे मांगें, एक मन के हों, तो वह मेरे पिता की ओर से स्वर्ग में है उन के लिये हो जाएगी।
- 1 Thessalonians 4:4 1 थिस्सलुनीकियों 4:4और तुम में से हर एक पवित्राता और आदर के साथ अपने पात्रा को प्राप्त करना जाने।
- Proverbs 5:15–19 नीतिवचन 5:15–19तू अपने ही कुण्ड से पानी, और अपने ही कूंए से सोते का जल पिया करना। क्या तेरे सोतों का पानी सड़क में, और तेरे जल की धारा चौकों में बह जाने पाए? यह केवल तेरे ही लिये रहे, और तेरे संग औरों के लिये न हो। तेरा सोता धन्य रहे; और अपनी जवानी की पत्नी के साथ आनन्दित रह, प्रिय हरिणी वा सुन्दर सांभरनी के समान उसके स्तन सर्वदा तुझे संतुष्ट रखे, और उसी का प्रेम नित्य तुझे आकर्षित करता रहे।
- Matthew 5:23–24 मत्ती 5:23–24इसलिये यदि तू अपनी भेंट वेदी पर लाए, और वहां तू स्मरण करे, कि मेरे भाई के मन में मेरी ओर से कुछ विरोध है, तो अपनी भेंट वहीं वेदी के साम्हने छोड़ दे। और जाकर पहिले अपने भाई से मेल मिलाप कर; तब आकर अपनी भेंट चढ़ा।
- Romans 8:26–27 रोमियों 8:26–27इसी रीति से आत्मा भी हमारी दुर्बलता में सहायता करता है, क्योंकि हम नहीं जानते, कि प्रार्थना किस रीति से करना चाहिए; परन्तु आत्मा आप ही ऐसी आहें भर भरकर जो बयान से बाहर है, हमारे लिये बिनती करता है। और मनों का जांचनेवाला जानता है, कि आत्मा की मनसा क्या है? क्योंकि वह पवित्रा लोगों के लिये परमेश्वर की इच्छा के अनुसार बिनती करता है।
Original words (Greek)
- Likewise · G3668ὁμοίως homoíōs
- husbands · G435ἀνήρ anḗr
- with · G4924συνοικέω synoikéō
- to · G2596κατά katá
- knowledge · G1108γνῶσις gnōsis
- giving · G632ἀπονέμω aponémō
- honour · G5092τιμή timḗ
- wife · G1134γυναικεῖος gynaikeîos
- as · G5613ὡς hōs
- weaker · G772ἀσθενής asthenḗs
- vessel · G4632σκεῦος skeûos
- and · G2532καί kaí
- as · G5613ὡς hōs
- together · G4789συγκληρονόμος synklēronómos
- grace · G5485χάρις cháris
- life · G2222ζωή zōḗ
- that · G1519εἰς eis
- your · G5216ὑμῶν hymōn
- prayers · G4335προσευχή proseuchḗ
- be · G1581ἐκκόπτω ekkóptō
- not · G3361μή mḗ
- hindered · G1581ἐκκόπτω ekkóptō