1 Samuel · chapter 18 · verse 5
1 Samuel 18:5 in Hindi
और जहां कहीं शाऊल दाऊद को भेजता था वहां वह जाकर बुद्धिमानी के साथ काम करता था; और शाऊल ने उसे योद्धाओं का प्रधान नियुक्त किया। और समस्त प्रजा के लोग और शाऊल के कर्मचारी उस से प्रसन्न थे।।
Aur jahaam kaheem shaaool daaood ko bhejataa thaa vahaam vah jaakar buddhimaanee ke saath kaam karataa thaa; aur shaaool ne use yoddhaaom kaa pradhaan niyukt kiyaa. Aur samast prajaa ke log aur shaaool ke karmachaaree us se prasann the..
1 Samuel 18:5 in English
- King James Version (KJV)
- And David went out whithersoever Saul sent him, [and] behaved himself wisely: and Saul set him over the men of war, and he was accepted in the sight of all the people, and also in the sight of Saul’s servants.
- World English Bible (WEB)
- David went out wherever Saul sent him, and behaved himself wisely; and Saul set him over the men of war. It was good in the sight of all the people, and also in the sight of Saul’s servants.
- American Standard Version (ASV)
- And David went out whithersoever Saul sent him, [and] behaved himself wisely: and Saul set him over the men of war, and it was good in the sight of all the people, and also in the sight of Saul’s servants.
- Bible in Basic English (BBE)
- And David went wherever Saul sent him, and did wisely: and Saul put him at the head of his men of war, and this was pleasing to all the people as well as to Saul's servants.
- Darby Translation (DBY)
- And David went forth; whithersoever Saul sent him he prospered; and Saul set him over the men of war, and he was accepted in the sight of all the people, and also in the sight of Saul's servants.
- Webster's Bible (WBS)
- And David went out whithersoever Saul sent him, [and] behaved himself wisely: and Saul set him over the men of war, and he was accepted in the sight of all the people, and also in the sight of Saul's servants.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And David goeth out whithersoever Saul doth send him; he acted wisely, and Saul setteth him over the men of war, and it is good in the eyes of all the people, and also in the eyes of the servants of Saul.
Read in context
- 3ब योनातान ने दाऊद से वाचा बान्धी, क्योंकि वह उसको अपने प्राण के बराबर प्यार करता था।
- 4और योनातान ने अपना बागा जो वह स्वयं पहिने था उतारकर अपने वस्त्रा समेत दाऊद को दे दिया, वरन अपनी तलवार और धनुष और कटिबन्ध भी उसको दे दिए।
- 5और जहां कहीं शाऊल दाऊद को भेजता था वहां वह जाकर बुद्धिमानी के साथ काम करता था; और शाऊल ने उसे योद्धाओं का प्रधान नियुक्त किया। और समस्त प्रजा के लोग और शाऊल के कर्मचारी उस से प्रसन्न थे।।
- 6जब दाऊद उस पलिश्ती को मारकर लौटा आता था, और वे सब लोग भी आ रहे थे, तब सब इस्राएली नगरों से स्त्रियों ने निकलकर डफ और तिकोने बाजे लिए हुए, आनन्द के साथ गाती और नाचती हुई, शाऊल राजा के स्वागत में निकलीं।
- 7और वे स्त्रियां नाचती हुइ एक दूसरी के साथ यह गाती गईं, कि शाऊल ने तो हजारों को, परन्तु दाऊद ने लाखों को मारा है।।
Cross references
- 1 Samuel 18:30 1 शमूएल 18:30फिर पलिश्तियों के प्रधान निकल आए, और जब जब वे निकल आए तब तब दाऊद ने शाऊल के और सब कर्मचारियों से अधिक बुद्धिमानी दिखाई; इस से उसका नाम बहुत बड़ा हो गया।।
- 1 Samuel 18:14–15 1 शमूएल 18:14–15और दाऊद अपनी समस्त चाल में बुद्धिमानी दिखाता था; और यहोवा उसके साथ साथ था। और जब शाऊल ने देखा कि वह बहुत बुद्धिमान है, तब वह उस से डर गया।
- Colossians 4:5 कुलुस्सियों 4:5अवसर को बहुमूल्य समझकर बाहरवालों के साथ बुद्धिमानी से बर्ताव करो।
- Acts 7:10 प्रेरितों के काम 7:10और उसे उसके सब क्लेशों से छुड़ाकर मिसर के राजा फिरौन के आगे अनुग्रह और बुद्धि दी, और उस ने उसे मिसर पर और अपने सारे घर पर हाकिम ठहराया।
- Ephesians 5:17 इफिसियों 5:17इस कारण निर्बुद्धि न हो, पर ध्यान से समझो, कि प्रभु की इच्छा क्या है?
- Matthew 10:16 मत्ती 10:16देखो, मैं तुम्हें भेड़ों की नाई भेड़ियों के बीच में भेजता हूं सो सांपों की नाई बुद्धिमान और कबूतरों की नाई भोले बनो।
- Psalm 1:3 भजन संहिता 1:3वह उस वृक्ष के समान है, जो बहती नालियों के किनारे लगाया गया है। और अपनी ऋतु में फलता है, और जिसके पत्ते कभी मुरझाते नहीं। इसलिये जो कुछ वह पुरूष करे वह सफल होता है।।
- 1 Samuel 13:2 1 शमूएल 13:2फिर शाऊल ने इस्राएलियों में से तीन हजार पुरूषों को अपने लिये चुन लिया; और उन में से दो हजार शाऊल के साथ मिकमाश में और बेतेल के पहाड़ पर रहे, और एक हजार योनातान के साथ बिन्यामीन के गिबा में रहे; और दूसरे सब लोगों को उस ने अपने अपने डेरे में जाने को विदा किया।
- Genesis 39:2–3 उत्पत्ति 39:2–3और यूसुफ अपने मिद्दी स्वामी के घर में रहता था, और यहोवा उसके संग था; सो वह भाग्यवान् पुरूष हो गया। और यूसुफ के स्वामी ने देखा, कि यहोवा उसके संग रहता है, और जो काम वह करता है उसको यहोवा उसके हाथ से सुफल कर देता है।
- Genesis 39:23 उत्पत्ति 39:23बन्दीगृह के दरोगा के वश में जो कुछ था; क्योंकि उस में से उसको कोई भी वस्तु देखनी न पड़ती थी; इसलिये कि यहोवा यूसुफ के साथ था; और जो कुछ वह करता था, यहोवा उसको उस में सफलता देता था।
- 1 Samuel 14:52 1 शमूएल 14:52और शाऊल जीवन भर पलिश्तियों से संग्राम करता रहा; जब जब शाऊल को कोई वीर वा अच्छा योद्धा दिखाई पड़ा तब तब उस ने उसे अपने पास रख लिया।।
Original words (Hebrew)
- David · H1732דָּוִד Dâvid
- out · H3318יָצָא yâtsâʼ
- Saul · H7586שָׁאוּל Shâʼûwl
- sent · H7971שָׁלַח shâlach
- wisely · H7919שָׂכַל sâkal
- Saul · H7586שָׁאוּל Shâʼûwl
- set · H7760שׂוּם sûwm
- men · H582אֱנוֹשׁ ʼĕnôwsh
- war · H4421מִלְחָמָה milchâmâh
- accepted · H3190יָטַב yâṭab
- sight · H5869עַיִן ʻayin
- people · H5971עַם ʻam
- sight · H5869עַיִן ʻayin
- Saul’s · H7586שָׁאוּל Shâʼûwl
- servants · H5650עֶבֶד ʻebed