1 Samuel · chapter 25 · verse 2
1 Samuel 25:2 in Hindi
माओन में एक पुरूष रहता था जिसका माल कर्मेल में था। और वह पुरूष बहुत बड़ा था, और उसके तीन हजार भेड़ें, और एक हजार बकरियों थीं; और वह अपनी भेड़ों का ऊन कतर रहा था।
Maaon mem ek puroosh rahataa thaa jisakaa maal karmel mem thaa. Aur vah puroosh bahut badaa thaa, aur usake teen hajaar bhedem, aur ek hajaar bakariyom theem; aur vah apanee bhedom kaa oon katar rahaa thaa.
1 Samuel 25:2 in English
- King James Version (KJV)
- And [there was] a man in Maon, whose possessions [were] in Carmel; and the man [was] very great, and he had three thousand sheep, and a thousand goats: and he was shearing his sheep in Carmel.
- World English Bible (WEB)
- There was a man in Maon whose possessions were in Carmel; and the man was very great. He had three thousand sheep and a thousand goats; and he was shearing his sheep in Carmel.
- American Standard Version (ASV)
- And there was a man in Maon, whose possessions were in Carmel; and the man was very great, and he had three thousand sheep, and a thousand goats: and he was shearing his sheep in Carmel.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now there was a man in Maon whose business was in Carmel; he was a great man and had three thousand sheep and a thousand goats: and he was cutting the wool of his sheep in Carmel.
- Darby Translation (DBY)
- And there was a man at Maon, whose business was at Carmel; and the man was very great, and he had three thousand sheep and a thousand goats; and he was shearing his sheep at Carmel.
- Webster's Bible (WBS)
- And [there] was a man in Maon, whose possessions [were] in Carmel; and the man [was] very great, and he had three thousand sheep, and a thousand goats: and he was shearing his sheep in Carmel.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And [there is] a man in Maon, and his work [is] in Carmel; and the man [is] very great, and he hath three thousand sheep, and a thousand goats; and he is shearing his flock in Carmel.
Read in context
- 1और शमूएल मर गया; और समस्त इस्राएलियों ने इकट्ठे होकर उसके लिये छाती पीटी, और उसके घर ही में जो रामा में था उसको मिट्टी दी। तब दाऊद उठकर पारान जंगल को चला गया।।
- 2माओन में एक पुरूष रहता था जिसका माल कर्मेल में था। और वह पुरूष बहुत बड़ा था, और उसके तीन हजार भेड़ें, और एक हजार बकरियों थीं; और वह अपनी भेड़ों का ऊन कतर रहा था।
- 3उस पुरूष का नाम नाबाल, और उसकी पत्नी का नाम अबीगैल था। स्त्री तो बुद्धिमान और रूपवती थी, परन्तु पुरूष कठोर, और बुरे बुरे काम करनेवाला था; वह तो कालेबवंशी था।
- 4जब दाऊद ने जंगल में समाचार पाया, कि नाबाल अपनी भेड़ों का ऊन कतर रहा है;
Cross references
- Genesis 38:13 उत्पत्ति 38:13और तामार को यह समाचार मिला, कि तेरा ससुर अपनी भेड़- बकरियों का ऊन कतराने के लिये तिम्नाथ को जा रहा है।
- 1 Samuel 23:24 1 शमूएल 23:24तब वे चलकर शाऊल से पहिले जीप को गए। परन्तु दाऊद अपने जनों समेत माओन नाम जंगल में चला गया था, जो अराबा में यशीमोन के दक्खिन की ओर है।
- Joshua 15:55 यहोशू 15:55फिर माओन, कर्मेल, जीप, यूता,
- Luke 16:19–25 लूका 16:19–25एक धनवान मनुष्य था जो बैंजनी कपड़े और मलमल पहिनता और प्रति दिन सुख-विलास और धूम-धाम के साथ रहता था। और लाजर नाम का एक कंगाल घावों से भरा हुआ उस की डेवढ़ी पर छोड़ दिया जाता था। और वह चाहता था, कि धनवान की मेज पर की जूठन से अपना पेट भरे; वरन कुत्ते भी आकर उसके घावों को चाटते थे। और ऐसा हुआ कि वह कंगाल मर गया, और स्वर्गदूतों ने उसे लेकर इब्राहीम की गोद में पहुंचाया; और वह धनवान भी मरा; और गाड़ा गया। और अधोलोक में उस ने पीड़ा में पड़े हुए अपनी आंखें उठाई, और दूर से इब्राहीम की गोद में लाजर को देखा। और उस ने पुकार कर कहा, हे पिता इब्राहीम, मुझ पर दया करके लाजर को भेज दे, ताकि वह अपनी उंगुली का सिरा पानी में भिगो कर मेरी जीभ को ठंडी करे, क्योंकि मैं इस ज्वाला में तड़प रहा हूं। परन्तु इब्राहीम ने कहा; हे पुत्र स्मरण कर, कि तू अपने जीवन में अच्छी वस्तुएं ले चुका है, और वैसे ही लाजर बुरी वस्तुएं: परन्तु अब वह यहां शान्ति पा रहा है, और तू तड़प रहा है।
- 2 Samuel 19:32 2 शमूएल 19:32बर्जिल्लै तो वृठ्ठ पुरूष था, अर्थात् अस्सी पर्ष की आयु का था जब तक राजा महनैम में रहता था तब तक वह उसका पालन पोषण करता रहा; क्योंकि वह बहुत धनी था।
- Genesis 26:13 उत्पत्ति 26:13और वह बढ़ा और उसकी उन्नति होती चली गई, यहां तक कि वह अति महान पुरूष हो गया।
- Genesis 13:2 उत्पत्ति 13:2अब्राम भेड़- बकरी, गाय- बैल, और सोने- रूपे का बड़ा धनी था।
- Psalm 73:3–7 भजन संहिता 73:3–7क्योंकि जब मैं दुष्टों का कुशल देखता था, तब उन घमण्डियों के विषय डाह करता था।। क्योंकि उनकी मृत्यु में बेधनाएं नहीं होतीं, परन्तु उनका बल अटूट रहता है। उनको दूसरे मनुष्यों की नाईं कष्ट नहीं होता; और और मनुष्यों के समान उन पर विपत्ति नहीं पड़ती। इस कारण अहंकार उनके गले का हार बना है; उनका ओढ़ना उपद्रव है। उनकी आंखें चर्बीं से झलकती हैं, उनके मन की भवनाएं उमण्डती हैं।
- 1 Samuel 30:5 1 शमूएल 30:5और दाऊद की दो स्त्रियां, यिज्रेली अहीनोअम, और कर्मैली नाबाल की स्त्री अबीगैल, बन्धुआई में गई थीं।
- 2 Samuel 13:23–24 2 शमूएल 13:23–24दो पर्ष के बाद अबशालोम ने एप्रैम के निकट के बाल्हासोर में अपनी भेड़ोंका ऊन कतरवाया और अबशालोम ने सब राजकुमारों को नेवता दिया। वह राजा के पास जाकर कहनलगा, बिनती यह है, कि तेरे दास की भेड़ों का ऊन कतरा जाता है, इसलिये राजा अपने कर्मचारियो समेत अपने दास के संग चले।
- Job 42:12 अय्यूब 42:12और यहोवा ने अरयूब के पिछले दिनों में उसको अगले दिनों से अधिक आशीष दी; और उसके चौदह हजार भेंड़ बकरियां, छेहजार ऊंट, हजार जोड़ी बैल, और हजार गदहियां हो गई।
- Job 1:3 अय्यूब 1:3फिर उसके सात हजार भेड़- बकरियां, तीन हजार ऊंट, पांच सौ जोड़ी बैल, और पांच सौ गदहियां, और बहुत ही दास- दासियां थीं; वरन उसके इतनी सम्पत्ति थी, कि पूरबियों में वह सब से बड़ा था।
Original words (Hebrew)
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- Maon · H4584מָעוֹן Mâʻôwn
- possessions · H4639מַעֲשֶׂה maʻăseh
- Carmel · H3760כַּרְמֶל Karmel
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- very · H3966מְאֹד mᵉʼôd
- great · H1419גָּדוֹל gâdôwl
- three · H7969שָׁלוֹשׁ shâlôwsh
- thousand · H505אֶלֶף ʼeleph
- sheep · H6629צֹאן tsôʼn
- thousand · H505אֶלֶף ʼeleph
- goats · H5795עֵז ʻêz
- shearing · H1494גַּזָז gazâz
- sheep · H6629צֹאן tsôʼn
- Carmel · H3760כַּרְמֶל Karmel