2 Samuel · chapter 19 · verse 32
2 Samuel 19:32 in Hindi
बर्जिल्लै तो वृठ्ठ पुरूष था, अर्थात् अस्सी पर्ष की आयु का था जब तक राजा महनैम में रहता था तब तक वह उसका पालन पोषण करता रहा; क्योंकि वह बहुत धनी था।
Barjillai to vruthth puroosh thaa, arthaat assee parsh kee aayu kaa thaa jab tak raajaa mahanaim mem rahataa thaa tab tak vah usakaa paalan poshan karataa rahaa; kyonki vah bahut dhanee thaa.
2 Samuel 19:32 in English
- King James Version (KJV)
- Now Barzillai was a very aged man, [even] fourscore years old: and he had provided the king of sustenance while he lay at Mahanaim; for he [was] a very great man.
- World English Bible (WEB)
- Now Barzillai was a very aged man, even eighty years old. He had provided the king with sustenance while he stayed at Mahanaim, for he was a very great man.
- American Standard Version (ASV)
- Now Barzillai was a very aged man, even fourscore years old: and he had provided the king with sustenance while he lay at Mahanaim; for he was a very great man.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now Barzillai was a very old man, as much as eighty years old: and he had given the king everything he had need of, while he was at Mahanaim, for he was a very great man.
- Darby Translation (DBY)
- And Barzillai was very aged, eighty years old; and it was he that had maintained the king while he abode at Mahanaim; for he was a very great man.
- Webster's Bible (WBS)
- Now Barzillai was a very aged man, [even] eighty years old: and he had provided the king with sustenance while he lay at Mahanaim: for he [was] a very great man.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Barzillai [is] very aged, a son of eighty years, and he hath sustained the king in his abiding in Mahanaim, for he [is] a very great man;
Read in context
- 30मपीबोशेत ने राजा से कहा, मेरे प्रभु राजा जो कुशल क्षेम से अपने घर आया है, इसलिये सीबा ही सब कुछ ले ले।
- 31तब गिलादी बर्जिल्लै रोगलीम से आया, और राजा के साथ यरदन पार गया, कि उसको यरदन के पार पहुंचाए।
- 32बर्जिल्लै तो वृठ्ठ पुरूष था, अर्थात् अस्सी पर्ष की आयु का था जब तक राजा महनैम में रहता था तब तक वह उसका पालन पोषण करता रहा; क्योंकि वह बहुत धनी था।
- 33तब राजा ने बर्जिल्लै से कहा, मेरे संग पार चल, और मैं तुझे यरूशलेम में अपने पास रखकर तेरा पालन पोषण करूंगा।
- 34बर्जिल्लै ने राजा से कहा, मुझे कितने दिन जीवित रहना है, कि मैं राजा के संग यरूशलेंम को जाऊं?
Cross references
- Deuteronomy 34:7 व्यवस्थाविवरण 34:7मूसा अपनी मृत्यु के समय एक सौ बीस वर्ष का था; परन्तु न तो उसकी आंखें धुंधली पड़ीं, और न उसका पौरूष घटा था।
- 1 Samuel 25:2 1 शमूएल 25:2माओन में एक पुरूष रहता था जिसका माल कर्मेल में था। और वह पुरूष बहुत बड़ा था, और उसके तीन हजार भेड़ें, और एक हजार बकरियों थीं; और वह अपनी भेड़ों का ऊन कतर रहा था।
- Job 1:3 अय्यूब 1:3फिर उसके सात हजार भेड़- बकरियां, तीन हजार ऊंट, पांच सौ जोड़ी बैल, और पांच सौ गदहियां, और बहुत ही दास- दासियां थीं; वरन उसके इतनी सम्पत्ति थी, कि पूरबियों में वह सब से बड़ा था।
- Genesis 47:28 उत्पत्ति 47:28मि देश में याकूब सतरह वर्ष जीवित रहा: इस प्रकार याकूब की सारी आयु एक सौ सैंतालीस वर्ष की हुई।
- Genesis 5:27 उत्पत्ति 5:27और मतूशेलह की कुल अवस्था नौ सौ उनहत्तर वर्ष की हुई: तत्पश्चात् वह मर गया।।
- Genesis 25:7 उत्पत्ति 25:7इब्राहीम की सारी अवस्था एक सौ पचहत्तर वर्ष की हुई।
- Genesis 9:29 उत्पत्ति 9:29और नूह की कुल अवस्था साढ़े नौ सौ वर्ष की हुई: तत्पश्चात् वह मर गया।
- Proverbs 16:31 नीतिवचन 16:31पक्के बाल शोभायमान मुकुट ठहरते हैं; वे धर्म के मार्ग पर चलने से प्राप्त होते हैं।
- Genesis 50:26 उत्पत्ति 50:26निदान यूसुफ एक सौ दस वर्ष का होकर मर गया: और उसकी लोथ में सुगन्धद्रव्य भरे गए, और वह लोथ मि में एक सन्दूक में रखी गई।।
- Psalm 90:3–10 भजन संहिता 90:3–10तू मनुष्य को लौटाकर चूर करता है, और कहता है, कि हे आदमियों, लौट आओ! क्योंकि हजार वर्ष तेरी दृष्टि में ऐसे हैं, जैसा कल का दिन जो बीत गया, वा रात का एक पहर।। तू मनुष्यों को धारा में बहा देता है; वे स्वप्न से ठहरते हैं, वे भोर को बढ़नेवाली घास के समान होते हैं। वह भोर को फूलती और बढ़ती है, और सांझ तक काटकर मुर्झा जाती है।। क्योंकि हम तेरे क्रोध से नाश हुए हैं; और तेरी जलजलाहट से घबरा गए हैं। तू ने हमारे अधर्म के कामों से अपने सम्मुख, और हमारे छिपे हुए पापों को अपने मुख की ज्योति में रखा है।। क्योंकि हमारे सब दिन तेरे क्रोध में बीत जाते हैं, हम अपने वर्ष शब्द की नाई बिताते हैं। हमारी आयु के वर्ष सत्तर तो होते हैं, और चाहे बल के कारण अस्सी वर्ष के भी हो जाएं, तौभी उनका घमण्ड केवल नष्ट और शोक ही शोक है; क्योंकि वह जल्दी कट जाती है, और हम जाते रहते हैं।
- 2 Samuel 17:27–29 2 शमूएल 17:27–29जब दाऊद महनैम में आया, तब अम्मोनियों के रब्बा के निवासी नाहाश का पुत्रा शोबी, और लोदबरवासी अम्मीएल का पुत्रा माकीर, और रोगलीमवासी गिलादी बर्जिल्लै, चारपाइयां, तसले मिट्टी के बर्तन, गेहूं, जव, मैदा, लोबिया, मसूर, चबेना, मधु, मक्खन, भेड़बकरियां, और गाय के दही का पनीर, दाऊद और उसके संगियों के खाने को यह सोचकर ले आए, कि जंगल में वे लोग भूखे प्यासे और थके मांदे होंगे।
Original words (Hebrew)
- Barzillai · H1271בַּרְזִלַּי Barzillay
- very · H3966מְאֹד mᵉʼôd
- aged · H2204זָקֵן zâqên
- fourscore · H8084שְׁמֹנִים shᵉmônîym
- years · H8141שָׁנֶה shâneh
- old · H1121בֵּן bên
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- sustenance · H3557כּוּל kûwl
- lay · H7871שִׁיבָה shîybâh
- Mahanaim · H4266מַחֲנַיִם Machănayim
- very · H3966מְאֹד mᵉʼôd
- great · H1419גָּדוֹל gâdôwl
- man · H376אִישׁ ʼîysh