1 Samuel · chapter 28 · verse 16
1 Samuel 28:16 in Hindi
शमूएल ने कहा, जब यहोवा तुझे छोड़कर तेरा शत्रु बन गया, तब तू मुझ से क्यों पूछता है?
Shamooel ne kahaa, jab yahovaa tujhe chhodakar teraa shatru ban gayaa, tab too mujh se kyom poochhataa hai?
1 Samuel 28:16 in English
- King James Version (KJV)
- Then said Samuel, Wherefore then dost thou ask of me, seeing the LORD is departed from thee, and is become thine enemy?
- World English Bible (WEB)
- Samuel said, “Why then do you ask me, since the LORD has departed from you and has become your adversary?
- American Standard Version (ASV)
- And Samuel said, Wherefore then dost thou ask of me, seeing Jehovah is departed from thee, and is become thine adversary?
- Bible in Basic English (BBE)
- And Samuel said, Why do you put your questions to me, seeing that God has gone away from you and is on the side of him who is against you?
- Darby Translation (DBY)
- And Samuel said, Why then dost thou inquire of me, seeing Jehovah is departed from thee, and is become thine enemy?
- Webster's Bible (WBS)
- Then said Samuel, Why then dost thou ask of me, seeing the LORD hath departed from thee, and hath become thy enemy?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Samuel saith, 'And why dost thou ask me, and Jehovah hath turned aside from thee, and is thine enemy?
Read in context
- 14उस ने उस से पूछा उस का कैसा रूप ह? उस ने कहा, एक बूढ़ा पुरूष बागा ओढ़े हुए चढ़ा आता है। तब शाऊल ने निश्चय जानकर कि वह शमूएल है, औंधे मुंह भूमि पर गिरके दण्डवत् किया।
- 15शमूएल ने शाऊल से पूछा, तू ने मुझे ऊपर बुलवाकर क्यों सताया है? शाऊल ने कहा, मैं बड़े संकट में पड़ा हूं; क्योंकि पलिश्ती मेरे साथ लड़ रहे हैं और परमेश्वर ने मुझे छोड़ दिया, और अब मुझे न तो भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा उत्तर देता है, और न स्वपनों के; इसलिये मैं ने तुझे बुलाया कि तू मुझे जता दे कि मैं क्या करूं।
- 16शमूएल ने कहा, जब यहोवा तुझे छोड़कर तेरा शत्रु बन गया, तब तू मुझ से क्यों पूछता है?
- 17यहोवा ने तो जैसे मुझ से कहलावाया था वैसा ही उस ने व्यवहार किया है; अर्थात् उस ने तेरे हाथ से राज्य छीनकर तेरे पड़ोसी दाऊद को दे दिया है।
- 18तू ने जो यहोवा की बात न मानी, और न अमालेकियों को उसके भड़के हुए कोप के अनुसा दण्ड दिया था, इस कारण यहोवा ने तुझ से आज ऐसा बर्ताव किया।
Cross references
- 2 Kings 6:27 2 राजा 6:27उस ने कहा, यदि यहोवा तुझे न बचाए, तो मैं कहां से तुझे बचाऊं? क्या खलिहान में से, वा दाखरस के कुण्ड में से?
- Revelation 18:20 प्रकाशितवाक्य 18:20हे स्वर्ग, और हे पवित्रा लोगों, और प्रेरितों, और भविष्यद्वक्ताओं, उस पर आनन्द करो, क्योंकि परमेश्वर ने न्याय करके उस से तुम्हारा पलटा लिया है।।
- Lamentations 2:5 विलापगीत 2:5यहोवा शत्रु बन गया, उस ने इस्राएल को निगल लिया; उसके सारे भवनों को उस ने मिटा दिया, और उसके दृढ़ गढ़ों को नष्ट कर डाला है; और यहूदा की पुत्री का दोना- पीटना बहुत बढ़ाय है।
- Psalm 68:1–3 भजन संहिता 68:1–3परमेश्वर उठे, उसके शत्रु तित्तर बितर हों; और उसके बैरी उसके साम्हने से भाग जाएं। जैसे धुआं उड़ जाता है, वैसे ही तू उनको उड़ा दे; जैसे मोम आग की आंच से पिघल जाता है, वैसे ही दुष्ट लोग परमेश्वर की उपस्थिति से नाश हों। परन्तु धर्मी आनन्दित हों; वे परमेश्वर के साम्हने प्रफुल्लित हों; वे आनन्द से मगन हों!
- Judges 5:31 न्यायियों 5:31हे यहोवा, तेरे सब शत्रु ऐसे ही नाश हो जाएं! परन्तु उसके प्रेमी लोग प्रताप के साथ उदय होते हुए सूर्य के समान तेजोमय हों।। फिर देश में चालीस वर्ष तक शान्ति रही।।