1 Peter · chapter 4 · verse 8
1 Peter 4:8 in Hindi
और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढ़ाप देता है।
Aur sab mem shreshth baat yah hai ki ek doosare se adhik prem rakho; kyonki prem anek paapom ko dhaap detaa hai.
1 Peter 4:8 in English
- King James Version (KJV)
- And above all things have fervent charity among yourselves: for charity shall cover the multitude of sins.
- World English Bible (WEB)
- And above all things be earnest in your love among yourselves, for love covers a multitude of sins.
- American Standard Version (ASV)
- above all things being fervent in your love among yourselves; for love covereth a multitude of sins:
- Bible in Basic English (BBE)
- And most of all be warm in your love for one another; because in love there is forgiveness for sins without number:
- Darby Translation (DBY)
- but before all things having fervent love among yourselves, because love covers a multitude of sins;
- Webster's Bible (WBS)
- And above all things have fervent charity among yourselves: for charity will cover a multitude of sins.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and, before all things, to one another having the earnest love, because the love shall cover a multitude of sins;
Read in context
- 6क्योंकि मरे हुओं को भी सुसमाचार इसी लिये सुनाया गया, कि शरीर में तो मनुष्यों के अनुसार उन का न्याय हो, पर आत्मा में वे परमेश्वर के अनुसार जीवित रहें।।
- 7सब बातों का अन्त तुरन्त होनेवाला है; इसलिये संयमी होकर प्रार्थना के लिये सचेत रहो।
- 8और सब में श्रेष्ठ बात यह है कि एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो; क्योंकि प्रेम अनेक पापों को ढ़ाप देता है।
- 9बिना कुड़कुड़ाए एक दूसरे की पहुनाई करो।
- 10जिस को जो वरदान मिला है, वह उसे परमेश्वर के नाना प्रकार के अनुग्रह के भले भण्डारियों की नाई एक दूसरे की सेवा में लगाए।
Cross references
- Proverbs 10:12 नीतिवचन 10:12बैर से तो झगड़े उत्पन्न होते हैं, परन्तु प्रेम से सब अपराध ढंप जाते हैं।
- Colossians 3:14 कुलुस्सियों 3:14और इन सब के ऊपर प्रेम को जो सिद्धता का कटिबन्ध है बान्ध लो।
- Proverbs 17:9 नीतिवचन 17:9जो दूसरे के अपराध को ढांप देता, वह प्रेम का खोजी ठहरता है, परन्तु जो बात की चर्चा बार बार करता है, वह परम मित्रों में भी फूट करा देता है।
- James 5:20 याकूब 5:20तो वह यह जान ले, कि जो कोई किसी भटके हुए पापी को फेर लाएगा, वह एक प्राण को मृत्यु से बचाएगा, और अनेक पापों पर परदा डालेगा॥
- 1 Peter 1:22 1 पतरस 1:22सो जब कि तुम ने भाईचारे की निष्कपट प्रीति के निमित्त सत्य के मानने से अपने मनों को पवित्र किया है, तो तन मन लगा कर एक दूसरे से अधिक प्रेम रखो।
- 1 Corinthians 13:1–1 1 कुरिन्थियों 13:1–1यदि मैं मनुष्यों, और सवर्गदूतों की बोलियां बोलूं, और प्रेम न रखूं, तो मैं ठनठनाता हुआ पीतल, और झंझनाती हुई झांझ हूं।
- 1 Thessalonians 3:12 1 थिस्सलुनीकियों 3:12और प्रभु ऐसा करे, कि जेसा हम तुम से प्रेम रखते हैं; वैसा ही तुम्हारा प्रेम भी आपस में, और सब मनुष्यों के साथ बढ़े, और उन्नति करता जाए।
- 1 Thessalonians 4:9–10 1 थिस्सलुनीकियों 4:9–10किन्तु भाईचारे की प्रीति के विषय में यह अवश्य नहीं, कि मैं तुम्हारे पास कुछ लिखूं; क्योंकि आपस में प्रेम रखना तुम ने आप ही परमेश्वर से सीखा है। और सारे मकिदुनिया के सब भाइयों के साथ ऐसा करते भी हो, पर हे भाइयों, हम तुम्हें समझाते हैं, कि और भी बढ़ते जाओ।
- Hebrews 13:1 इब्रानियों 13:1भाईचारे की प्रीति बनी रहे।
- 1 Timothy 1:5 1 तीमुथियुस 1:5आज्ञा का सारांश यह है, कि शुद्ध मन और अच्छे विवेक, और कपटरहित विश्वास से प्रेम उत्पन्न हो।
- 2 Thessalonians 1:3 2 थिस्सलुनीकियों 1:3हे भाइयो, तुम्हारे विषय में हमें हर समय परमेश्वर का धन्यवाद करना चाहिए, और यह उचित भी है इसलिये कि तुम्हारा विश्वास बहुत बढ़ता जाता है, और तुम सब को प्रेम आपस में बहुत ही होता जाता है।
- 2 Peter 1:6–7 2 पतरस 1:6–7और समझ पर संयम, और संयम पर धीरज, और धीरज पर भक्ति। और भक्ति पर भाईचारे की प्रीति, और भाईचारे की प्रीति पर प्रेम बढ़ाते जाओ।
Original words (Greek)
- And · G1161δέ dé
- above · G4253πρό pró
- things · G3956πᾶς pâs
- have · G2192ἔχω échō
- fervent · G1618ἐκτενής ektenḗs
- charity · G26ἀγάπη agápē
- among · G1519εἰς eis
- yourselves · G1438ἑαυτοῦ heautoû
- for · G3754ὅτι hóti
- charity · G26ἀγάπη agápē
- cover · G2572καλύπτω kalýptō
- multitude · G4128πλῆθος plēthos
- sins · G266ἁμαρτία hamartía