2 Chronicles · chapter 10 · verse 6
2 Chronicles 10:6 in Hindi
तब राजा रहूबियाम ने उन बूढ़ों से जो उसके पिता सुलैमान के जीवन भर उसके साम्हने अपस्थ्ति रहा करते थे, यह कहकर सम्मति ली, कि इस प्रजा को कैसा उत्तर देना उचित है, इस में तुम क्या सम्मति देते हो?
Tab raajaa rahoobiyaam ne un boodhom se jo usake pitaa sulaimaan ke jeevan bhar usake saamhane apasthti rahaa karate the, yah kahakar sammati lee, ki is prajaa ko kaisaa uttar denaa uchit hai, is mem tum kyaa sammati dete ho?
2 Chronicles 10:6 in English
- King James Version (KJV)
- And king Rehoboam took counsel with the old men that had stood before Solomon his father while he yet lived, saying, What counsel give ye [me] to return answer to this people?
- World English Bible (WEB)
- King Rehoboam took counsel with the old men, who had stood before Solomon his father while he yet lived, saying, “What counsel do you give me about how to answer these people?”
- American Standard Version (ASV)
- And king Rehoboam took counsel with the old men, that had stood before Solomon his father while he yet lived, saying, What counsel give ye me to return answer to this people?
- Bible in Basic English (BBE)
- Then King Rehoboam took the opinion of the old men who had been with Solomon his father when he was living, and said, In your opinion, what answer am I to give to this people?
- Darby Translation (DBY)
- And king Rehoboam consulted with the old men, who had stood before Solomon his father while he yet lived, saying, How do ye advise to return answer to this people?
- Webster's Bible (WBS)
- And king Rehoboam took counsel with the old men that had stood before Solomon his father while he yet lived, saying, What counsel give ye [me] to return answer to this people?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And king Rehoboam consulteth with the aged men who have been standing before Solomon his father in his being alive, saying, 'How are ye counselling to answer this people?'
Read in context
- 4तेरे पिता ने तो हम लोगों पर भारी जूआ डाल रखा था, इसलिये अब तू अपने पिता की कठिन सेवा को और उस भारी जूए को जिसे उस ने हम पर डाल रखा है कुछ हलका कर, तब हम तेरे अधीन रहेंगे।
- 5उस ने उन से कहा, तीन दिन के उपरान्त मेरे पास फिर आना, तो वे चले गए।
- 6तब राजा रहूबियाम ने उन बूढ़ों से जो उसके पिता सुलैमान के जीवन भर उसके साम्हने अपस्थ्ति रहा करते थे, यह कहकर सम्मति ली, कि इस प्रजा को कैसा उत्तर देना उचित है, इस में तुम क्या सम्मति देते हो?
- 7उन्हों ने उसको यह उत्तर दिया, कि यदि तू इस प्रजा के लोगों से अच्छा बर्त्ताव करके उन्हें प्रसन्न करे और उन से मधुर बातें कहे, तो वे सदा तेरे अधीन बने रहेंगे।
- 8परन्तु उस ने उस सम्मति को जो बूढ़ों ने उसको दी थी छोड़ दिया और उन जवानों से सम्मति ली, जो उसके संग बड़े हुए थे और उसके सम्मुख उपस्थित रहा करते थे।
Cross references
- Job 32:7 अय्यूब 32:7मैं सोचता था, कि जो आयु में बड़े हैं वे ही बात करें, और जो बहुत वर्ष के हैं, वे ही बुध्दि सिखाएं।
- Jeremiah 42:20 यिर्मयाह 42:20क्योंकि जब तुम ने मुझ को यह कहकर अपने परमेश्वर यहोवा के पास भेज दिया कि हमारे निमित्त हमारे परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना कर और जो कुछ हमारा परमेश्वर यहोवा कहे उससी के अनुसार हम को बता और हम वैसा ही करेंगे, तब तुम जान बूझके अपने ही को धोखा देते थे।
- 2 Samuel 16:20 2 शमूएल 16:20तब अबशालोम ने अहीतोपेल से कहा, तुम लोग अपनी सम्मति दो, कि क्या करना चाहिये?
- Proverbs 27:10 नीतिवचन 27:10जो तेरा और तेरे पिता का भी मित्रा हो उसे न छोड़ना; और अपनी विपत्ति के दिन अपने भाई के घर न जाना। प्रेम करनेवाला पड़ोसी, दूर रहनेवाले भाई से कहीं उत्तम है।
- Jeremiah 42:2–5 यिर्मयाह 42:2–5हमारी बिनती ग्रहण करके अपने परमेश्वर यहोवा से हम सब बचे हुओं के लिये प्रार्थना कर, क्योंकि तू अपनी आंखों से देख रहा है कि हम जो पहले बहुत थे, अब थोड़े ही बच गए हैं। इसलिये प्रार्थना कर कि तेरा परमेश्वर यहोवा हम को बताए कि हम किस मार्ग से चलें, और कौन सा काम करें? सो यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता ने उन से कहा, मैं ने तुम्हारी सुनी है; देखो, मैं तुम्हारे वचनों के अनुसार तुम्हारे परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना करूंगा ओर जो उत्तर यहोवा तुम्हारे लिये देगा मैं तुम को बताऊंगा; मैं तुम से कोई बात न छिपाऊंगा। तब उन्हों ने यिर्मयाह से कहा, यदि तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे द्वारा हमारे पास कोई वचन पहुंचाए और हम उसके अनुसार न करें, तो यहोवा हमारे बीच में सच्चा और विश्वासयोग्य साक्षी ठहरे।
- Job 12:12–13 अय्यूब 12:12–13बूढ़ां में बुध्दि पाई जाती है, और लम्बी आयुवालों में समझ होती तो है। ईश्वर में पूरी बुध्दि और पराक्रम पाए जाते हैं; युक्ति और समझ उसी में हैं।
- Job 8:8–9 अय्यूब 8:8–9अगली पीढ़ी के लोगों से तो पूछ, और जो कुछ उनके पुरखाओं ने जांच पड़ताल की है उस पर ध्यान दे। क्योंकि हम तो कल ही के हैं, और कुछ नहीं जानते; और पृथ्वी पर हमारे दिन छाया की नाई बीतते जाते हैं।
- Proverbs 12:15 नीतिवचन 12:15मूढ़ को अपनी ही चाल सीधी जान पड़ती है, परन्तु जो सम्मति मानता, वह बुद्धिमान है।
- Proverbs 19:20 नीतिवचन 19:20सम्मति को सुन ले, और शिक्षा को ग्रहण कर, कि तू अन्तकाल में बुद्धिमान ठहरे।
- 2 Samuel 17:5–6 2 शमूएल 17:5–6फिर अबशालोम ने कहा, एरेकी हूशै को भी बुला ला, और जो वह कहेगा हम उसे भी सुनें। जब हूशै अबशालोम के पास आया, तब अबशालोम ने उस से कहा, अहीतोपेल ने तो इस प्रकार की बात कही है; क्या हम उसकी बात मानें कि नही? सदि नही, तो तू कह दे।
Original words (Hebrew)
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Rehoboam · H7346רְחַבְעָם Rᵉchabʻâm
- counsel · H3289יָעַץ yâʻats
- old · H2205זָקֵן zâqên
- stood · H5975עָמַד ʻâmad
- before · H6440פָּנִים pânîym
- Solomon · H8010שְׁלֹמֹה Shᵉlômôh
- father · H1אָב ʼâb
- lived · H2416חַי chay
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- What · H349אֵיךְ ʼêyk
- give · H3289יָעַץ yâʻats
- return · H7725שׁוּב shûwb
- answer · H1697דָּבָר dâbâr
- people · H5971עַם ʻam