2 Chronicles · chapter 30 · verse 27
2 Chronicles 30:27 in Hindi
अन्त में लेवीय याजकों ने खड़े होकर प्रजा को आशीर्वाद दिया, और उनकी सुनी गई, और उनकी प्रार्थना उसके पपित्रा धाम तक अर्थात् स्वर्ग तक पहुंची।
Ant mem leveey yaajakom ne khade hokar prajaa ko aasheervaad diyaa, aur unakee sunee gaee, aur unakee praarthanaa usake papitraa dhaam tak arthaat svarg tak pahunchee.
2 Chronicles 30:27 in English
- King James Version (KJV)
- Then the priests the Levites arose and blessed the people: and their voice was heard, and their prayer came [up] to his holy dwelling place, [even] unto heaven.
- World English Bible (WEB)
- Then the Levitical priests arose and blessed the people. Their voice was heard, and their prayer came up to his holy habitation, even to heaven.
- American Standard Version (ASV)
- Then the priests the Levites arose and blessed the people: and their voice was heard, and their prayer came up to his holy habitation, even unto heaven.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then the priests and the Levites gave the people a blessing: and the voice of their prayer went up to the holy place of God in heaven.
- Darby Translation (DBY)
- And the priests the Levites arose and blessed the people; and their voice was heard, and their prayer came up to his holy habitation, to the heavens.
- Webster's Bible (WBS)
- Then the priests the Levites arose and blessed the people: and their voice was heard, and their prayer ascended to his holy dwelling-place, [even] to heaven.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and the priests, the Levites, rise and bless the people, and their voice is heard, and their prayer cometh in to His holy habitation, to the heavens.
Read in context
- 25तब याजकों और लेवियों समेत यहूदा की सारी सभा, और इस्राएल से आए हुओं की सभा, और इस्राएल के देश से आए हुए, और यहूदा में रहनेवाले परदेशी, इन सभों ने आनन्द किया।
- 26सो यरूशलेम में बड़ा आनन्द हुआ, क्योंकि दाऊद के पुत्रा इस्राएल के राजा सुलैमान के दिनों से ऐसी बात यरूशलेम में न हुई थी।
- 27अन्त में लेवीय याजकों ने खड़े होकर प्रजा को आशीर्वाद दिया, और उनकी सुनी गई, और उनकी प्रार्थना उसके पपित्रा धाम तक अर्थात् स्वर्ग तक पहुंची।
Cross references
- Deuteronomy 26:15 व्यवस्थाविवरण 26:15तू स्वर्ग में से जो तेरा पवित्रा धाम है दृष्टि करके अपनी प्रजा इस्राएल को आशीष दे, और इस दूध और मधु की धाराओं के देश की भूमि पर आशीष दे, जिसे तू ने हमारे पूर्वजों से खाई हुई शपथ के अनुसार हमें दिया है।
- Psalm 68:5 भजन संहिता 68:5परमेश्वर अपने पवित्रा धाम में, अनाथों का पिता और विधवाओं का न्यायी है।
- Acts 10:4 प्रेरितों के काम 10:4उस ने उसे ध्यान से देखा; और डरकर कहा; हे प्रभु क्या है उस ने उस से कहा, तेरी प्रार्थनाएं और तेरे दान स्मरण के लिये परमेश्वर के साम्हने पहुंचे हैं।
- Deuteronomy 10:8 व्यवस्थाविवरण 10:8उस समय यहोवा ने लेवी गोत्रा को इसलिये अलग किया कि वे यहोवा की वाचा का सन्दूक उठाया करें, और यहोवा के सम्मुख खड़े होकर उसकी सेवाटहल किया करें, और उसके नाम से आशीर्वाद दिया करें, जिस प्रकार कि आज के दिन तक होता आ रहा है।
- 2 Chronicles 23:18 2 इतिहास 23:18तब यहोयादा ने यहोवा के भवन की सेवा के लिये उन लेवीय याजकों को ठहरा दिया, जिन्हें दाऊद ने यहोवा के भवन पर दल दल करके इसलिये ठहराया था, कि जैसे मूसा की रयवस्था में लिखा है, वैसे ही वे यहोवा को होमबलि चढ़ाया करें, और दाऊद की चलाई हुई विधि के अनुसार आनन्द करें और गाएं।
- Isaiah 57:15 यशायाह 57:15क्योंकि जो महान और उत्तम और सदैव स्थिर रहता, और जिसका नाम पवित्रा है, वह यों कहता है, मैं ऊंचे पर और पवित्रा स्थान में निवास करता हूं, और उसके संग भी रहता हूं, जो खेदित और नम्र हैं, कि, नम्र लोगों के हृदय और खेदित लोगों के मन को हर्षित करूं।
- Isaiah 66:1 यशायाह 66:1यहोवा यों कहता है, आकाश मेरा सिंहासन और पृथ्वी मेरे चरणों की चौकी है; तुम मेरे लिये कैसा भवन बनाओगे, और मेरे विश्राम का कौन सा स्थान होगा?
- Numbers 6:23–26 गिनती 6:23–26हारून और उसके पुत्रों से कह, कि तुम इस्त्राएलियों को इन वचनों से आशीर्वाद दिया करना कि, यहोवा तुझे आशीष दे और तेरी रक्षा करे: यहोवा तुझ पर अपने मुख का प्रकाश चमकाए, और तुझ पर अनुग्रह करे: यहोवा अपना मुख तेरी ओर करे, और तुझे शांति दे।
- 1 Kings 8:30 1 राजा 8:30और तू अपने दास, और अपनी प्रजा इस्राएल की प्रार्थना जिसको वे इस स्थान की ओर गिड़गिड़ा के करें उसे सुनना, वरद स्वर्ग। में से जो तेरा निवासस्थान है सुन लेना, और सुनकर क्षमा करना।
- Isaiah 63:15 यशायाह 63:15स्वर्ग से, जो तेरा पवित्रा और महिमापूर्ण वासस्थान है, दृष्टि कर। तेरी जलन और पराक्रम कहां रहे? तेरी दया और करूणा मुझ पर से हट गई हैं।
- 1 Kings 8:39 1 राजा 8:39तो तू अपने स्वग य निवासस्थान में से सुनकर क्षमा करूना, और ऐसा करना, कि एक एक के मन को जानकर उसकी समस्त चाल के अनुसार उसको फल देना: तू ही तो सब आदमियों के मन के भेदों का जानने वाला है।
Original words (Hebrew)
- priests · H3548כֹּהֵן kôhên
- Levites · H3881לֵוִיִּי Lêvîyîy
- arose · H6965קוּם qûwm
- blessed · H1288בָרַךְ bârak
- people · H5971עַם ʻam
- voice · H6963קוֹל qôwl
- heard · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- prayer · H8605תְּפִלָּה tᵉphillâh
- came · H935בּוֹא bôwʼ
- holy · H6944קֹדֶשׁ qôdesh
- place · H4583מָעוֹן mâʻôwn
- heaven · H8064שָׁמַיִם shâmayim