2 Chronicles · chapter 6 · verse 3
2 Chronicles 6:3 in Hindi
और राजा ने इस्राएल की पूरी सभा की ओर मुंह फेर कर उसको आशीर्वाद दिया, और इस्राएल की पूरी सभा खड़ी रही।
Aur raajaa ne israael kee pooree sabhaa kee or munh pher kar usako aasheervaad diyaa, aur israael kee pooree sabhaa khadee rahee.
2 Chronicles 6:3 in English
- King James Version (KJV)
- And the king turned his face, and blessed the whole congregation of Israel: and all the congregation of Israel stood.
- World English Bible (WEB)
- The king turned his face, and blessed all the assembly of Israel; and all the assembly of Israel stood.
- American Standard Version (ASV)
- And the king turned his face, and blessed all the assembly of Israel: and all the assembly of Israel stood.
- Bible in Basic English (BBE)
- Then, turning his face about, the king gave a blessing to all the men of Israel; and they were all on their feet together.
- Darby Translation (DBY)
- And the king turned his face and blessed the whole congregation of Israel; and the whole congregation of Israel stood.
- Webster's Bible (WBS)
- And the king turned his face, and blessed the whole congregation of Israel: and all the congregation of Israel stood.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the king turneth round his face, and blesseth the whole assembly of Israel, and the whole assembly of Israel is standing,
Read in context
- 1तब सुलैमान कहने लगा, यहोवा ने कहा था, कि मैं घोर अंधकार मैं वास किए रहूंगा।
- 2परन्तु मैं ने तेरे लिये एक वासस्थान वरन ऐसा दृढ़ स्थान बनाया है, जिस में तू युग युग रहे।
- 3और राजा ने इस्राएल की पूरी सभा की ओर मुंह फेर कर उसको आशीर्वाद दिया, और इस्राएल की पूरी सभा खड़ी रही।
- 4और उसने कहा, धन्य है इस्राएल का परमेश्वर यहोवा, जिसने अपने मुंह से मेरे पिता दाऊद को यह वचन दिया था, और अपने हाथों से इसे पूरा किया है,
- 5कि जिस दिन से मैं अपनी प्रजा को मिस्र देश से निकाल लाया, तब से मैं ने न तो इस्राएल के किसी गोत्र का कोई नगर चुना जिस में मेरे नाम के निवास के लिये भवन बनाया जाए, और न कोई मनुष्य चुना कि वह मेरी प्रजा इस्राएल पर प्रधान हो।
Cross references
- 1 Kings 8:14 1 राजा 8:14और राजा ने इस्राएल की पूरी सभा की ओर मुंह फेरकर उसको आशीर्वाद दिया; और पूरी सभा खड़ी रही।
- 1 Kings 8:55–61 1 राजा 8:55–61और खड़ा हो, समस्त इस्राएली सभा को ऊंचे स्वर से यह कहकर आशीर्वाद दिया, कि धन्य है यहोवा, जिस ने ठीक अपने कथन के अनुसार अपनी प्रजा इस्राएल को विश्राम दिया है, जितनी भलाई की बातें उसने अपने दास मूसा के द्वारा कही थीं,उन में से एक भी बिना पूरी हुए नहीं रही। हमारा परमेश्वर यहोवा जैसे हमारे पुरखाओं के संग रहता था, वैसे ही हमारे संग भी रहे, वह हम को त्याग न दे और न हम को छोड़ दे। वह हमारे मन अपनी ओर ऐसा फिराए रखे, कि हम उसके सब माग पर चला करें, और उसकी आज्ञाएं और विधियां और नियम जिन्हें उसने हमारे पुरखाओं को दिया था, नित माना करें। और मेरी ये बातें जिनकी मैं ने यहोवा के साम्हने बिनती की है, वह दिन और रात हमारे परमेश्वर यहोवा के मन में बनी रहें, और जैसा दिन दिन प्रयोजन हो वैसा ही वह अपने दास का और अपनी प्रजा इस्राएल का भी न्याय किया करे, और इस से पृथ्वी की सब जातियां यह जान लें, कि यहोवा ही परमेश्वर है; और कोई दूसरा नहीं। तो तुम्हारा मन हमारे परमेश्वर यहोवा की ओर ऐसी पूरी रीति से लगा रहे, कि आज की नाई उसकी विधियों पर चलते और उसकी आज्ञाएं मानते रहो।
- Nehemiah 8:5–7 नहेमायाह 8:5–7तब एज्रा ने जो सब लोगों से ऊंचे पर था, सभों के देखते उस पुस्तक को खोल दिया; और जब उस ने उसको खोला, तब सब लोग उठ खाड़े हुए। तब एज्रा ने महान परमेश्वर यहोवा को धन्य कहा; और सब लोगों ने अपने अपने हाथ उठाकर आमेन, आमेन, कहा; और सिर झुकाकर अपना अपना माथा भूमि पर टेक कर यहोवा को दणडवत किया। और येशू, बानी, शेरेब्याह, यामीन, अक्कूब, शब्बतै, होदिरयाह, मासेयाह, कलीता, अजर्याह, योजाबाद, हानान और पलायाह नाम लेवीय, लोगों को व्यवस्था समझाते गए, और लोग अपने अपने स्थान पर खड़े रहे।
- Numbers 6:23–27 गिनती 6:23–27हारून और उसके पुत्रों से कह, कि तुम इस्त्राएलियों को इन वचनों से आशीर्वाद दिया करना कि, यहोवा तुझे आशीष दे और तेरी रक्षा करे: यहोवा तुझ पर अपने मुख का प्रकाश चमकाए, और तुझ पर अनुग्रह करे: यहोवा अपना मुख तेरी ओर करे, और तुझे शांति दे। इस रीति से मेरे नाम को इस्त्राएलियों पर रखें, और मैं उन्हें आशीष दिया करूंगा।।
- Matthew 13:2 मत्ती 13:2और उसके पास ऐसी बड़ी भीड़ इकट्ठी हुई कि वह नाव पर चढ़ गया, और सारी भीड़ किनारे पर खड़ी रही।
- Luke 24:50–51 लूका 24:50–51तब वह उन्हें बैतनिरयाह तक बाहर ले गया, और अपने हाथ उठाकर उन्हें आशीष दी। और उन्हें आशीष देते हुए वह उन से अलग हो गया और स्वर्ग से उठा लिया गया।
- 1 Chronicles 16:2 1 इतिहास 16:2जब दाऊद होमबलि और मेलबलि चढ़ा जूका, तब उस ने यहोवा के नाम से प्रजा को आशीर्वाद दिया।
- 2 Chronicles 29:29 2 इतिहास 29:29और जब बलि चढ़ चुकी, तब राजा और जितने उसके संग वहां थे, उन सभों ने सिर झुकाकर दणडवत किया।
- Joshua 22:6 यहोशू 22:6तब यहोशू ने उन्हें आशीर्वाद देकर विदा किया; और वे अपने अपने डेरे को चले गए।।