1 Chronicles · chapter 16 · verse 2
1 Chronicles 16:2 in Hindi
जब दाऊद होमबलि और मेलबलि चढ़ा जूका, तब उस ने यहोवा के नाम से प्रजा को आशीर्वाद दिया।
Jab daaood homabali aur melabali chadhaa jookaa, tab us ne yahovaa ke naam se prajaa ko aasheervaad diyaa.
1 Chronicles 16:2 in English
- King James Version (KJV)
- And when David had made an end of offering the burnt offerings and the peace offerings, he blessed the people in the name of the LORD.
- World English Bible (WEB)
- When David had finished offering the burnt offering and the peace offerings, he blessed the people in the LORD’s name.
- American Standard Version (ASV)
- And when David had made an end of offering the burnt-offering and the peace-offerings, he blessed the people in the name of Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when David had come to an end of making the burned offerings and peace-offerings, he gave the people a blessing in the name of the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- And when David had ended offering up the burnt-offerings and the peace-offerings, he blessed the people in the name of Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- And when David had made an end of offering the burnt-offerings and the peace-offerings, he blessed the people in the name of the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and David ceaseth from offering the burnt-offering and the peace-offerings, and blesseth the people in the name of Jehovah,
Read in context
- 1तब परमेश्वर का सन्दूक ले आकर उस तम्हू में रखा गया जो दाऊद ने उसके लिये खड़ा कराया था; और परमेश्वर के साम्हने होमबलि और मेलबलि चढ़ाए गए।
- 2जब दाऊद होमबलि और मेलबलि चढ़ा जूका, तब उस ने यहोवा के नाम से प्रजा को आशीर्वाद दिया।
- 3और उस ने क्या पुरूष, क्या स्त्री, सब इस्राएलियों को एक एक रोटी और एक एक टुकड़ा मांस और किशमिश की एक एक टिकिया बंटवा दी।
- 4तब उस ने कई लेवियों को इसलिये ठहरा दिया, कि यहोवा के सत्दूक के साम्हने सेवा टहल किया करें, और इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की चर्चा और उसका धन्यवाद और स्तुति किया करें।
Cross references
- Genesis 47:10 उत्पत्ति 47:10और याकूब फिरौन को आशीर्वाद देकर उसके सम्मुख से चला गया।
- 2 Chronicles 30:18–20 2 इतिहास 30:18–20बहुत से लोगों ने अर्थात् एप्रैम, मनश्शे, इस्साकार और जबूलून में से बहुतों ने अपने को शुठ्ठ नहीं किया था, तौभी वे फसह के पशु का मांस लिखी हुई विधि के विरूद्ध खाते थे। क्योंकी हिजकिरयाह ने उनके लिये यह प्रार्थना की थी, कि यहोवा जो भला है, वह उन सभों के पाप ढांप दे; जो परमेश्वर की अर्थात् अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा की खोज में मन लगाए हुए हैं, चाहे वे पवित्रास्थान की विधि के अनुसार शुठ्ठ न भी हों। और यहोवा ने हिजकिरयाह की यह प्रार्थन सुनकर लोगों को चंगा किया।
- 2 Chronicles 30:27 2 इतिहास 30:27अन्त में लेवीय याजकों ने खड़े होकर प्रजा को आशीर्वाद दिया, और उनकी सुनी गई, और उनकी प्रार्थना उसके पपित्रा धाम तक अर्थात् स्वर्ग तक पहुंची।
- Joshua 22:6 यहोशू 22:6तब यहोशू ने उन्हें आशीर्वाद देकर विदा किया; और वे अपने अपने डेरे को चले गए।।
- Leviticus 1:3 लैव्यव्यवस्था 1:3यदि वह गाय बैलों में से होमबलि करे, तो निर्दोष नर मिलापवाले तम्बू के द्वार पर चढ़ाए, कि यहोवा उसे ग्रहण करे।
- Numbers 6:23–27 गिनती 6:23–27हारून और उसके पुत्रों से कह, कि तुम इस्त्राएलियों को इन वचनों से आशीर्वाद दिया करना कि, यहोवा तुझे आशीष दे और तेरी रक्षा करे: यहोवा तुझ पर अपने मुख का प्रकाश चमकाए, और तुझ पर अनुग्रह करे: यहोवा अपना मुख तेरी ओर करे, और तुझे शांति दे। इस रीति से मेरे नाम को इस्त्राएलियों पर रखें, और मैं उन्हें आशीष दिया करूंगा।।
- Genesis 20:7 उत्पत्ति 20:7सो अब उस पुरूष की पत्नी को उसे फेर दे; क्योंकि वह नबी है, और तेरे लिये प्रार्थना करेगा, और तू जीता रहेगा: पर यदि तू उसको न फेर दे तो जान रख, कि तू, और तेरे जितने लोग हैं, सब निश्चय मर जाएंगे।
- 1 Kings 8:55–56 1 राजा 8:55–56और खड़ा हो, समस्त इस्राएली सभा को ऊंचे स्वर से यह कहकर आशीर्वाद दिया, कि धन्य है यहोवा, जिस ने ठीक अपने कथन के अनुसार अपनी प्रजा इस्राएल को विश्राम दिया है, जितनी भलाई की बातें उसने अपने दास मूसा के द्वारा कही थीं,उन में से एक भी बिना पूरी हुए नहीं रही।
- 2 Samuel 6:18 2 शमूएल 6:18जब दाऊद होमबलि और मेलबलि चढ़ा चुका, तब उस ने सेनाओं के यहोवा के नाम से प्रजा को आशीर्वाद दिया।
- Hebrews 7:7 इब्रानियों 7:7और उस में संदेह नहीं, कि छोटा बड़े से आशीष पाता है।
- 2 Chronicles 29:29 2 इतिहास 29:29और जब बलि चढ़ चुकी, तब राजा और जितने उसके संग वहां थे, उन सभों ने सिर झुकाकर दणडवत किया।
- Genesis 47:7 उत्पत्ति 47:7तब यूसुफ ने अपने पिता याकूब को ले आकर फिरौन के सम्मुख खड़ा किया: और याकूब ने फिरौन को आशीर्वाद दिया।