2 Corinthians · chapter 11 · verse 27
2 Corinthians 11:27 in Hindi
परिश्रम और कष्ट में; बार बार जागते रहने में; भूख- पियास में; बार बार उपवास करते में; जाड़े में; उघाड़े रहने में।
Parishram aur kasht mem; baar baar jaagate rahane mem; bhookha- piyaas mem; baar baar upavaas karate mem; jaade mem; ughaade rahane men.
2 Corinthians 11:27 in English
- King James Version (KJV)
- In weariness and painfulness, in watchings often, in hunger and thirst, in fastings often, in cold and nakedness.
- World English Bible (WEB)
- in labor and travail, in watchings often, in hunger and thirst, in fastings often, and in cold and nakedness.
- American Standard Version (ASV)
- [in] labor and travail, in watchings often, in hunger and thirst, in fastings often, in cold and nakedness.
- Bible in Basic English (BBE)
- In hard work and weariness, in frequent watchings, going without food and drink, cold and in need of clothing.
- Darby Translation (DBY)
- in labour and toil, in watchings often, in hunger and thirst, in fastings often, in cold and nakedness.
- Webster's Bible (WBS)
- In weariness and painfulness, in watchings often, in hunger and thirst, in fastings often, in cold and nakedness.
- Young's Literal Translation (YLT)
- in labouriousness and painfulness, in watchings many times, in hunger and thirst, in fastings many times, in cold and nakedness;
Read in context
- 25तीन बार मैं ने बेंतेें खाई; एक बार पत्थरवाह किया गया; तीन बार जहाज जिन पर मैं चढ़ा था, टूट गए; एक राज दिन मैं ने समुद्र में काटा।
- 26मैं बार बार यात्राओं में; नदियों के जोखिमों में; डाकुओं के जोखिमों में; अपने जातिवालों से जोखिमों में; अन्यजातियों से जोखिमों में; नगरों में के जाखिमों में; जंगल के जोखिमों में; समुद्र के जाखिमों में; झूठे भाइयों के बीच जोखिमों में;
- 27परिश्रम और कष्ट में; बार बार जागते रहने में; भूख- पियास में; बार बार उपवास करते में; जाड़े में; उघाड़े रहने में।
- 28और और बातों को छोड़कर जिन का वर्णन मैं नहीं करता सब कलीसियाओं की चिन्ता प्रतिदिन मुझे दबाती है।
- 29किस की निर्बलता से मैं निर्बल नहीं होता? किस के ठोकर खाने से मेरा जी नहीं दुखता?
Cross references
- Philippians 4:12 फिलिप्पियों 4:12मैं दीन होना भी जानता हूं और बढ़ना भी जानता हूं: हर एक बात और सब दशाओं में तृप्त होना, भूखा रहना, और बढ़ना- घटना सीखा है।
- 2 Corinthians 6:5 2 कुरिन्थियों 6:5कोड़े खाने से, कैद होने से, हुल्लड़ों से, परिश्रम से, जागते रहने से, उपवास करने से।
- 1 Thessalonians 2:9 1 थिस्सलुनीकियों 2:9क्योंकि, हे भाइयों, तुम हमारे परिश्रम और कष्ट को स्मरण रखते हो, कि हम ने इसलिये रात दिन काम अन्धा करते हुए तुम में परमेश्वर का सुसमाचार प्रचार किया, कि तुम में से किसी पर भार न हों।
- 2 Thessalonians 3:8 2 थिस्सलुनीकियों 3:8और किसी की रोटी सेंत में न खाई; पर परिश्रम और कष्ट से रात दिन काम धन्धा करते थे, कि तुम में से किसी पर भार न हो।
- 1 Corinthians 4:11–12 1 कुरिन्थियों 4:11–12हम इस घड़ी तक भूखे- प्यासे और नंगे हैं, और घूसे खाते हैं और मारे मारे फिरते हैं; और अपने ही हाथों के काम करके परिश्रम करते हैं। लोग बुरा कहते हैं, हम आशीष देते हैं; वे सताते हैं, हम सहते हैं।
- Acts 13:2–3 प्रेरितों के काम 13:2–3जब वे उपवास सहित प्रभु की उपासना कर रहे था, तो पवित्रा आत्मा ने कहा; मेरे निमित्त बरनबास और शाऊल को उस काम के लिये अलग करो जिस के लिये मैं ने उन्हें बुलाया है। तब उन्हों ने उपवास और प्रार्थना करके और उन पर हाथ रखकर उन्हें विदा किया।।
- James 2:15–16 याकूब 2:15–16यदि कोई भाई या बहिन नगें उघाड़े हों, और उन्हें प्रति दिन भोजन की घटी हो। और तुम में से कोई उन से कहे, कुशल से जाओ, तुम गरम रहो और तृप्त रहो; पर जो वस्तुएं देह के लिये आवश्यक हैं वह उन्हें न दे, तो क्या लाभ?
- Acts 20:34–35 प्रेरितों के काम 20:34–35तुम आप ही जानते हो कि इन्हीं हाथों ने मेरी और मेरे साथियों की आवश्यकताएं पूरी कीं। मैं ने तुम्हें सब कुछ करके दिखाया, कि इस रीति से परिश्रम करते हुए निर्बलों को सम्भालना, और प्रभु यीशु की बातें स्मरण रखना अवश्य है, कि उस ने आप ही कहा है; कि लेने से देना धन्य है।।
- Jeremiah 38:9 यिर्मयाह 38:9हे मेरे स्वामी, हे राजा, उन लोगों ने यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता से जो कुछ किया है वह बुरा किया है, क्योंकि उन्हों ने उसको गड़हे में डाल दिया है; वहां वह भूख से मर जाएगा क्योंकि नगर में कुछ रोटी नहीं रही है।
- 2 Corinthians 11:23 2 कुरिन्थियों 11:23(मैं पागल की नाई कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाते में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में।
- Romans 8:35–36 रोमियों 8:35–36कौन हम को मसीह के प्रेम से अलग करेगा? क्या क्लेश, या संकट, या उपद्रव, या अकाल, या नंगाई, या जोखिम, या तलवार? जैसा लिखा है, कि तेरे लिये हम दिन भर घात किए जाते हैं; हम वध होनेवाली भेंडों की नाई गिने गए हैं।
- Hebrews 11:37 इब्रानियों 11:37पत्थरवाह किए गए; आरे से चीरे गए; उन की परीक्षा की गई; तलवार से मारे गए; वे कंगाली में और क्लेश में और दुख भोगते हुए भेड़ों और बकरियों की खालें ओढ़े हुए, इधर उधर मारे मारे फिरे।
Original words (Greek)
- In · G1722ἐν en
- weariness · G2873κόπος kópos
- and · G2532καί kaí
- painfulness · G3449μόχθος móchthos
- in · G1722ἐν en
- watchings · G70ἀγρυπνία agrypnía
- often · G4178πολλάκις pollákis
- in · G1722ἐν en
- hunger · G3042λιμός limós
- and · G2532καί kaí
- thirst · G1373δίψος dípsos
- in · G1722ἐν en
- fastings · G3521νηστεία nēsteía
- often · G4178πολλάκις pollákis
- in · G1722ἐν en
- cold · G5592ψύχος psýchos
- and · G2532καί kaí
- nakedness · G1132γυμνότης gymnótēs