2 Corinthians · chapter 6 · verse 5
2 Corinthians 6:5 in Hindi
कोड़े खाने से, कैद होने से, हुल्लड़ों से, परिश्रम से, जागते रहने से, उपवास करने से।
Kode khaane se, kaid hone se, hulladom se, parishram se, jaagate rahane se, upavaas karane se.
2 Corinthians 6:5 in English
- King James Version (KJV)
- In stripes, in imprisonments, in tumults, in labours, in watchings, in fastings;
- World English Bible (WEB)
- in beatings, in imprisonments, in riots, in labors, in watchings, in fastings,
- American Standard Version (ASV)
- in stripes, in imprisonments, in tumults, in labors, in watchings, in fastings;
- Bible in Basic English (BBE)
- In blows, in prisons, in attacks, in hard work, in watchings, in going without food;
- Darby Translation (DBY)
- in stripes, in prisons, in riots, in labours, in watchings, in fastings,
- Webster's Bible (WBS)
- In stripes, in imprisonments, in tumults, in labors, in watchings, in fastings;
- Young's Literal Translation (YLT)
- in stripes, in imprisonments, in insurrections, in labours, in watchings, in fastings,
Read in context
- 3हम किसी बात में ठोकर खाने का कोई भी अवसर नहीं देते, कि हमारी सेवा पर कोई दोष न आए।
- 4परन्तु हर बात में परमेश्वर के सेवकों की नाई अपने सद्गुणों को प्रगट करते हैं, बड़े धैर्य से, क्लेशों से, दरिद्रता से, संकटो से।
- 5कोड़े खाने से, कैद होने से, हुल्लड़ों से, परिश्रम से, जागते रहने से, उपवास करने से।
- 6पवित्राता से, ज्ञान से, धीरज से, कृपालुता से, पवित्रा आत्मा से।
- 7सच्चे प्रेम से, सत्य के वचन से, परमेश्वर की सामर्थ से; धार्मिकता के हथियारों से जो दहिने, बाएं हैं।
Cross references
- 2 Corinthians 11:23–25 2 कुरिन्थियों 11:23–25(मैं पागल की नाई कहता हूं) मैं उन से बढ़कर हूं! अधिक परिश्रम करने में; बार बार कैद होने में; कोड़े खाते में; बार बार मृत्यु के जोखिमों में। पांच बार मैं ने यहूदियों के हाथ से उन्तालीस उन्तालीस कोड़े खाए। तीन बार मैं ने बेंतेें खाई; एक बार पत्थरवाह किया गया; तीन बार जहाज जिन पर मैं चढ़ा था, टूट गए; एक राज दिन मैं ने समुद्र में काटा।
- 2 Corinthians 11:27 2 कुरिन्थियों 11:27परिश्रम और कष्ट में; बार बार जागते रहने में; भूख- पियास में; बार बार उपवास करते में; जाड़े में; उघाड़े रहने में।
- Acts 19:23–34 प्रेरितों के काम 19:23–34उस समय में पन्थ के विषय में बड़ा हुल्लड़ हुआ। क्योंकि देमेत्रियुस नाम का ऐ सुनार अरतिमिस के चान्दी के मन्दिर बनवाकर कारीगरों को बहुत काम दिलाया करता था। उस ने उन को, और, और ऐसी वस्तुओं के कारीगरों को इकट्ठे करके कहा; हे मनुष्यो, तुम जानते हो, कि इस काम में हमें कितना धन मिलता है। और तुम देखते और सुनते हो, कि केवल इफिसुस ही में नहीं, बरन प्राय: सारे आसिया में यह कह कहकर इस पौलुस ने बहुत लोगों को समझाया और भरमाया भी है, कि जो हाथ की कारीगरी है, वे ईश्वर नहीं। और अब केवल इसी एक बात का ही डर नहीं, कि हमारे इस धन्धे की प्रतिष्ठा जाती रहेगी; बरन यह कि महान देवी अरतिमिस का मन्दिर तुच्छ समझा जाएगा और जिस सारा आसिया और जगत पूजता है उसका महत्व भी जाता रहेगा। वे यह सुनकर क्रोध से भर गए, और चिल्ला चिल्लाकर कहने लगे, "इफिसियों की अरतिमिस महान है!" और सारे नगर में बड़ा कोलाहल मच गया और लोगों ने गयुस और अरिस्तरखुस मकिदुनियों को जो पौलुस के संगी यात्री थे, पकड़ लिया, और एकचित्त होकर रंगशाला में दौड़ गए। जब पौलुस ने लोगों के पास भीतर जाना चाहा तो चेलों ने उसे जाने न दिया। आसिया के हाकिमों में से भी उसके कई मित्रों ने उसके पास कहला भेजा, और बिनती की, कि रंगशाला में जाकर जोखिम न उठाना। सो कोई कुछ चिल्लाया, और कोई कुछ; क्योंकि सभा में बड़ी गड़बड़ी हो रही थी, और बहुत से लोग तो यह जानते भी नहीं थे कि हम किस लिये इकट्ठे हुए हैं। तब उन्हों ने सिकन्दर को, जिस यहूदियों ने खड़ा किया था, भीड़ में से आगे बढ़ाया, और सिकन्दर हाथ से सैन करके लोगों के साम्हने उत्तर दिया चाहता था। परन्तु जब उन्हों ने जान लिया कि वह यहूदी है, तो सब के सब एक शब्द से कोई दो घंटे तक चिल्लाते रहे, कि इफसियों की अरतिमिस महान है।
- Hebrews 11:36 इब्रानियों 11:36कई एक ठट्ठों में उड़ाए जाने; और कोड़े खाने; वरन बान्धे जाने; और कैद में पड़ने के द्वारा परखे गए।
- Acts 17:5 प्रेरितों के काम 17:5परन्तु यहूदियों ने डाह से भरकर बजारू लोगों में से कई दुष्ट मनुष्यों को अपने साथ में लिया, और भीड़ लगाकर नगर में हुल्लड़ मचाने लगे, और यासोन के घर पर चढ़ाई करके उन्हें लोगों के साम्हने लाना चाहा।
- 2 Timothy 1:8 2 तीमुथियुस 1:8इसलिये हमारे प्रभु की गवाही से, और मुझ से जो उसका कैदी हूं, लज्जित न हो, पर उस परमेश्वर की सामर्थ के अनुसार सुसमाचार के लिये मेरे साथ दुख उठा।
- 1 Kings 22:27 1 राजा 22:27और उन से कह, राजा यों कहता है, कि इसको बन्दीगृह में डालो, और जब तक मैं कुशल से न आऊं, तब तक इसे दु:ख की रोटी और पानी दिया करो।
- Ephesians 3:1 इफिसियों 3:1इसी कारण मैं पौलुस जो तुम अन्यजातियों के लिये मसीह यीशु का बन्धुआ हूं
- 2 Chronicles 16:10 2 इतिहास 16:10तब आसा दश पर क्रोधित हुआ और उसे काठ में ठोंकवा दिया, क्योंकि वहउसकी ऐसी बात के कारण उस पर क्रोधित था। और उसी समय से आसा प्रजा के कुछ लोगों को पीसने भी लगा।
- 1 Corinthians 15:10 1 कुरिन्थियों 15:10परन्तु मैं जो कुछ भी हूं, परमेश्वर के अनुग्रह से हूं: और उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआद्ध परनतु मैं ने उन सब से बढ़कर परिश्रम भी किया: तौभी यह मेरी ओर से नहीं हुआ परन्तु परमेश्वर के अनुग्रह से जो मुझ पर था।
- Acts 16:23–24 प्रेरितों के काम 16:23–24और बहुत बेत लगवाकर उन्हें बन्दीगृह में डाला; और दारोगा को आज्ञा दी, कि उन्हें चौकसी से रखे। उस ने ऐसी आज्ञा पाकर उन्हें भीतर की कोठरी में रखा और उन के पांव काठ में ठोंक दिए।
- Acts 24:27 प्रेरितों के काम 24:27परन्तु जब दो वर्ष बीत गए, तो पुरकियुस फेस्तुस फेलिक्स की जगह पर आया, और फेलिक्स यहूदियों को खुश करने की इच्छा से पौलुस को बन्धुआ छोड़ गया।।